उत्तर प्रदेश इस समय कुदरत के एक ऐसे 'कोल्ड अटैक' (Cold Attack) का सामना कर रहा है, जिसने जनजीवन की रफ्तार को पूरी तरह से थाम दिया है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी ने मैदानी इलाकों को 'फ्रीजर' में तब्दील कर दिया है। आगरा के ताजमहल से लेकर गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर तक और मेरठ के क्रांति चौक से लेकर वाराणसी के घाटों तक—पूरा प्रदेश कोहरे की एक मोटी, अभेद्य चादर में लिपटा हुआ है।READ ALSO:-मेरठ के 'डॉन' विनय त्यागी का अंत: एम्स में तोड़ा दम, घर पहुंचा शव; पेशी के दौरान 'फिल्मी स्टाइल' में गोलियों से भूनने वाले 2 शूटर गिरफ्तार
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के 45 जिले घने कोहरे (Dense Fog) की चपेट में हैं। इनमें से 18 जिले ऐसे हैं जहां दृश्यता (Visibility) शून्य यानी जीरो तक पहुंच गई है। हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और आसमान से टपकती ओस की बूंदें हल्की बारिश जैसा अहसास करा रही हैं। गोरखपुर और बलिया में सुबह के वक्त सड़कें और फर्श पूरी तरह भीगे हुए नजर आए, मानो रात भर बरसात हुई हो।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि यूपी के किस जिले में ठंड का क्या हाल है, कहां हादसों ने जान ली, बुलन्दशहर में कार कैसे आग का गोला बनी और किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने इस मौसम में क्या विशेष सलाह दी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मेरठ: यूपी का 'कोल्ड स्पॉट', शिमला जैसी ठिठुरन और जहरीली हवा

\r\n\r\n
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ जिला इस समय प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान (Coldest District) बना हुआ है। यहां कड़ाके की सर्दी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    तापमान का टॉर्चर: मेरठ में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इसे मैदानी इलाकों में सबसे ठंडा बनाता है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार, शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 19.5°C और रात का न्यूनतम तापमान 8.4°C (औसत) दर्ज किया गया था, लेकिन खुले इलाकों में पारा इससे भी नीचे चला गया।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    हवा में जहर: ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी मेरठ का दम घोंट दिया है। शहर की हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गई है और मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 328 रिकॉर्ड किया गया है। कोहरे और धुएं के मिश्रण (Smog) ने लोगों का सांस लेना दूभर कर दिया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    विजिबिलिटी और जनजीवन: सुबह से ही शहर पर कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता घटकर महज 10 मीटर रह गई। डॉक्टरों का कहना है कि जरूरी हो तभी घरों से बाहर निकलें, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को इस मौसम में खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बिजनौर: 4.8 डिग्री पर जमी जिंदगी, घरों में कैद हुए लोग

\r\n\r\n
बिजनौर जिला भी शीतलहर की मार झेल रहा है। यहां न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह जिला प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में शुमार हो गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    लुढ़कता पारा (Weather Statistics): नगीना कृषि अनुसंधान केंद्र के आंकड़ों ने ठंड की भयावहता को स्पष्ट किया है।
    \r\n\r\n
      \r\n
    • \r\n
      25 दिसंबर: अधिकतम 20.4°C, न्यूनतम 6.6°C, आर्द्रता 88%
      \r\n
    • \r\n
    • \r\n
      26 दिसंबर: अधिकतम 21.8°C, न्यूनतम 5.5°C, आर्द्रता 90%
      \r\n
    • \r\n
    • \r\n
      27 दिसंबर: अधिकतम 22.0°C, न्यूनतम 4.8°C, आर्द्रता 92%
      \r\n
    • \r\n
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जनजीवन पर असर: शुक्रवार रात से ही जिले में घना कोहरा छाना शुरू हो गया था, जो शनिवार और रविवार को और भी सघन हो गया। दिन में कभी-कभी धूप निकलने के बावजूद, हल्की बर्फीली हवाओं के कारण ठंड का असर (Wind Chill Factor) लगातार बना हुआ है। अधिकांश बाजारों और प्रमुख चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग अलाव और हीटर के सहारे दिन काटने को मजबूर हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

हादसों का शनिवार: बुलन्दशहर में कोहरे ने बरपाया कहर

\r\n\r\n
घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से सड़कें 'डेथ ट्रैप' बन गई हैं। शनिवार को प्रदेश भर में कोहरे के चलते 5 बड़े सड़क हादसे हुए, जिनमें 30 गाड़ियां आपस में टकरा गईं और करीब 15 लोग घायल हुए। प्रदेश में बीते एक हफ्ते में ठंड की वजह से पांच लोगों की मौत की खबर भी चिंताजनक है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बुलन्दशहर की 'जलती कार' का सच: बुलन्दशहर में कोहरे के कहर की एक डरावनी तस्वीर सामने आई। यहां घने कोहरे के चलते एक ब्रेजा कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे सरकारी नल से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के इंजन में शॉर्ट सर्किट हुआ और गाड़ी ने तुरंत आग पकड़ ली। गनीमत यह रही कि कार में सवार सेना के जवान ने गजब की फुर्ती दिखाई और जलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते कार पूरी तरह जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गई। यह घटना हर वाहन चालक के लिए एक चेतावनी है कि कोहरे में रफ्तार पर काबू रखना जिंदगी और मौत का सवाल हो सकता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ट्रांसपोर्ट सिस्टम ध्वस्त: पटरियों पर रेंगती ट्रेनें, हवा में लटके विमान

