उत्तर प्रदेश के बिजनौर रोडवेज डिपो में मुजफ्फरनगर निवासी बस ड्राइवर धर्मेंद्र ने बस के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह 4 दिन पहले ही संविदा पर नौकरी पर आया था। शुरुआती जांच में पत्नी से
Published at : 08 Apr 2026, 08:42 AM
Updated at : 11 Sep 2026, 10:16 AM
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Bijnor Bus Driver Suicide Inside Roadways Bus After Dispute
बिजनौर (8 अप्रैल 2026): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रोडवेज विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। बिजनौर रोडवेज डिपो (Bijnor Roadways Depot) में खड़ी एक बस के अंदर उसी बस के नवनियुक्त ड्राइवर ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना का खुलासा बुधवार की सुबह तब हुआ, जब बस का कंडक्टर ड्यूटी के लिए पहुंचा और उसने बस के अंदर का खौफनाक मंजर देखा।
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#BijnorPolice \r\nथाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत रोडवेज बस स्टैण्ड, बिजनौर पर बस चालक द्वारा फाँसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना के संबंध में की जा रही पुलिस कार्यवाही के संंबंध में क्षेत्राधिकारी नगर जनपद बिजनौर सर की बाइट ।#UPPolicepic.twitter.com/c73224RgUR
मृतक की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी 33 वर्षीय धर्मेंद्र के रूप में हुई है, जिसने महज चार दिन पहले ही बिजनौर डिपो में संविदा चालक के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। प्रथम दृष्टया इस आत्महत्या के पीछे का कारण पारिवारिक कलह और पत्नी के साथ हुआ विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच कर रही है।
बुधवार की वह मनहूस सुबह: कंडक्टर ने जो देखा, वह खौफनाक था
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बुधवार की सुबह बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड पर रोजमर्रा की तरह हलचल शुरू हो रही थी। मुजफ्फरनगर रूट पर चलने वाली बस नंबर 6614 का कंडक्टर सलमान अपनी निर्धारित ड्यूटी के लिए बस अड्डे पर पहुंचा। उसने सबसे पहले ड्राइवर धर्मेंद्र को फोन मिलाया, लेकिन फोन की घंटी बजती रही और दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
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लगातार फोन न उठने पर सलमान को थोड़ी चिंता हुई और वह सीधे बस के पास पहुंच गया। जैसे ही उसने बस का दरवाजा खोला और अंदर झांका, उसके होश उड़ गए। बस के भीतर, ड्राइवर धर्मेंद्र का शरीर उसके ही गमछे के फंदे से लटका हुआ था। यह दृश्य देखकर सलमान के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद डिपो में मौजूद अन्य कर्मचारी और अधिकारी मौके पर दौड़ पड़े। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई।
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मृतक की पृष्ठभूमि: कौन था धर्मेंद्र और कैसी थी उसकी जिंदगी?
