उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक बेहद दर्दनाक और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। शहर कोतवाली के अंदर खुद को आग के हवाले करने वाली 25 वर्षीय होनहार खिलाड़ी आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई है। बिजनौर महिला रेसलर की मौत सोमवार रात 10 बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हो गई। पीड़िता पिछले 8 दिनों से अस्पताल के बर्न वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी।READ ALSO:-मेरठ में ब्रांडेड कंपनियों के 'नकली' बिजली तारों का भंडाफोड़: दिल्ली से लाकर मेरठ में बदली जा रही थी पैकिंग; 5 बड़ी कंपनियों के 351 बंडल बरामद
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रेसलर ने सेना के एक जवान (फौजी) पर शादी का झांसा देकर रेप करने का संगीन आरोप लगाते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। आरोपी पर पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से वह हताश हो चुकी थी। इसी निराशा में उसने 21 जून की रात शहर कोतवाली में इंस्पेक्टर के सामने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी। 
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कोतवाली में आत्मदाह और 8 दिन का दर्दनाक संघर्ष

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21 जून की रात करीब साढ़े 10 बजे जब महिला रेसलर ने बिजनौर शहर कोतवाली में खुद को आग लगाई, तो पूरे थाने में हड़कंप मच गया था। आग की लपटों में घिरी युवती को देखकर पुलिसवालों के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने कंबल और पानी डालकर जैसे-तैसे आग बुझाई, लेकिन तब तक वह 60% से अधिक झुलस चुकी थी।
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गंभीर हालत को देखते हुए उसे रातों-रात पहले मेरठ और फिर 22 जून को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। आज दिल्ली में पोस्टमॉर्टम होने के बाद उसका शव वापस बिजनौर लाया जाएगा। बिजनौर महिला रेसलर की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बिजनौर महिला रेसलर की मौत: क्या था पूरा मामला?

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इस पूरे दुखद घटनाक्रम की जड़ में न्याय पाने की एक लंबी और हताश करने वाली लड़ाई छिपी है। युवती बिजनौर के किरतपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। 25 साल की उम्र में उसने एमएससी (M.Sc) की पढ़ाई पूरी कर ली थी और वह एक बेहतरीन जिला स्तरीय रेसलर (पहलवान) भी थी।
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युवती का पारिवारिक जीवन भी काफी संघर्षपूर्ण रहा था। उसके सगे पिता पेशे से होमगार्ड थे, जिनकी काफी समय पहले डीएम आवास पर हुए एक गोलीकांड में दुखद मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी मां ने नरेश कुमार नाम के व्यक्ति से दूसरी शादी कर ली थी। इस परिवार में युवती का एक भाई भी है।
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फौजी से मुलाकात और प्यार का झांसा

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नवंबर 2025 में रेसलर ने शहर कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज कराया था। यह एफआईआर स्वाहेड़ी मोहल्ले के रहने वाले सेना के जवान सौरभ के खिलाफ थी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि करीब तीन साल पहले उसकी मुलाकात सौरभ से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों करीब आ गए। फौजी सौरभ ने रेसलर से शादी करने का पक्का वादा किया था, लेकिन बाद में वह अपनी बात से मुकर गया। शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया गया। 
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पुलिस की हीलाहवाली और हाईकोर्ट का स्टे

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इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही। बिजनौर के एसपी अभिषेक झा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि युवती ने फौजी सौरभ के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए मामले में अंतिम रिपोर्ट (FR) लगा दी थी।
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इसके बाद हार न मानते हुए युवती ने दोबारा युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद इस बार पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। हालांकि, इसी बीच आरोपी फौजी सौरभ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और वहां से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे (Stay Order) ले लिया।
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आत्मदाह वाले दिन (21 जून) की पूरी कहानी

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गिरफ्तारी पर स्टे मिलने के बाद आरोपी बेखौफ हो गया था, जबकि पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटक रही थी। सिलसिलेवार तरीके से उस दिन की घटना इस प्रकार है:
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    दोपहर में थाने पहुंची: रविवार (21 जून) की दोपहर रेसलर अपनी मां के साथ शहर कोतवाली पहुंची थी। वह पुलिस से लगातार सौरभ की गिरफ्तारी और उस पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रही थी। लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे समझा-बुझाकर वापस घर भेज दिया।
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    रात को उठाया खौफनाक कदम: न्याय न मिलने की हताशा में वह रविवार रात करीब 10:45 बजे फिर से थाने पहुंची। इस बार वह सीधे इंस्पेक्टर अमर सिंह राठौर के चैंबर में गई और फौजी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गई।
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    खुद को लगाई आग: जब पुलिसकर्मियों ने उसकी बात नहीं सुनी, तो उसने अचानक बोतल से अपने ऊपर पेट्रोल छिड़का और आग लगा ली।
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    सौतेले पिता पर पुलिस का दावा: घटना के बाद पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर यह दावा भी किया था कि रेसलर को पेट्रोल उसके सौतेले पिता नरेश कुमार ने लाकर दिया था।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंची पुलिस

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बिजनौर महिला रेसलर की मौत के बाद अब पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। आत्मदाह की घटना के तुरंत बाद 22 जून को ही एसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर अमर सिंह राठौर को सस्पेंड कर दिया था।
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आत्मदाह के बाद युवती की मां की दी गई तहरीर के आधार पर फौजी सौरभ, उसके भाई गौरव सहित कुल 6 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का गंभीर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी सौरभ का भाई गौरव भी सेना में है और वर्तमान में दोनों भाइयों की तैनाती जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में है। मामले में पुलिस आरोपी फौजी के चाचा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। 
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एएसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया, "हमारी पुलिस टीमें जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सेना मुख्यालय पहुंच चुकी हैं। दोनों आरोपी भाइयों को पुलिस कस्टडी में लेने के लिए सेना के उच्च अधिकारियों से लगातार बातचीत चल रही है। बाकी फरार 6 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही सभी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।"
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बिजनौर महिला रेसलर की मौत हमारे समाज और सिस्टम की एक बहुत बड़ी विफलता को दर्शाती है। एक पढ़ी-लिखी, जिला स्तरीय खिलाड़ी का न्याय के लिए पुलिस थाने के भीतर खुद को जला लेना यह बताता है कि कानून व्यवस्था में अभी भी पीड़ितों की सुनवाई किस स्तर पर हो रही है। अब जब पीड़िता इस दुनिया में नहीं रही, तो पुलिस और प्रशासन की यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि बिना किसी दबाव के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और मृतका के परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए। 
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