\r\n\r\n
कोहरे ने भारतीय रेलवे और विमानन सेवाओं की कमर तोड़ दी है। यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशनों पर यात्री ठिठुरते हुए अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
रेलवे का हाल (Train Delays): गोरखपुर, जालौन और वाराणसी रेलवे स्टेशनों पर 50 से ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2 से 10 घंटे की देरी से पहुंचीं। प्रमुख लेट ट्रेनों की स्थिति इस प्रकार है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    लखनऊ–चंडीगढ़ एक्सप्रेस: 4 घंटे देरी से।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सद्भावना एक्सप्रेस: 4 घंटे देरी से।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    लखनऊ इंटरसिटी: 4 घंटे देरी से।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अलीगढ़–बरेली पैसेंजर: 3 घंटे देरी से।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पूर्णागिरि जनशताब्दी: 2 घंटे देरी से।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

एयरपोर्ट और हाईवे अपडेट:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    गोरखपुर एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी कम होने के कारण 4 फ्लाइट्स देरी से लैंड कर सकीं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दिल्ली-देहरादून हाईवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते हुए दिखाई दिए। दोपहर 12 बजे तक कोहरा इतना घना था कि ड्राइवरों को दिन में भी हेडलाइट और फॉग लाइट जलानी पड़ी। सबसे अधिक परेशानी एंबुलेंस और मरीजों को झेलनी पड़ी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बरेली, संभल और बदायूं: कोहरे का 'रेड जोन'

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    बरेली: रविवार सुबह यहां विजिबिलिटी 'शून्य' रिकॉर्ड की गई। शहर पूरी तरह सफेद चादर में ढका नजर आया। न्यूनतम तापमान 9°C और अधिकतम 22°C रहने का अनुमान है, जबकि AQI 190 रहा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    संभल: यहां कोहरे और तेज सर्द हवाओं ने गलन (Chill) बढ़ा दी है। विजिबिलिटी महज 15 मीटर रह गई और AQI 232 दर्ज किया गया। रात में बेहद घना कोहरा रहा, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बदायूं: यहां रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दिन का तापमान 18 डिग्री रहने की संभावना है। आलू की फसल पर संकट गहरा गया है क्योंकि पाला पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 72 घंटे 'भारी'

\r\n\r\n
मौसम विभाग (IMD) ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी राहत की कोई उम्मीद नहीं है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    चेतावनी: लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के अनुसार, पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में गलन और बढ़ेगी। अगले 3 दिनों तक रात के साथ-साथ दिन में भी कड़ाके की ठंड पड़ेगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी:
    \r\n\r\n
      \r\n
    • \r\n
      30 जिलों में ऑरेंज अलर्ट (बहुत घना कोहरा): मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, रायबरेली, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, गोरखपुर, श्रावस्ती, बलरामपुर आदि।
      \r\n
    • \r\n
    • \r\n
      24 जिलों में यलो अलर्ट (घना कोहरा): सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर (नोएडा), बुलंदशहर, हापुड़, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, हरदोई, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, देवरिया, कुशीनगर।
      \r\n
    • \r\n
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

किसान कॉर्नर: फसलों को पाले से कैसे बचाएं?

\r\n\r\n
बदलते मौसम और कोहरे से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने किसानों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। अन्नदाताओं को इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    नियमित निगरानी: मौसम के बदलाव और कोहरे से फसलों में कीट और रोग बढ़ सकते हैं। खेत का रोज निरीक्षण करें।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    गेहूं की फसल: बुवाई के 20-30 दिन बाद पहली सिंचाई अवश्य करें। यदि पत्तियों में पीलापन (जिंक की कमी) दिखे, तो 5 किलो जिंक सल्फेट + 16 किलो यूरिया को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    खरपतवार नियंत्रण: गेहूं में छोटी और चौड़ी पत्ती के खरपतवार के लिए सल्फोसल्फ्यूरान या मेटासल्फ्यूरॉन का छिड़काव करें। मेट्रीब्यूजिन का उपयोग पहली सिंचाई के बाद ही करें।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    सरसों की देखभाल: अगर सरसों के खेत में नमी कम हो, तो हल्की सिंचाई जरूर करें, इससे पाले का असर कम होता है।
    \r\n
  8. \r\n
  9. \r\n
    चना और सब्जियां: चने के पौधों में कटुआ कीड़े लगने पर क्लोरपाइरीफास का छिड़काव करें। टमाटर और मिर्च के पौधों में रोग लगने पर डाईमेथोएट या इमिडाक्लोप्रिड को पानी में घोलकर छिड़कें।
    \r\n
  10. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

जनता की आवाज़: 'हड्डियां गला देने वाली ठंड'

\r\n\r\n
ठंड का असर आम आदमी की दिनचर्या पर साफ दिख रहा है। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    कानपुर के शिवशंकर बताते हैं, "ठंड बहुत ज्यादा है। कोहरा इतना है कि गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। ओस की बूंदें गिरने से ठिठुरन और बढ़ गई है, ऐसा लग रहा है जैसे फ्रिज के अंदर बैठे हों।"
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    गोरखपुर के मॉर्निंग वॉकर फडवींद्र यादव का कहना है, "आज पाला पड़ रहा है, जिससे गलन बढ़ गई है। हम लोग नियमित रूप से पार्क में आते हैं, जिससे शरीर थोड़ा गर्म रहता है और राहत मिलती है।"
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सलाह

\r\n\r\n
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक सूर्य देवता के दर्शन दुर्लभ ही रहेंगे। ऐसे में:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    वाहन चलाते समय फॉग लाइट्स और इंडिकेटर का प्रयोग करें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    हीटर या अंगीठी जलाते समय वेंटिलेशन (हवादार जगह) का ध्यान रखें ताकि दम घुटने की घटनाएं न हों।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जरूरी न हो तो लंबी यात्रा टालें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यूपी में सर्दी का सितम अभी जारी रहेगा, इसलिए अपनी और अपनों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें