लखनऊ: उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए मौसम को लेकर मिली-जुली खबर है। जहां एक ओर कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाकों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा यूपी मौसम अपडेट में बताया है कि अगले तीन दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने के आसार हैं, जिससे लोगों को गलन वाली सर्दी से थोड़ी राहत मिलेगी।READ ALSO:-दिसंबर का 'रेड अलर्ट': 31 तारीख से पहले निपटा लें पैसों से जुड़े ये 4 काम, चूके तो जेब पर पड़ेगी भारी मार और देना होगा जुर्माना
\r\n\r\n\r\n\r\n
तापमान में होगा बदलाव, मिलेगी राहत
\r\n\r\nमौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के अधिकतम तापमान में तो कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature) में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। उत्तर प्रदेश में कोहरे का येलो अलर्ट) इसका सीधा मतलब है कि रात और सुबह के समय जो हड्डियों को जमा देने वाली ठंड पड़ रही थी, उससे थोड़ी राहत मिल सकती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि कई जिलों में अभी भी सामान्य से अधिक शीतलहर (Cold Wave) चलने की संभावना बनी हुई है। पहाड़ों से आ रही उत्तरी-पश्चिमी बर्फीली हवाएं अभी भी मैदानी इलाकों में ठंडक बनाए हुए हैं, लेकिन दिन में धूप खिलने से मौसम सुहावना बना रहेगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
नोएडा बना सबसे प्रदूषित शहर, सांसों पर संकट
\r\n\r\nठंड से राहत की खबर के बीच प्रदूषण के आंकड़ों ने डरा दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार हो गया है। यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 344 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
सिर्फ नोएडा ही नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर और बागपत की हवा भी जहरीली बनी हुई है। इन शहरों में स्मॉग की चादर लिपटी हुई है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
कानपुर सबसे ठंडा, लखनऊ का हाल
\r\n\r\nबीते 24 घंटों की बात करें तो कानपुर नगर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। यहां न्यूनतम तापमान गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
वहीं, राजधानी लखनऊ में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ के गोमती नगर, तालकटोरा और लालबाग जैसे इलाकों में एक्यूआई 137 से 205 के बीच दर्ज किया गया, जो मध्यम से खराब श्रेणी में है। रविवार को लखनऊ में सुबह हल्का कोहरा रहेगा, लेकिन दिन में आसमान साफ रहने और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक जाने का अनुमान है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?
\r\n\r\nवरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव के कारण पिछले कुछ दिनों में तापमान में तेजी से गिरावट आई थी। लेकिन अब हवाओं के पैटर्न में थोड़ा बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम होने से न्यूनतम तापमान में सुधार होगा। आगरा और वाराणसी में फिलहाल सुबह के समय दृश्यता (Visibility) 600 मीटर के आसपास बनी हुई है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
स्वास्थ्य एडवाइजरी
\r\n\r\nबदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह की सैर (Morning Walk) के समय सावधानी बरतें। यूपी मौसम अपडेट पर नजर रखें और प्रदूषण वाले इलाकों में मास्क का प्रयोग जरूर करें। अस्थमा और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कुल मिलाकर, अगले कुछ दिन यूपी के लोगों को कड़ाके की सर्दी से थोड़ी राहत जरूर देंगे, लेकिन प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। एनसीआर के जिलों में प्रशासन को प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
Sabse pehle comment karne wale banein.