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पुलिस और रोडवेज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 33 वर्षीय मृतक धर्मेंद्र मूल रूप से पड़ोसी जिले मुजफ्फरनगर के मीरापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला मुश्तरक का निवासी था। उसके पिता का नाम रामचंद्र है। धर्मेंद्र पेशे से एक कुशल चालक था और अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए लंबे समय से गाड़ियां चला रहा था।
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परिवार में कौन-कौन है? धर्मेंद्र की शादी को लगभग 15 साल हो चुके थे। उसका एक भरा-पूरा परिवार था। उसके परिवार में उसकी पत्नी के अलावा चार छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी और तीन बेटे शामिल हैं। धर्मेंद्र की अचानक हुई इस मौत ने इन चार मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया है। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट भी खड़ा हो गया है।
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रोडवेज विभाग के अनुसार, धर्मेंद्र पहले मुजफ्फरनगर में ही प्राइवेट बसों पर प्रचालन का कार्य करता था। परिवार की बढ़ती जिम्मेदारियों और एक सुरक्षित आय की तलाश में उसने रोडवेज का रुख किया था।
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बिजनौर के एआरएम (Assistant Regional Manager) अशोक कुमार ने इस पूरी घटना पर आधिकारिक बयान देते हुए बताया कि धर्मेंद्र को महज चार दिन पहले ही बिजनौर डिपो में संविदा (Contract) के आधार पर ड्राइवर के पद पर रखा गया था। उसे मुजफ्फरनगर रूट की बस (नंबर 6614) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एआरएम ने यह भी जानकारी दी कि इस बस पर पहले फारुख नाम का ड्राइवर तैनात था। फारुख के हटने के बाद ही तीन-चार दिन पहले धर्मेंद्र ने इस बस की स्टेयरिंग संभाली थी। किसे पता था कि यह नौकरी उसके जीवन का अंतिम सफर बन जाएगी।
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आत्महत्या का कारण: पत्नी से विवाद और वो 4 दिन
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हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर एक व्यक्ति जिसे चार दिन पहले ही नई नौकरी मिली हो, वह इतना खौफनाक कदम क्यों उठाएगा? पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में जो सबसे बड़ी वजह निकलकर सामने आ रही है, वह है 'पारिवारिक कलह'।
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बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र का अपनी पत्नी के साथ पिछले कुछ समय से गंभीर विवाद चल रहा था। चार दिन पहले जब वह मुजफ्फरनगर से बिजनौर अपनी ड्यूटी जॉइन करने के लिए घर से निकला था, तब भी संभवतः घर में कोई अनबन हुई थी। इसके बाद से वह एक बार भी अपने घर वापस नहीं लौटा था।
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कंडक्टर सलमान ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि मंगलवार रात ड्यूटी खत्म होने के बाद वह (सलमान) अपने घर चला गया था। धर्मेंद्र ने भी उससे कहा था कि वह घर जा रहा है। लेकिन, ऐसा प्रतीत होता है कि वह घर जाने के बजाय देर रात वापस रोडवेज डिपो लौट आया और मानसिक तनाव व डिप्रेशन के चलते बस के अंदर ही फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
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संदेह के घेरे में 'मुड़े हुए पैर': क्या कहती है पुलिस?
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इस मामले में पुलिसिया जांच भी तेज हो गई है। नगर कोतवाली क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारा। हालांकि, घटना स्थल पर एक चीज जिसने सभी का ध्यान खींचा, वह यह थी कि जब धर्मेंद्र का शव फंदे से लटक रहा था, तो उसके पैर मुड़े हुए थे और बस की जमीन (फर्श) को छू रहे थे।
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आमतौर पर फांसी के मामलों में शरीर पूरी तरह से हवा में झूल जाता है, लेकिन पैर जमीन पर टिके होने की स्थिति (Partial Suspension Hanging) कई बार घटना को संदिग्ध भी बना देती है। हालांकि, फोरेंसिक साइंस में इस तरह की आत्महत्याएं भी संभव मानी जाती हैं।
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बिजनौर के सीओ (Circle Officer) ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, "बुधवार सुबह थाना कोतवाली नगर को सूचना मिली थी कि बस अड्डे पर एक ड्राइवर ने बस के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया गया है और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।"
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पूरा मामला पत्नी से विवाद और उसके कारण उपजे मानसिक तनाव का लग रहा है। हालांकि, मौत का स्पष्ट और आधिकारिक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह से साफ हो पाएगा। एआरएम अशोक कुमार ने भी यही कहा है कि आत्महत्या के सटीक कारणों का खुलासा पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट ही करेगी।
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एक दर्दनाक अंत
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धर्मेंद्र की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि एक पूरे परिवार का बिखर जाना है। एक पिता जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए नई नौकरी पर आया था, वह पारिवारिक कलह की भेंट चढ़ गया। यह घटना समाज में बढ़ रहे मानसिक तनाव, पारिवारिक संवादहीनता और डिप्रेशन के खतरनाक परिणामों की ओर भी एक बड़ा इशारा करती है। फिलहाल, मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और पूरे मुजफ्फरनगर और बिजनौर डिपो में इस घटना को लेकर शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस की आगे की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही इस दर्दनाक घटना के बाकी छुपे हुए राज सामने आ सकेंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.