बिजनौर (24 मई, 2026): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद और उसके आस-पास के इलाकों में सूर्य देव के तेवर बेहद तल्ख हो गए हैं। आसमान से आग बरस रही है और झुलसाने वाली गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इसी बीच, मौसम विज्ञान विभाग (IMD), लखनऊ की एक ताजा रिपोर्ट ने चिंताएं और बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी कुछ दिनों तक जनपद में 'उष्ण लहर' (भीषण लू) चलने और रात के समय भी तापमान में गिरावट न होने (गर्म रातों) की प्रबल संभावना है।Read also:-बिजनौर मौसम अलर्ट: 28 से 30 मई तक भारी बारिश और आकाशीय बिजली का कहर! DM जसजीत कौर ने जारी की आपातकालीन एडवाइजरी
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इस गंभीर मौसमी स्थिति और संभावित हीटवेव (Heatwave) के खतरे को देखते हुए, बिजनौर की जिलाधिकारी (DM) श्रीमती जसजीत कौर ने त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने जनपद के दक्षिणी भाग और आस-पास के क्षेत्रों में 27 मई, 2026 तक के लिए हाई अलर्ट घोषित करते हुए आम नागरिकों, किसानों और पशुपालकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस जानलेवा गर्मी से हर एक नागरिक और मवेशी की रक्षा करना है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nवर्तमान में हीटवेव-आपदा के दृष्टिगत ‘‘क्या करें क्या न करें’’ तथा इन आपदाओं से राहत एवं बचाव कैसे करें, के सम्बन्ध में एडवाइजरी जारी की गई। pic.twitter.com/YMjrQYGf6u
\r\n— DM / DEO Bijnor UP (@dmbijnor) May 24, 2026
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दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक: 'डेंजर जोन'
\r\n\r\nजिलाधिकारी जसजीत कौर ने अपनी एडवाइजरी में सबसे अधिक जोर समय के प्रबंधन पर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दिन के समय, विशेषकर दोपहर 12:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक, सूर्य की किरणें सबसे अधिक सीधी और हानिकारक होती हैं। इस समयावधि को 'डेंजर जोन' माना गया है।
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- \r\n अनावश्यक बाहर न निकलें: प्रशासन ने सख्त अपील की है कि जब तक कोई बहुत ही आपातकालीन या अत्यंत आवश्यक कार्य न हो, इस समय के दौरान घरों या दफ्तरों से बाहर धूप में न निकलें।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा आवरण है जरूरी: यदि किसी कारणवश बाहर जाना ही पड़े, तो शरीर को सीधी धूप से बचाएं। बाहर निकलते समय अपने सिर को सूती कपड़े, गमछे, चौड़े किनारे वाली टोपी अथवा छतरी (Umbrella) से अच्छी तरह ढककर ही निकलें। नंगे सिर धूप में जाना हीटस्ट्रोक (Heatstroke) का सबसे बड़ा कारण बनता है।\r\n \r\n
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पहनावा और खान-पान: शरीर को रखें 'हाइड्रेटेड'
\r\n\r\nलू से बचने के लिए हमारे शरीर का तापमान नियंत्रित रहना बहुत जरूरी है, जो हमारे कपड़ों और खान-पान पर निर्भर करता है। प्रशासन ने निम्नलिखित स्वास्थ्य सलाह दी है:
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- \r\n सूती और हल्के रंग के वस्त्र: गर्मी में गहरे रंग के कपड़े ऊष्मा को सोखते हैं। इसलिए हमेशा हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती (Cotton) वस्त्र ही पहनें ताकि शरीर में हवा का प्रवाह बना रहे और पसीना आसानी से सूख सके।\r\n \r\n
- \r\n तरल पदार्थों का भरपूर सेवन: शरीर में पानी की कमी (Dehydration) लू लगने का प्राथमिक कारण है। प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।\r\n \r\n
- \r\n देसी पेय पदार्थों को दें प्राथमिकता: कृत्रिम कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय प्राकृतिक पेय पदार्थों जैसे— नींबू पानी, छाछ (मट्ठा), लस्सी, आम का पन्ना, बेल का शर्बत, नारियल पानी और ओआरएस (ORS) के घोल का अधिक से अधिक सेवन करें। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं।\r\n \r\n
- \r\n खान-पान में सावधानी: गर्मी के मौसम में पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। इसलिए गरिष्ठ, अत्यधिक मसालेदार, ज्यादा तैलीय (Oily) और बासी भोजन के सेवन से पूरी तरह परहेज करें। हमेशा ताजा और हल्का भोजन ही ग्रहण करें।\r\n \r\n
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बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों का रखें खास ख्याल
\r\n\r\nहीटवेव का सबसे जल्दी और घातक असर उन लोगों पर होता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कम होती है।
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- \r\n एडवाइजरी में विशेष रूप से निर्देश दिए गए हैं कि छोटे बच्चों, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से ही गंभीर बीमारियों (जैसे हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह) से ग्रसित व्यक्तियों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखा जाए। उन्हें किसी भी हाल में सीधी धूप के संपर्क में न आने दें।\r\n \r\n
- \r\n चेतावनी (बंद वाहनों के लिए): प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील मुद्दे पर आगाह किया है कि भूलकर भी छोटे बच्चों या पालतू जानवरों को खड़ी हुई कार या बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें। धूप में खड़ी बंद कार के अंदर का तापमान कुछ ही मिनटों में 50 से 60 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है, जो जानलेवा साबित होता है।\r\n \r\n
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किसान भाइयों के लिए कृषि एडवाइजरी
\r\n\r\nबिजनौर के ग्रामीण अंचलों और किसानों के लिए भी मौसम विभाग की सलाह के आधार पर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
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- \r\n हल्की सिंचाई है आवश्यक: चिलचिलाती धूप में खेतों की मिट्टी से नमी बहुत तेजी से खत्म होती है। इसलिए फसलों को झुलसने से बचाने के लिए खेतों में हल्की-हल्की सिंचाई करते रहें ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी (Moisture) बनी रहे।\r\n \r\n
- \r\n फसल कटाई में सावधानी: जिन किसानों की फसलें कटाई के चरण में हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे कटाई का काम सुबह जल्दी या शाम ढलने के बाद करें। साथ ही, कटाई के तुरंत बाद फसल को चिलचिलाती धूप में खेत में अधिक समय तक न छोड़ें, उसे तुरंत किसी सुरक्षित और छायादार स्थान पर भंडारित करें।\r\n \r\n
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पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश (Animal Care in Heatwave)
\r\n\r\nइंसानों की तरह बेजुबान जानवर भी इस भीषण गर्मी से बेहाल होते हैं। जिलाधिकारी ने पशुपालकों (डेयरी किसानों) को सख्त निर्देश दिए हैं:
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- \r\n छायादार स्थान: अपने मवेशियों (गाय, भैंस, बकरी आदि) को कड़ी धूप में न बांधें। उन्हें किसी पक्की छत, टीन शेड (जिसके नीचे हवा का प्रवाह हो) या घने पेड़ों की ठंडी छांव में ही रखें।\r\n \r\n
- \r\n पानी की पर्याप्त व्यवस्था: पशुओं के लिए हर समय पीने का ताजा और साफ पानी उपलब्ध रखें। गर्मी के कारण जानवरों को भी डिहाइड्रेशन होता है। उन्हें दिन में कम से कम 2-3 बार नहलाएं ताकि उनके शरीर का तापमान सामान्य रहे।\r\n \r\n
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एक नज़र में: क्या करें और क्या न करें (Quick DOs & DONTs)
\r\n\r\n| \r\n क्या करें (DOs) \r\n | \r\n \r\n क्या न करें (DONTs) \r\n | \r\n
| \r\n घर से बाहर निकलते समय सिर और चेहरा ढकें। \r\n | \r\n \r\n दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। \r\n | \r\n
| \r\n भरपूर मात्रा में पानी और ओआरएस (ORS) पिएं। \r\n | \r\n \r\n शराब, चाय, कॉफी या अधिक मीठे पेय पदार्थों से बचें। \r\n | \r\n
| \r\n हल्के रंग के और सूती वस्त्र पहनें। \r\n | \r\n \r\n गहरे रंग के और सिंथेटिक टाइट कपड़े न पहनें। \r\n | \r\n
| \r\n पालतू जानवरों को ठंडी जगह पर रखें। \r\n | \r\n \r\n बच्चों या जानवरों को बंद कार में न छोड़ें। \r\n | \r\n
| \r\n ताजा और हल्का भोजन खाएं। \r\n | \r\n \r\n बासी, मसालेदार और जंक फूड का सेवन न करें। \r\n | \r\n
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जिला प्रशासन की अपील:
\r\n\r\nजिलाधिकारी जसजीत कौर ने जनपद बिजनौर के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस हीटवेव को बिल्कुल भी हल्के में न लें। यह मौसम न केवल स्वास्थ्य को बिगाड़ सकता है बल्कि लापरवाही बरतने पर जानलेवा भी हो सकता है। मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। स्वयं सुरक्षित रहें, अपने परिवार को सुरक्षित रखें और इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने पड़ोसियों तथा रिश्तेदारों के साथ भी साझा करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.