उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 1 नवंबर से बिजली विभाग के संचालन में एक बड़ा और विवादित बदलाव होने जा रहा है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) अब लखनऊ में 'वर्टिकल व्यवस्था' (Functional Vertical System) लागू कर रहा है, जिसका उद्देश्य बिजली आपूर्ति में सुधार करना है। हालांकि, इस नई व्यवस्था के लागू होने से लेसा (LESA) में 2055 नियमित पदों और लगभग 6000 संविदाकर्मियों की नौकरियों समेत 8000 से अधिक पदों के समाप्त होने की आशंका है। इस 'डिजिटल विसर्जन' के खिलाफ कर्मचारी संगठनों और सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों ने भी विरोध का मोर्चा खोल दिया है।READ ALSO:-UP Driving License News: यूपी में अब 3 नहीं, 2 कंपनियां बनाएंगी DL! एक ने टेंडर मिलते ही क्यों खींचे हाथ?
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कर्मचारियों का डर—निजीकरण की 'नई रणनीति'

\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश के चार जिलों में पहले से लागू इस प्रणाली का विरोध अब राजधानी तक पहुँच चुका है। विरोध कर रहे संगठनों का मानना है कि 'वर्टिकल सिस्टम' बिजली कंपनियों के निजीकरण (Privatization) की ओर उठाया गया एक गुप्त कदम है।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    विरोध का आधार: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था अधिकारियों और कर्मचारियों के पद कम करके मौजूदा वर्कफोर्स पर काम का अत्यधिक बोझ डालेगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जनप्रतिनिधियों का सवाल: BJP के वरिष्ठ नेता डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई और विधायक अमित अग्रवाल ने भी इस प्रणाली पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया है कि इससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ कर्मचारियों के अधिकारों का भी हनन होगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बड़े पैमाने पर पदों का सफाया (The Great Job Cut)

\r\n\r\n
नई व्यवस्था लागू होने पर अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती होगी, जिससे काम का ढाँचा पूरी तरह से बदल जाएगा।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
पद का नाम
\r\n
\r\n
वर्तमान संख्या
\r\n
\r\n
नई व्यवस्था में
\r\n
\r\n
कटौती (%)
\r\n
\r\n
नियमित पद (कुल)
\r\n
\r\n
~2642
\r\n
\r\n
~1287
\r\n
\r\n
~51%
\r\n
\r\n
अधीक्षण अभियंता
\r\n
\r\n
12
\r\n
\r\n
8
\r\n
\r\n
↓ 4 पद
\r\n
\r\n
अधिशासी अभियंता
\r\n
\r\n
50
\r\n
\r\n
35
\r\n
\r\n
↓ 15 पद
\r\n
\r\n
सहायक अभियंता
\r\n
\r\n
109
\r\n
\r\n
86
\r\n
\r\n
↓ 23 पद
\r\n
\r\n
अवर अभियंता
\r\n
\r\n
287
\r\n
\r\n
142
\r\n
\r\n
↓ 145 पद
\r\n
\r\n
टीजी (TG)
\r\n
\r\n
1,852
\r\n
\r\n
503
\r\n
\r\n
↓ 1,349 पद
\r\n
\r\n
अकाउंटेंट
\r\n
\r\n
104
\r\n
\r\n
53
\r\n
\r\n
↓ 51 पद
\r\n
\r\n
कैंप असिस्टेंट
\r\n
\r\n
74
\r\n
\r\n
1
\r\n
\r\n
↓ 73 पद
\r\n
\r\n
संविदाकर्मी (अनुमानित)
\r\n
\r\n
~6000
\r\n
\r\n
~3200
\r\n
\r\n
↓ ~2800 पद
\r\n
\r\n
कुल पद समाप्ति
\r\n
\r\n
--
\r\n
\r\n
--
\r\n
\r\n
~8,055 से अधिक
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

MVVNL का वादा—'ईज ऑफ लिविंग'

\r\n\r\n
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) इन कटौती को दक्षता (Efficiency) बढ़ाने और सेवाओं में पारदर्शिता लाने के रूप में उचित ठहरा रहा है।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    एमडी का तर्क: MVVNL की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने कहा कि वर्टिकल व्यवस्था का उद्देश्य लखनऊ के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों की 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ावा देना है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    जिम्मेदारी तय: नई प्रणाली में हर अधिशासी अभियंता को काम अलॉट किया जाएगा और उनकी जवाबदेही (Accountability) तय होगी, जिससे उपभोक्ताओं के काम 'तय अवधि में' और पारदर्शी तरीके से संपन्न होंगे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

उपभोक्ताओं के लिए सहायता नेटवर्क: 21 हेल्प डेस्क सक्रिय

\r\n\r\n
शिकायतों के तुरंत निस्तारण के लिए MVVNL ने लेसा के चार ज़ोन (गोमतीनगर, अमौसी, मध्य और जानकीपुरम्) में कुल 21 हेल्प डेस्क स्थापित की हैं। इन हेल्प डेस्क के कर्मचारियों को 1912 कस्टमर केयर पर विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

शिकायत दर्ज कराने के 6 डिजिटल माध्यम:

\r\n\r\n
उपभोक्ता 1912 के अलावा इन माध्यमों से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    WhatsApp चैट बॉट (8010924203)
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    UPPCL की वेबसाइट (www.uppcl.org)
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    UPPCL Consumer App / 1912 UPPCL app
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    X हैंडल (@mvvnlhq) पर टैग कर के
    \r\n
  8. \r\n
  9. \r\n
    ई-मेल आईडी (1912@mvvnl.org) पर ईमेल भेजकर
    \r\n
  10. \r\n
  11. \r\n
    MVVNL की वेबसाइट (www.mvvnl.in) पर जाकर
    \r\n
  12. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

निजीकरण बनाम दक्षता

\r\n\r\n
लखनऊ में लागू होने जा रहा यह 'वर्टिकल सिस्टम' उत्तर प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ा टेस्ट केस है। यदि यह व्यवस्था सफल होती है, तो बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हो सकता है। हालांकि, कर्मचारियों का भारी विरोध, खासकर चुनावों से पहले, UP Power Crisis को राजनीतिक रंग दे सकता है। सरकार को दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ कर्मचारियों की सेवाओं और सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान करना भी आवश्यक होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें