उत्तर प्रदेश: मई का महीना शुरू होते ही जहां सूरज की तपिश और लू (Loo) के थपेड़ों से जनता बेहाल होने लगती है, वहीं साल 2026 के मई की शुरुआत कुछ अलग ही अंदाज में हुई है। उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक ऐसी करवट ली है कि लोग भीषण गर्मी को भूलकर मानसून जैसा अहसास कर रहे हैं। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक अत्यंत सक्रिय नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्रों से टकराया है, जिसका सीधा असर पूरे उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​सोमवार सुबह से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम का यह मिजाज यूं ही बना रहेगा।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​मेरठ, बिजनौर और मुजफ्फरनगर: पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा असर

\r\n\r\n
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में इस पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे व्यापक रूप से देखा जा रहा है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​मेरठ और मुजफ्फरनगर: क्रांतिधरा मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार सुबह तड़के ही आसमान में काली घटाएं छा गईं। तेज झोंकेदार हवाओं (करीब 50-60 किमी/घंटा) के कारण कई जगहों पर होर्डिंग्स और पेड़ों की टहनियां गिर गईं। मेरठ और मुजफ्फरनगर में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने तापमान को तेजी से नीचे गिरा दिया है। जहां कल तक पारा 40 डिग्री के पार था, वहीं आज इसमें 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​बिजनौर और नजीबाबाद: बिजनौर जनपद में मौसम विभाग ने ओले गिरने (Hailstorm) की विशेष चेतावनी जारी की है। जिले के कई ग्रामीण इलाकों में हल्की ओलावृष्टि की खबरें भी आ रही हैं। बिजनौर पुलिस और प्रशासन ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि इस बेमौसम बारिश और ओलों से फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर: गाजियाबाद और हापुड़ में भी सुबह से ही सुहावना मौसम बना हुआ है। धूल भरी आंधी के बाद हुई झमाझम बारिश ने दिल्ली से सटे इन इलाकों में प्रदूषण के स्तर को भी कम किया है और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​आगरा, अलीगढ़ और कानपुर का हाल

\r\n\r\n
ताजनगरी आगरा में रविवार देर रात से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। तेज आंधी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ नुकसान की भी सूचना है, लेकिन सोमवार सुबह की बूंदाबांदी ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। अलीगढ़ में देर रात से ही काले बादलों का डेरा है, जिससे दिन में भी शाम जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। कानपुर में ठंडी हवाओं के चलते मौसम का 'यू-टर्न' देखने को मिला है, जिससे लोग अब घरों में पंखे और कूलर बंद करने पर मजबूर हो गए हैं।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​लखनऊ और मध्य यूपी: बिजली गिरने की चेतावनी

\r\n\r\n
राजधानी लखनऊ में रविवार तड़के हुई आधा घंटा की तेज बारिश ने जमीन की तपिश को शांत कर दिया है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए लखनऊ और आसपास के जिलों जैसे बाराबंकी, रायबरेली और उन्नाव में बिजली गिरने (Lightning) का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​तापमान का गणित: उरई सबसे गर्म, हरदोई में ठंडक

\r\n\r\n
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को उरई जिला 41 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। हालांकि, आज की बारिश के बाद वहां भी तापमान में भारी गिरावट की संभावना है। दूसरी ओर, हरदोई में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो सामान्य से 8 डिग्री कम है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के मुताबिक, प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 6 डिग्री तक की कमी दर्ज की जा रही है, जो अगले 48 घंटों तक जारी रहेगी।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​इन जिलों में ओले और बिजली का 'ऑरेंज अलर्ट':

\r\n\r\n
मौसम विभाग ने कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद में विशेष अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​किसानों के लिए सलाह

\r\n\r\n
कृषि विशेषज्ञों ने इस बारिश को लेकर चिंता व्यक्त की है। हालांकि गर्मी से राहत मिली है, लेकिन खेतों में कटी पड़ी फसल या आम के बागों के लिए यह तेज आंधी और ओलावृष्टि हानिकारक साबित हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में न जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें