लखनऊ (वेदर डेस्क): उत्तर प्रदेश के आसमान में इन दिनों बादलों और तूफानी हवाओं का कब्जा है। जो लोग मई के महीने में भीषण लू और चिलचिलाती धूप का सामना कर रहे थे, उन्हें बारिश से राहत तो मिली, लेकिन यह राहत अपने साथ भारी तबाही लेकर आई। सोमवार की सुबह राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों के लिए खौफनाक साबित हुई। सुबह के वक्त ही आसमान में ऐसे काले घने बादल छा गए कि दिन में ही रात जैसा घना अंधेरा हो गया। इसके बाद तेज गरज-चमक के साथ जो बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला शुरू हुआ, उसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया।READ ALSO:-ऑनर किलिंग से दहला बिजनौर का स्योहारा: 4 साल का प्यार और कोर्ट मैरिज बनी मौत की वजह, झूठी शान के लिए चलती ट्रेन के आगे फेंका
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May 2026 Weather Prediction More Rain and Relief from Heatwave का दिखा असर

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मौसम में आया यह भारी बदलाव पूरी तरह से अप्रत्याशित नहीं है। 'May 2026 Weather Prediction More Rain and Relief from Heatwave' के पैटर्न को देखते हुए मौसम विज्ञानियों ने पहले ही इस बात के संकेत दिए थे। 02/05/2026 को जारी किए गए वेदर अपडेट में यह स्पष्ट किया गया था कि प्री-मानसून गतिविधियों और एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत को भयंकर हीटवेव (लू) से बड़ी राहत मिलेगी और तेज बारिश का दौर शुरू होगा। सोमवार को हुई यह मूसलाधार बारिश उसी मौसम चक्र का हिस्सा है।
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फ्लाइट में अटकी सांसें: हवा में हिचकोले खाता रहा विमान, 3 बार फेल हुई लैंडिंग

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खराब मौसम का सबसे खौफनाक मंजर आसमान में उड़ रहे यात्रियों ने देखा। दिल्ली से लखनऊ आ रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 6E-6476 तूफान के बीच फंस गई। इस वीवीआईपी फ्लाइट में उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री—केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक—सवार थे।
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लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ऊपर जब यह विमान पहुंचा, तो हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी और विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य के करीब पहुंच चुकी थी। विमान के पायलट ने जान जोखिम में न डालते हुए हवा में ही विमान को होल्ड पर रखा। पायलट ने लखनऊ एयरपोर्ट के रनवे पर लैंड करने की तीन बार कोशिश की, लेकिन तेज तूफानी हवाओं के थपेड़ों के कारण विमान लैंड नहीं कर सका। अंततः एटीसी (ATC) के निर्देश पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए फ्लाइट की मध्य प्रदेश के भोपाल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। इस दौरान विमान में बैठे यात्रियों की सांसें अटकी रहीं।
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राजधानी लखनऊ का हाल: दिन में हुआ रात का अहसास

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लखनऊ में सोमवार सुबह करीब 8:20 बजे मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ा। तेज आंधी के साथ धूल का गुबार उठा और फिर आसमान से पानी आफत बनकर बरसने लगा। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार रोक दी।
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    तूफान की वजह से शहर के कई इलाकों में दर्जनों पुराने पेड़ और बिजली के भारी-भरकम पोल जड़ से उखड़ गए।
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    पेड़ और पोल गिरने से कई प्रमुख इलाकों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप (गुल) हो गई।
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    जल निकासी व्यवस्था चरमरा जाने के कारण शहर के नाले उफान पर आ गए और सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया।
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हादसों का सिलसिला: 3 मासूमों ने गंवाई जान, कहीं चिमनी गिरी तो कहीं उड़े टेंट

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बारिश और तूफान सिर्फ पानी लेकर नहीं आए, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौत और तबाही का मंजर भी छोड़ गए।
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    कासगंज का दर्दनाक हादसा: कासगंज जिले में तेज आंधी के दौरान एक कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। इस भयानक हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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    संभल में गिरी आकाशीय बिजली: संभल जिले में कुदरत का कहर आकाशीय बिजली (वज्रपात) के रूप में टूटा। बिजली गिरने से एक मकान की छत का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। छत का भारी मलबा नीचे गहरी नींद में सो रही एक बच्ची पर गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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    पीलीभीत में ढही 100 फीट की चिमनी: पीलीभीत जिले में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि एक ईंट-भट्ठे की करीब 100 फीट ऊंची भारी-भरकम चिमनी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई मजदूर मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
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    सिद्धार्थनगर और सीतापुर में उड़े मंडप: शादियों के इस सीजन में तूफान ने भारी खलल डाला है। सीतापुर, सिद्धार्थनगर और बाराबंकी में कई जगहों पर शादी के बड़े-बड़े टेंट और पंडाल हवा में उड़ गए। सिद्धार्थनगर में तो एक मैरिज हॉल का पूरा मंडप ही उड़कर सीधे पास के हाईवे पर जा गिरा।
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    तेज आंधी-तूफान से पानी की एक बड़ी टंकी के भी क्षतिग्रस्त होने की खबर आई। हालांकि, संबंधित अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट किया कि मुख्य टंकी नहीं गिरी है, बल्कि तेज हवा के भयंकर दबाव के कारण उस पर लगी अधूरी फिक्स की गई जिंक एलम शीट्स (Zinc Alum Sheets) उखड़ कर हट गई हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान, जारी किया अलर्ट

