उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर से तेजी से बदल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के दोनों संभागों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही देखी गई और एक-दो जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। अब एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण मौसम विज्ञान विभाग ने नया यूपी मौसम अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार (3 अप्रैल) से राज्य में एक बार फिर बारिश का सिलसिला शुरू होने जा रहा है, जो आने वाले सात दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। बेमौसम हो रही इस बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।READ ALSO:-LPG गैस को लेकर फैली अफवाहों पर केंद्र का हंटर! 'पैनिक बाइंग' पर सख्त रोक, अब हर घर तक पाइप वाली गैस (PNG) पहुंचाने का मास्टरप्लान
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मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार से आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है।
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18 जिलों में यूपी मौसम अलर्ट: बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
\r\n\r\nमौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों के लिए विशेष तौर पर यूपी मौसम अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, झांसी, ललितपुर और महोबा शामिल हैं।
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इन जिलों में शुक्रवार को गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओले गिरने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम और ओलावृष्टि के दौरान वे सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और पेड़ों के नीचे या खुले में आश्रय न लें।
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किसानों के लिए मौसम विभाग की खास एडवाइजरी
\r\n\r\nबेमौसम बारिश और ओलावृष्टि सबसे ज्यादा नुकसान किसानों की पकी हुई फसलों को पहुंचाती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने अन्नदाताओं के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है:
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- \r\n सुरक्षा के उपाय: यदि किसान खेत में काम कर रहे हैं और अचानक ओलावृष्टि शुरू हो जाती है, तो उन्हें तुरंत मजबूत आश्रय लेना चाहिए। सिर पर टोकरी या कोई मजबूत वस्तु रखें और खेत की सबसे ऊंची वस्तु (जैसे पेड़ या खंभा) से दूर रहें।\r\n \r\n
- \r\n फसल की सुरक्षा: खेतों में कटी हुई फसल को तुरंत पॉलिथीन शीट से ढक दें ताकि उसे भीगने से बचाया जा सके। पकी हुई फसल को जल्द से जल्द काटकर उसके बंडल बांध लें।\r\n \r\n
- \r\n क्षतिग्रस्त फसल का प्रबंधन: यदि बारिश या ओले से फसल 15-20 प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो आसमान साफ होने पर यूरिया की टॉपड्रेसिंग करें। यदि अधिकांश फसल नष्ट हो गई है, तो किसानों को खेत तैयार करके जायद मूंग और सूरजमुखी की बुआई करने की सलाह दी गई है।\r\n \r\n
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कीट प्रबंधन और सिंचाई के सुझाव
\r\n\r\nकिसानों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों में कीटों और रोगों की निगरानी करते रहें। आसमान साफ होने और हवा शांत होने पर ही कीटनाशक या रोगनाशक रसायनों का छिड़काव करें। सिंचाई करनी हो तो शाम के समय हल्की सिंचाई ही करें।
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लखनऊ में गर्मी का सितम, बांदा रहा सबसे गर्म
\r\n\r\nजहां पश्चिमी यूपी में यूपी मौसम अलर्ट के तहत बारिश की संभावना है, वहीं राजधानी लखनऊ के लोगों को शुक्रवार को भी भीषण गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में आसमान साफ रहेगा और तेज धूप खिलेगी। यहां का अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
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इससे पहले गुरुवार को उत्तर प्रदेश का बांदा जिला सबसे अधिक गर्म रहा। बांदा में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान बरेली में 16 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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आगरा और मेरठ में बदला मौसम का मिजाज
\r\n\r\nपश्चिमी विक्षोभ का असर आगरा और मेरठ में साफ दिखाई दे रहा है:
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- \r\n आगरा: शुक्रवार सुबह से ही आगरा में मौसम ने करवट ले ली है और आसमान में काले बादल छा गए हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि जिले में शनिवार तक तेज आंधी और बारिश हो सकती है। पिछले 15 दिनों से यहां हर दूसरे दिन मौसम बदल रहा है।\r\n \r\n
- \r\n मेरठ: मेरठ जिले में भी सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. पीके शाही के अनुसार, 3 से 5 अप्रैल तक मेरठ में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इससे न्यूनतम तापमान गिरकर 16 डिग्री तक पहुंच सकता है। शुक्रवार को मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 157 दर्ज किया गया है।\r\n \r\n
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निष्कर्ष मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, 3 अप्रैल से 7 अप्रैल तक प्रदेश भर में मौसम अस्थिर रहेगा। अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। आम जनता और किसानों को मौसम विभाग द्वारा जारी यूपी मौसम अलर्ट को गंभीरता से लेना चाहिए और किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाने चाहिए।
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सार (Summary): उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम विभाग ने 3 से 7 अप्रैल तक प्रदेश भर में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। सहारनपुर, मेरठ, आगरा समेत 18 जिलों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। मौसम विभाग ने किसानों को कटी हुई फसलों को पॉलिथीन से ढकने और ओलावृष्टि के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की एडवाइजरी जारी की है। इस दौरान जहां पश्चिमी यूपी में बारिश होगी, वहीं बांदा और लखनऊ जैसे जिलों में गर्मी का प्रभाव बना रहेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.