उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में जिला प्रशासन ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों और देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों के परिजनों (वीर नारियों) के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित 'जिला सैनिक बंधु समिति' की उच्चस्तरीय बैठक में जिलाधिकारी (डीएम) जसजीत कौर ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दोटूक शब्दों में निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों की किसी भी समस्या को लंबित न रखा जाए, बल्कि उसका प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
\r\n\r\nजिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में जिलेभर से आए सैकड़ों पूर्व सैनिकों, सैन्य अधिकारियों और वीर नारियों ने अपनी-अपनी व्यक्तिगत एवं सामाजिक समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। डीएम ने हर एक फरियादी की बात को न केवल बेहद गंभीरता और सहानुभूतिपूर्वक सुना, बल्कि मौके पर ही संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों को त्वरित कार्रवाई के लिए कड़े निर्देश भी जारी किए।
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तहसील स्तर पर लगेंगी बैठकें, धामपुर और चांदपुर पर विशेष ध्यान
\r\n\r\nबैठक के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने आई कि बिजनौर जिला भौगोलिक दृष्टि से काफी विस्तृत है। सुदूर तहसीलों जैसे धामपुर और चांदपुर से पूर्व सैनिकों और बुजुर्ग वीर नारियों को अपनी छोटी-छोटी राजस्व या पुलिस संबंधी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय (बिजनौर सदर) तक का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
\r\n\r\nइस व्यावहारिक समस्या को भांपते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मौके पर मौजूद जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिला सैनिक बंधु की आगामी बैठकें केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रखकर धामपुर और चांदपुर जैसी प्रमुख तहसीलों में भी आयोजित की जाएं। तहसील स्तरीय बैठकों में संबंधित उपजिलाधिकारी (SDM), क्षेत्राधिकारी (CO Police), तहसीलदार, थाना अध्यक्ष और राजस्व निरीक्षकों की मौजूदगी अनिवार्य की जाएगी। इससे भूमि विवाद, पैमाइश, रास्ते के झगड़े और स्थानीय पुलिस से जुड़े मामलों का निस्तारण तहसील स्तर पर ही त्वरित गति से संभव हो सकेगा।
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कारगिल विजय दिवस पर अमर्यादित टिप्पणी मामला: एफआईआर के आदेश
\r\n\r\nजिला सैनिक बंधु की इस बैठक में केवल स्थानीय शिकायतें ही नहीं उठीं, बल्कि देश के वीरों के सम्मान से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला भी पुरजोर तरीके से उठाया गया। पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई कि बीते 26 जुलाई को 'कारगिल विजय दिवस' के पावन अवसर पर लद्दाख क्षेत्र में एक महिला द्वारा भारतीय सेना और देश के वीर जवानों पर अत्यंत अभद्र, अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।
\r\n\r\nइस घटना से बिजनौर जिले के पूर्व सैनिकों, सेवारत जवानों और उनके परिजनों में भारी रोष व्याप्त है। पूर्व सैनिकों ने एक स्वर में मांग की कि देश के जवानों का अपमान करने वाली ऐसी मानसिकता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए और संबंधित महिला के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बैठक में मौजूद पुलिस अधीक्षक नगर (SP City) केजी सिंह को तत्काल इस संदर्भ में नियमानुसार कड़ी विधिक कार्रवाई एवं कानूनी प्रक्रिया अमल में लाने के निर्देश दिए।
\r\n\r\nअतिक्रमण, भूमि पैमाइश और अवैध कब्जों पर प्रशासन का चाबुक
\r\n\r\nबैठक में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों द्वारा सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, खेतों पर अवैध कब्जे और पैमाइश में हो रही देरी को लेकर दर्ज कराई गईं। कई पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया कि जब वे सीमा पर तैनात थे या सेवानिवृत्त होकर घर लौटे, तो दबंगों द्वारा उनकी कृषि भूमि या आवासीय भूखंडों पर अवैध कब्जे कर लिए गए।
\r\n\r\nजिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सैनिकों की भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले किसी भी दबंग को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां भी पैमाइश या बेदखली का मामला पेंडिंग है, वहां पुलिस बल की मौजूदगी में तत्काल टीम भेजकर नाप-जोख कराई जाए और अवैध कब्जा हटाकर भूमि पीड़ित पूर्व सैनिक को सौंपी जाए।
\r\n\r\nनागरिक सुविधाओं का विस्तार: सेंट मैरी स्कूल से बीजेपी कार्यालय तक बनेगी सड़क
\r\n\r\nसैनिकों और आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए बैठक में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास का मुद्दा भी उठा। पूर्व सैनिकों द्वारा सेंट मैरी स्कूल से लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय तक जाने वाली जर्जर सड़क के नवनिर्माण की पुरजोर मांग रखी गई।
\r\n\r\nयह मार्ग रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चों, स्थानीय नागरिकों और कलेक्ट्रेट आने वाले फरियादियों के आवागमन का प्रमुख केंद्र है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। इस मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने संबंधित कार्यदायी संस्था और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
\r\n\r\nबैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी और सैन्य प्रतिनिधि रहे मौजूद
\r\n\r\nजिला सैनिक बंधु की यह बैठक प्रशासनिक और सैन्य तालमेल की एक बेहतरीन मिसाल रही। इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर के अलावा प्रशासनिक अमले से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) देवेंद्र पाल सिंह, पुलिस विभाग से पुलिस अधीक्षक नगर (SP City) केजी सिंह, मुख्य कोषाधिकारी (Chief Treasury Officer) तथा सैन्य विभाग से जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त कैप्टन अनिल कुमार गुप्ता विशेष रूप से मंच पर मौजूद रहे।
\r\n\r\nइसके अलावा जिलेभर से आए दर्जनों पूर्व सैन्य अधिकारी, जेसीओ (JCOs), अन्य रैंकों के सेवानिवृत्त जवान, अमर शहीदों की वीरांगनाएं (वीर नारियां) और उनके आश्रित भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने जिलाधिकारी द्वारा समस्याओं के निस्तारण के लिए दिखाए गए त्वरित और सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की।
\r\n\r\nजिला प्रशासन की इस पहल से जिले के पूर्व सैनिकों में एक नया विश्वास जगा है कि उनकी सेवाओं का सम्मान करते हुए उनकी समस्याओं का निस्तारण अब बंद कमरों में नहीं, बल्कि धरातल पर पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
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