लखनऊ / मौसम डेस्क: चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी से बेहाल उत्तर प्रदेश की जनता टकटकी लगाए आसमान की तरफ देख रही थी कि कब काले बादल घिरेंगे और मानसून की पहली बारिश धरती की प्यास बुझाएगी। लेकिन, मौसम विभाग (IMD) से एक बेहद निराश करने वाली खबर सामने आई है। तेजी से उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ रहा मानसून अचानक रास्ते में ही अटक गया है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मानसून अब अपने तय समय से पीछे चल रहा है और अगले 5 दिनों तक यूपी वालों को भीषण गर्मी और हीटवेव (लू) के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि मानसून कहाँ अटका है और आपके जिले के मौसम का क्या हाल है।
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​रास्ते में ही क्यों अटका मानसून? जानिए मौसम विज्ञानियों का आकलन

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​उत्तर प्रदेश में अमूमन मानसून की एंट्री 20 से 22 जून के बीच हो जाती है। इस बार जिस रफ्तार से मानसूनी हवाएं पश्चिम बंगाल और बिहार की ओर बढ़ रही थीं, उसे देखकर मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि यह बिल्कुल तय समय पर यूपी की सीमा में प्रवेश कर जाएगा। किसानों से लेकर आम जनता तक ने राहत की सांस ली थी।
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​लेकिन, प्रकृति ने अचानक अपना रुख बदल लिया। बंगाल और बिहार पार करते ही मानसून का सिस्टम कमजोर पड़ गया और यह दो राज्यों की सीमाओं के बीच ही ठहर गया है। यूपी की तरफ इसके बढ़ने की गति बेहद सुस्त हो गई है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह अपने निर्धारित समय से कम से कम 48 घंटे लेट हो चुका है। अब यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 24 जून के बाद ही मानसून उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से दस्तक दे पाएगा। जब तक मानसून का कोई मजबूत सिस्टम नहीं बनता, तब तक प्रदेश में गर्मी का रौद्र रूप देखने को मिलेगा।
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​अगले 5 दिनों तक कहर बरपाएगी 'हीटवेव', इन जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट

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​मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले पांच दिनों तक कोई बड़ा या सक्रिय मौसम तंत्र (Weather System) मौजूद नहीं है। छिटपुट जगहों पर भले ही हल्की बारिश या आंधी आ जाए, लेकिन इससे मुख्य तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं होगी। बल्कि, उमस के कारण गर्मी का अहसास और ज्यादा जानलेवा हो सकता है।
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​इन जिलों में लू (Heatwave) चलने की है सबसे ज्यादा संभावना:

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मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, विशेषकर पूर्वी और तराई बेल्ट के साथ-साथ पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में हाई अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है, वे इस प्रकार हैं:
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    ​पूर्वी और मध्य यूपी: प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, गाजीपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बाराबंकी।
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    ​पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड: मेरठ, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और इसके आस-पास के सटे हुए क्षेत्र।
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​इन सभी जिलों में दिन के समय गर्म हवाएं (लू) चलने और पारा 40 से 44 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
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​राजधानी लखनऊ का मौसम: आसमान से बरसेगी आग, तेज हवाएं बढ़ाएंगी मुश्किल

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​नवाबों के शहर लखनऊ की बात करें तो यहाँ के मौसम में भी कोई खास नरमी देखने को नहीं मिल रही है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आसमान मुख्यतः साफ रहेगा और सुबह से ही तेज चिलचिलाती धूप खिलेगी।
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​हालांकि, दिन के समय कुछ स्थानों पर बादलों की आवाजाही हो सकती है, लेकिन यह बारिश के लिए नाकाफी होंगे। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल सकती हैं।
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    ​तापमान का हाल: अधिकतम तापमान में बुधवार के मुकाबले लगातार वृद्धि हो रही है। लखनऊ का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था (जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक है), और आने वाले दिनों में इसके 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा, जिससे रातों में भी उमस भरी गर्मी चैन नहीं लेने देगी।
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प्रदेश के Extreme तापमान: बांदा ने तोड़े रिकॉर्ड, बिजनौर में रही हल्की राहत

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​बुंदेलखंड का इलाका हमेशा से गर्मी के मामले में सबसे आगे रहता है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश का बांदा जिला न सिर्फ प्रदेश बल्कि देश के सबसे गर्म जिलों की सूची में शामिल रहा। यहाँ अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है। बांदा में आसमान से आग बरसने जैसे हालात रहे और सड़कें दोपहर के समय पूरी तरह से सूनी नजर आईं।
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​इसके विपरीत, अगर सबसे कम तापमान की बात करें तो पश्चिमी यूपी के बिजनौर जिले में लोगों को हल्की राहत महसूस हुई। यहाँ का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम रहा।
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​क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ? (Expert Opinion)

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​मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर अतुल सिंह ने प्रदेश के ताजा हालात पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि, "वर्तमान में प्रदेश के भीतर केवल छिटपुट (Isolated) मौसमी गतिविधियां ही हो रही हैं। इसी का परिणाम है कि तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज की जा रही है।"
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​डॉ. अतुल सिंह ने आगे स्पष्ट किया कि, "पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, गोरखपुर और बहराइच जैसे जिले लगातार लू की चपेट में हैं। भले ही कुछ स्थानों पर थंडरस्टॉर्म (आंधी-तूफान) के साथ बूंदा-बांदी हो जाए, लेकिन अगले 5 दिनों तक तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी होगी और लू (Heatwave) की स्थिति जारी रहेगी। वर्तमान परिस्थितियां उत्तर प्रदेश में मानसून के आगे बढ़ने (Advancement) के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं हैं।"
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​इस भीषण गर्मी और लू से कैसे बचें? (Health Guidelines)

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​मानसून के इंतजार और इस जानलेवा गर्मी के बीच स्वास्थ्य का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। जब तक 24 जून के बाद मानसून पूरी तरह से सक्रिय नहीं होता, तब तक मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से कुछ सावधानियां बरतने की अपील की है:
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    ​हाइड्रेटेड रहें: शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पिएं। ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ, और लस्सी का सेवन बढ़ाएं।
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    ​दोपहर में बाहर निकलने से बचें: सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस समय लू का प्रकोप सबसे ज्यादा होता है।
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    ​सूती कपड़े पहनें: हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें ताकि पसीना सूख सके और शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।
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    ​सिर और आंखों का बचाव: अगर धूप में निकलना बहुत जरूरी हो, तो सिर को गमछे, टोपी या छतरी से ढकें। आंखों के बचाव के लिए अच्छी क्वालिटी का सनग्लास इस्तेमाल करें।
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किसानों के लिए मानसून की यह देरी खरीफ की फसलों (जैसे धान की बुवाई) के लिए चिंता का विषय बन गई है। फिलहाल यूपी वालों को राहत के लिए 24 जून तक बादलों का इंतजार करना होगा। तब तक खुद को इस तपिश से बचाकर रखना ही एकमात्र उपाय है।
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