लखनऊ: उत्तर प्रदेश को गरीबी-मुक्त प्रदेश बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने यूपी जीरो पॉवर्टी कैंपेन (Zero Poverty Campaign) को अब 'मिशन मोड' में आगे बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। इस अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त राज्य बनाने का संकल्प पूरा हो सके।READ ALSO:-बड़ी खबर! अगले हफ्ते से शुरू होगी नोएडा मिनी बस सेवा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच होगी सीधी कनेक्टिविटी
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यह महत्वाकांक्षी अभियान 2 अक्टूबर 2024 को गांधी जयंती के अवसर पर शुरू किया गया था, जिसका लक्ष्य एक वर्ष के भीतर राज्य से अत्यधिक गरीबी को समाप्त करना है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में, मुख्यमंत्री ने इस अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया है।
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प्रथम चरण में 7 योजनाओं का पूर्ण आच्छादन
\r\n\r\nमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यूपी जीरो पॉवर्टी कैंपेन का प्रथम चरण 7 प्राथमिकता वाली योजनाओं के पूर्ण आच्छादन (Complete Saturation) पर केंद्रित होगा। यह वह योजनाएं हैं जो सीधे तौर पर गरीब और वंचित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान करती हैं।
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प्रथम चरण में शामिल प्रमुख योजनाएं और समय सीमा:
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- \r\n राशन कार्ड\r\n \r\n
- \r\n दिव्यांगजन पेंशन\r\n \r\n
- \r\n विधवा पेंशन\r\n \r\n
- \r\n वृद्धावस्था पेंशन\r\n \r\n
- \r\n पीएम किसान सम्मान निधि\r\n \r\n
- \r\n प्रधानमंत्री आवास योजना\r\n \r\n
- \r\n प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत)\r\n \r\n
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 नवंबर तक प्रथम चरण की सभी योजनाओं का आच्छादन हर हाल में पूरा कर लिया जाए। जबकि द्वितीय चरण की योजनाओं (जिसमें पीएम उज्ज्वला, जल जीवन मिशन, बिजली कनेक्शन आदि शामिल हैं) के सत्यापन की प्रक्रिया 30 नवंबर तक पूरी हो जानी चाहिए। (External link: UP Government Zero Poverty Portal URL)
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एक माह का विशेष अभियान: वंचितों की पहचान
\r\n\r\nमुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक माह का विशेष अभियान चलाकर उन सभी पात्र लाभार्थियों को चिन्हित किया जाए, जो किसी कारणवश अभी तक इन प्राथमिकता वाली योजनाओं से वंचित रह गए हैं। यह अभियान सुनिश्चित करेगा कि "कोई भी पीछे न छूटे"।
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रत्येक पात्र परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना ही यूपी जीरो पॉवर्टी कैंपेन का मूल उद्देश्य है। अधिकारियों को निम्नलिखित बातों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है:
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- \r\n आवास और राशन: चिन्हित परिवारों के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवेदन सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही, यह भी देखा जाए कि सभी लाभार्थियों के पूरे परिवार का नाम राशन कार्ड में दर्ज हो।\r\n \r\n
- \r\n 3-स्तरीय सत्यापन: अभियान में परिवारों की पहचान के लिए तीन-स्तरीय, प्रौद्योगिकी-आधारित पारदर्शी प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर 10-25 निर्धनतम परिवारों को चुना जा रहा है। (Internal link to related article on UP Housing Schemes)\r\n \r\n
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गरीबी के चक्र को तोड़ने का मॉडल
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश सरकार की मंशा इस विशेष अभियान के माध्यम से गरीब परिवारों को न केवल सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, बल्कि उनकी बुनियादी आवश्यकताओं जैसे आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन की पूर्ति भी सुनिश्चित करना है। इस अभियान का एक पहलू कौशल प्रशिक्षण और गारंटीड प्लेसमेंट भी है, जिसके तहत गरीब परिवारों को मासिक आय सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और जिलों में प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह यूपी जीरो पॉवर्टी कैंपेन 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को धरातल पर उतारने का एक क्रांतिकारी मॉडल है।
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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी जीरो पॉवर्टी कैंपेन को मिशन मोड में संचालित करते हुए 15 नवंबर तक 7 प्रमुख योजनाओं के आच्छादन का लक्ष्य रखा है। यह पहल उन लाखों परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो अभी तक वंचित हैं। इस अभियान का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को भारत का पहला गरीबी मुक्त राज्य बनाकर, गरीबी के चक्र को स्थायी रूप से तोड़ना है।
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Sabse pehle comment karne wale banein.