उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर ने कुपोषण और आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रबंधन पर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। DM जसजीत कौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर जमीनी बदलाव दिखने चाहिए।READ ALSO:-यूपी पर 48 घंटे भारी: 'मोंथा' तूफान तबाही मचाने को तैयार, 33 जिलों में 50 KMPH हवा के साथ भारी बारिश-बिजली का अलर्ट
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कुपोषण के खिलाफ 'सशक्त केंद्र' बनाने पर जोर
\r\n\r\nजिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों को सिर्फ पोषाहार वितरण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों और माताओं के लिए एक सशक्त केंद्र बनाया जाना चाहिए। कुपोषण को जिले से खत्म करने के लिए उन्होंने पारदर्शिता और नियमित निगरानी को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
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- \r\n डीएम का रुख: बैठक की शुरुआत में ही डीएम जसजीत कौर ने कड़े शब्दों में कहा कि उन्हें 'कागजों में नहीं, जमीनी बदलाव' चाहिए। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया।\r\n \r\n
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सुविधाओं और पारदर्शिता पर फोकस
\r\n\r\nबैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने ICDS से जुड़े सभी अधिकारियों को आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने के लिए विस्तृत निर्देश दिए।
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- \r\n बुनियादी सुविधाएं: डीएम ने निर्देश दिया कि हर आंगनवाड़ी केंद्र पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली की उचित व्यवस्था और बच्चों का वजन करने के लिए वजन की मशीन जैसे सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध होना अनिवार्य है।\r\n \r\n
- \r\n पोषाहार वितरण: पोषाहार वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बच्चों की नियमित निगरानी (Regular Monitoring) की उचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि कुपोषण को सही ढंग से ट्रैक किया जा सके।\r\n \r\n
- \r\n उपस्थिति: बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी शीतल वर्मा, जिला विकास अधिकारी रचना गुप्ता, सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।\r\n \r\n
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मॉडल केंद्र बनाने की तैयारी
\r\n\r\nजिलाधिकारी के निर्देशन के बाद, जिले के अधिकारी अब आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाने की दिशा में काम शुरू करेंगे।
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- \r\n सीडीओ का बयान: मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने कहा कि, "DM जसजीत कौर के निर्देशन में जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र नई मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे।" उन्होंने बताया कि प्राथमिकता बच्चों के पोषण और शिक्षा को बेहतर बनाने की होगी।\r\n \r\n
- \r\n कड़ी कार्यवाही की चेतावनी: जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के भविष्य के प्रति लापरवाही दिखाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।\r\n \r\n
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बिजनौर में दिखेगा बदलाव
\r\n\r\nडीएम जसजीत कौर की इस सख्ती से बिजनौर के आंगनवाड़ी केंद्रों के कामकाज में जल्द ही सुधार देखने को मिलने की उम्मीद है। कुपोषण के खिलाफ यह मॉडल केंद्र अभियान जिले के बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.