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पूरे प्रदेश में मौसम से हो रही तबाही और जनहानि को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश जारी किए हैं। सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा, "प्रदेशवासी खराब मौसम में पूरी तरह सतर्क रहें। आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे बिल्कुल न जाएं। अपने बच्चों को घर के अंदर ही सुरक्षित रखें।" उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी तैयार फसलों और पशुधन का विशेष ख्याल रखें। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों (DM), पुलिस कप्तानों और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (SDRF/NDRF) को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और प्रभावितों को तुरंत राहत व मुआवजा पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
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क्यों हो रहा है मौसम में यह बदलाव? (Meteorological Analysis)

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मई के महीने में इस तरह की बारिश और तूफान के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझाते हुए लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि यह पूरा बदलाव 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण हो रहा है।
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अतुल सिंह के अनुसार, "प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं जारी रहेंगी। 4 से 7 मई के बीच हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और कई जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) भी होगी। हालांकि, इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह है कि पूरे उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक भीषण लू (Heatwave) चलने के कोई आसार नहीं हैं, जिससे आम जनता को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलेगी।"
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कहां-कितनी हुई बारिश? 22 जिले रहे सबसे ज्यादा प्रभावित

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सोमवार को प्रदेश के 22 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश रिकॉर्ड की गई। इन जिलों में कुशीनगर, फर्रुखाबाद, लखीमपुर खीरी, बस्ती, अंबेडकरनगर, कासगंज, अयोध्या, लखनऊ, सुल्तानपुर, वाराणसी, गोंडा, हरदोई, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, उन्नाव, गोरखपुर, कानपुर, सीतापुर, संभल, गाजियाबाद, सहारनपुर और बरेली मुख्य रूप से शामिल हैं।
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    पिछले 24 घंटे का रिकॉर्ड: अगर पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बाराबंकी में सबसे ज्यादा 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सुल्तानपुर में 35.3 मिमी और गोंडा में 31.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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    सुल्तानपुर में तेज हवाओं के कारण एक चक्की पर भारी पेड़ की डाल गिर जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, फर्रुखाबाद में दर्जनों बिजली के पोल उखड़ गए हैं।
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    इन सबके बीच, रविवार को जालौन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
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किसानों की बढ़ी चिंता: फसलों को भारी नुकसान की आशंका

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पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। जहां एक ओर तापमान में गिरावट से राहत है, वहीं कृषि क्षेत्र को इस तूफान से भारी नुकसान पहुंचा है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभाव सब्जियों और नकदी फसलों पर पड़ा है। खेतों में तैयार खड़ी खीरा, ककड़ी, खरबूज, तरबूज और लौकी-तरोई की फसलें तेज हवा और पानी भरने से बर्बाद होने की कगार पर हैं। ओले गिरने से सब्जियों के फूल और पत्ते टूट गए हैं, जिसका सीधा असर उत्पादन और बाजार में इनकी कीमतों पर पड़ने वाला है।
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अगले 5 दिनों का वेदर अलर्ट: कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम?

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मौसम विभाग (IMD) ने आज यूपी के 64 जिलों में आंधी, बारिश और ओले गिरने का 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है। घर से निकलने से पहले अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान जरूर जान लें:
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    5 मई: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 60 किमी/घंटे की तूफानी रफ्तार से आंधी चलेगी। कई स्थानों पर तेज आकाशीय बिजली और भारी ओले गिरने के प्रबल आसार हैं।
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    6 मई: पूरे प्रदेश के आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। कुछ चुनिंदा जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हवाओं की रफ्तार थोड़ी कम होकर 30-40 किमी/घंटे के बीच रहेगी।
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    7 मई: इस दिन से पश्चिमी यूपी (West UP) में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। हालांकि, पूर्वी यूपी (पूर्वांचल) में आंधी-तूफान के साथ बौछारें पड़ने और छुटपुट ओले गिरने की संभावना बनी रहेगी।
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    8 मई: एक बार फिर पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश की तेज बौछारें पड़ेंगी। कहीं-कहीं धूल भरी आंधी भी चल सकती है। तापमान में गिरावट के कारण लू से पूरी तरह राहत मिलेगी।
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    9 मई: पूरे प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा। धूप निकलेगी, लेकिन कुछ स्थानीय जगहों पर हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हवाएं 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी।
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उत्तर प्रदेश में मौसम का यह अस्थिर मिजाज अगले कुछ दिनों तक आम जनजीवन को प्रभावित करता रहेगा। ऐसे में प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें। बिना अति आवश्यक कार्य के खराब मौसम में घरों से बाहर न निकलें और खुद को व अपने परिवार को सुरक्षित रखें। मौसम की हर पल की ताज़ा अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।
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