लखनऊ: मई का महीना, जो आमतौर पर अपनी चिलचिलाती धूप, लू के थपेड़ों और भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है, इस बार उत्तर प्रदेश में एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है। प्रदेश भर में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बिगड़ चुका है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।READ ALSO:-यूपी में स्मार्ट मीटर का ‘प्रीपेड’ सिस्टम खत्म: योगी सरकार का 70 लाख उपभोक्ताओं को बड़ा तोहफा, अब महीने भर जलाएं बिजली और बाद में दें बिल
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मंगलवार सुबह से ही राजधानी लखनऊ, ताजनगरी आगरा, प्रतापगढ़, अमेठी, गाजीपुर और भदोही सहित कई जिलों में रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है। बाराबंकी, सीतापुर, अयोध्या, कानपुर और रायबरेली में घने बादल छाए हुए हैं और तेज सर्द हवाओं ने मई के महीने में हल्की ठंड का अहसास करा दिया है। इस बेमौसम बारिश ने जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर किसानों की फसलों, आम जनजीवन और कई महत्वपूर्ण आयोजनों पर पानी फेर दिया है।
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पूर्वी और पश्चिमी यूपी के मौसम का विस्तृत हाल

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मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश को दो प्रमुख क्षेत्रों में बांटकर विशेष बुलेटिन जारी किया है। पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी, दोनों ही जगहों पर इस मौसमी बदलाव का अलग-अलग प्रभाव देखने को मिल रहा है।
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पश्चिमी यूपी (Western UP): सबसे ज्यादा बारिश और तबाही का केंद्र

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पिछले 24 घंटों के आंकड़े गवाह हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश इस आंधी-तूफान के मुख्य निशाने पर रहा है। संभल, कासगंज, मुरादाबाद और बरेली जैसे जिलों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है।
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    संभल में जलप्रलय: सबसे ज्यादा 130 मिलीमीटर बारिश संभल में रिकॉर्ड की गई है, जिसने शहर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी है।
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    जनजीवन अस्त-व्यस्त: तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली के खंभे गिर गए हैं, जिससे यातायात और विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
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    आगामी पूर्वानुमान: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी यूपी में 6 और 7 मई तक आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन 7 मई की शाम से पश्चिमी यूपी में मौसम साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, 8 और 9 मई को फिर से हल्की बौछारें पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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पूर्वी और मध्य यूपी (Eastern & Central UP): ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं का खतरा

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पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि और तेज हवाओं (40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) ने तबाही मचाई है।
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    रिमझिम फुहारें और ओले: लखनऊ, प्रतापगढ़ और भदोही में जहां लगातार बारिश हो रही है, वहीं अयोध्या, बाराबंकी और सीतापुर में भारी ओले गिरे हैं।
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    आगामी पूर्वानुमान: मौसम विभाग की विशेष चेतावनी पूर्वी यूपी के लिए है। 7 मई को पूर्वी यूपी में भारी आंधी-तूफान के साथ तीव्र बौछारें पड़ने और ओले गिरने की प्रबल संभावना है। 8 और 10 मई को भी इस क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी। पूर्वी यूपी में अभी मौसम के साफ होने में लंबा समय लगेगा।
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जान-माल और इंफ्रास्ट्रक्चर का भारी नुकसान

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इस प्राकृतिक आपदा ने प्रदेश में कई दर्दनाक हादसों को जन्म दिया है। तेज आंधी और बारिश के कारण कई जगहों पर कच्चे मकान, दीवारें और चिमनियां ढहने की खबरें हैं।
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    पीलीभीत और गाजीपुर में हादसे: पीलीभीत में तेज आंधी की वजह से ईंट-भट्ठे की 100 फीट ऊंची चिमनी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। वहीं, गाजीपुर में एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से 58 वर्षीय किसान हरिचरण कुशवाहा की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई।
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    कई अन्य जिलों में मौतें: इससे पहले कासगंज में 2 मासूम बच्चों, औरैया में एक दादी-पोती, गोरखपुर में 2 युवकों और संभल में एक बच्ची की जान इस खराब मौसम की भेंट चढ़ चुकी है।
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    ताजमहल में पर्यटक भीगे: आगरा में विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का दीदार करने पहुंचे हजारों देशी-विदेशी पर्यटक अचानक आई बारिश में भीग गए, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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"हेलो डीएम अंकल... मेरी सड़क बनवा दो" – वायरल वीडियो ने खींचा ध्यान

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लखीमपुर खीरी में भारी बारिश के कारण हुए जलभराव ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। इस बीच, कक्षा 1 की एक छोटी छात्रा मानवी सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मासूम मानवी जलभराव के बीच खड़ी होकर लखीमपुर के जिलाधिकारी से भावुक अपील कर रही है। उसने कहा- "हेलो डीएम अंकल, आप बहुत अच्छे हैं, हमारे यहां बहुत पानी भर गया है, कृपया मेरी सड़क बनवा दो।" यह वीडियो बारिश से उपजी बुनियादी समस्याओं का एक जीता-जागता उदाहरण बन गया है।
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फसलों को भारी नुकसान: सीएम योगी सख्त, मुआवजे के दिए आदेश

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पिछले 5 दिनों से जारी इस बेमौसम बारिश ने उत्तर प्रदेश के अन्नदाता की कमर तोड़ कर रख दी है। खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
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    गेहूं की बर्बादी: ललितपुर सहित कई जिलों में खुले आसमान के नीचे गेहूं क्रय केंद्रों पर रखा हजारों क्विंटल गेहूं पानी में भीगकर बर्बाद हो गया है।
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    सब्जियों को नुकसान: सबसे ज्यादा मार सब्जियों की खेती पर पड़ी है। जायद की फसलें, विशेषकर खीरा-ककड़ी, खरबूज, तरबूज, और भिंडी की फसलें तेज हवाओं और पानी के कारण खेतों में ही सड़ने के कगार पर पहुंच गई हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक्शन:

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हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत एक्शन लिया है। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल फील्ड में उतरें। बारिश और आंधी से फसलों को हुए नुकसान का पारदर्शी तरीके से सर्वे करें और जल्द से जल्द शासन को रिपोर्ट सौंपें, ताकि प्रभावित किसानों को बिना किसी देरी और लापरवाही के तत्काल मुआवजा प्रदान किया जा सके।
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आयोजनों में पड़ा खलल: भंडारे और शादियां प्रभावित

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यह मौसम ऐसे समय में बिगड़ा है जब उत्तर प्रदेश में 'बड़ा मंगल' (Bada Mangal) का पावन पर्व मनाया जा रहा है। राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में जगह-जगह भंडारों का आयोजन होना था, लेकिन लगातार बारिश के कारण टेंट उखड़ गए और आयोजकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, प्रदेश भर में इस समय शादियों का पीक सीजन चल रहा है। अनुमान है कि प्रदेश में 10 से 15 हजार शादियां तय हैं। तेज आंधी और बारिश के चलते मैरिज लॉन और खुले मैदानों में की गई सजावट बर्बाद हो गई है, जिससे विवाह समारोहों में बड़ा खलल पैदा हो गया है।
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आंकड़ों में बारिश का कहर: पिछले 24 घंटों का रिकॉर्ड

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मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज की गई बारिश (मिलीमीटर में) के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। यहां सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की सूची है:
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जिला
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दर्ज की गई बारिश (मिमी में)
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संभल
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130 मिमी
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कासगंज
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97 मिमी
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बरेली
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54.6 मिमी
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लखीमपुर खीरी
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49.2 मिमी
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मुरादाबाद
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45 मिमी
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रामपुर
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43.5 मिमी
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अलीगढ़
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40.4 मिमी
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बदायूं
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34 मिमी
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बुलंदशहर
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34 मिमी
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कन्नौज
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33 मिमी
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सहारनपुर
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32 मिमी
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मेरठ
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28 मिमी
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शाहजहांपुर
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26.4 मिमी
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बिजनौर
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24.4 मिमी
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मुजफ्फरनगर
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19.3 मिमी
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(नोट: ये आंकड़े मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी रिपोर्ट पर आधारित हैं।)
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मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी: अगले एक हफ्ते तक कैसा रहेगा मौसम?

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लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Lucknow) के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह ने इस बदलाव के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि हिमालयी क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है, जिसके कारण चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके असर से ही उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में भारी नमी आ रही है।
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अगले 5 दिनों का सटीक पूर्वानुमान:

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    6 मई: पूरे उत्तर प्रदेश में घने बादल छाए रहेंगे। कई जगहों पर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
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  • \r\n
  • \r\n
    7 मई: पश्चिमी यूपी के लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, वहां मौसम धीरे-धीरे साफ होना शुरू हो जाएगा। लेकिन पूर्वी यूपी के लिए यह दिन खतरनाक साबित हो सकता है। पूर्वी हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ तीव्र बौछारें पड़ सकती हैं और ओले गिरने का भी अलर्ट है।
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  • \r\n
  • \r\n
    8 मई: प्रदेश भर में एक बार फिर मौसम करवट लेगा। पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। कहीं-कहीं धूल भरी आंधी चल सकती है। सबसे बड़ी राहत यह है कि इस पूरे सप्ताह 'लू' (Heatwave) चलने की कोई संभावना नहीं है।
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    9 मई: पूरे प्रदेश में मौसम थोड़ा सामान्य होगा, लेकिन पूरी तरह साफ नहीं। कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। हवाओं की रफ्तार 30-40 किमी के आसपास बनी रहेगी।
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    10 मई: प्रदेश में एक बार फिर से एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। कहीं-कहीं आंधी चलेगी और मौसम सुहावना बना रहेगा।
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आम जनता के लिए एडवाइजरी:

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मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि तेज आंधी के दौरान जर्जर मकानों, होर्डिंग्स और बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली (वज्रपात) के समय सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें और किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित तिरपाल या शेड के नीचे रखें।
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