उत्तर प्रदेश के मौसम ने पिछले 48 घंटों में जिस तरह से करवट बदली है, उसने न केवल आम जनता को बल्कि मौसम वैज्ञानिकों को भी चकित कर दिया है। जहाँ एक तरफ लोग बसंत के आगमन और ठंड की विदाई की उम्मीद कर रहे थे, वहीं कुदरत ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) ने फिजा में गलन घोल दी है। गुरुवार की सुबह जब लोग सोकर उठे, तो कई शहर कोहरे की सफेद चादर में लिपटे हुए थे।Read also:-मेरठ में 'सवर्ण क्रांति' का शंखनाद: क्रांतिधरा से उठी UGC के 'काले कानून' के खिलाफ बगावत; कल NAS कॉलेज में लिखा जाएगा आंदोलन का नया अध्याय
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हालात यह हैं कि लखनऊ, कानपुर, आगरा और अलीगढ़ समेत प्रदेश के 15 बड़े जिलों में घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी 10 मीटर तक सिमट जाने से सड़कों पर गाड़ियों के पहिये थम गए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग (IMD) ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि अभी राहत की उम्मीद न करें, क्योंकि 30 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने वाला है, जो ठंड के इस 'सेकंड अटैक' को और घातक बना सकता है।
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मौसम का मिजाज: अचानक क्यों बदला यूपी का मौसम?

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मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश ने पूरे उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में नमी की मात्रा बढ़ा दी है। इसके साथ ही पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से मैदानी इलाकों में बर्फीली हवाओं (Icy Winds) का दौर शुरू हो गया है।
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पश्चिमी विक्षोभ का खेल

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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में मौसम के इस बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है।
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    मौजूदा स्थिति: बुधवार को अयोध्या, लखनऊ, बरेली समेत 9 शहरों में बारिश हुई और बरेली में ओले गिरे। इससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई।
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  • \r\n
    आने वाला खतरा: 30 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से हवाओं की दिशा बदलेगी और पहाड़ों से आने वाली हवाएं मैदानी इलाकों को और ठंडा करेंगी।
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तापमान में भारी गिरावट का अनुमान

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मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों के लिए 'कोल्ड डे' (Cold Day) जैसी स्थितियों की भविष्यवाणी की है:
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  1. \r\n
    न्यूनतम तापमान: पूर्वी और पश्चिमी यूपी के जिलों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    दिन का हाल: दिन में धूप निकल सकती है, लेकिन वह 'बेअसर' साबित होगी क्योंकि ठंडी हवाएं (Cold Wave) धूप की गर्मी को महसूस नहीं होने देंगी।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    रात का कहर: रात के समय गलन और बढ़ेगी। बुलंदशहर में पारा 9 डिग्री तक लुढ़क गया है, जो इस सीजन के सबसे ठंडे दिनों में से एक है।
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  6. \r\n
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कोहरे का कोहराम: 10 मीटर देख पाना भी हुआ मुश्किल

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गुरुवार की सुबह यूपी के लिए किसी धुंधली फिल्म के दृश्य जैसी थी। सड़कों पर सन्नाटा पसरा था और जो इक्का-दुक्का वाहन चल रहे थे, वे अपनी फोग लाइट्स (Fog Lights) जलाकर रेंग रहे थे।
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इन 15 जिलों में 'रेड अलर्ट' जैसा कोहरा

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मौसम विभाग ने विशेष रूप से तराई और पश्चिमी यूपी के जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। जिन जिलों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, वे हैं:
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    कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर
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  • \r\n
  • \r\n
    बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच
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  • \r\n
  • \r\n
    लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली
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  • \r\n
  • \r\n
    मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद
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  • \r\n
  • \r\n
    रामपुर, बरेली और पीलीभीत।
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  • \r\n
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इन जिलों में सुबह के समय दृश्यता (Visibility) इतनी कम रही कि 10 मीटर दूर खड़े इंसान को पहचानना भी मुश्किल हो गया। हाइवे पर ट्रक और बसें ढाबों के किनारे खड़ी नजर आईं।
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शहर-दर-शहर मौसम का विस्तृत हाल: जानिए अपने जिले की स्थिति

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मौसम के इस बदलाव का असर हर जिले में अलग-अलग देखने को मिल रहा है। आइये विस्तार से जानते हैं प्रदेश के प्रमुख शहरों का हाल:
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लखनऊ: नवाबों के शहर में गलन की वापसी

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लखनऊ में बारिश के बाद मौसम पूरी तरह पलट गया है।
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    स्थिति: गुरुवार सुबह कई इलाकों में घना कोहरा रहा। धूप काफी देर से निकली, लेकिन उसमें गर्मी नहीं थी।
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    पूर्वानुमान: अगले 3 दिनों तक बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। धूप और छांव का खेल चलेगा, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
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  • \r\n
  • \r\n
    राहत कब: मौसम विभाग का कहना है कि 2 फरवरी से मौसम एकदम साफ होने की उम्मीद है।
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कानपुर: औद्योगिक नगरी में सर्द हवाओं का पहरा

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कानपुर में सर्दी ने अपना विकराल रूप दिखाया है।
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    विजिबिलिटी: यहाँ कोहरा इतना घना था कि 10 मीटर की विजिबिलिटी भी मुश्किल से थी।
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  • \r\n
  • \r\n
    गलन: उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने गलन को कई गुना बढ़ा दिया है। लोग जरूरी काम से ही बाहर निकल रहे हैं और जगह-जगह अलाव जलते देखे गए।
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वाराणसी (काशी): धूप खिलेगी पर ठंड नहीं जाएगी

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बनारस के घाटों पर भी ठंड का असर दिख रहा है।
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    हवा की रफ्तार: 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने सिहरन पैदा कर दी है।
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    तापमान: पिछले 24 घंटों में तापमान में 2 डिग्री की गिरावट आई है।
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  • \r\n
    वैज्ञानिक राय: मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, सुबह-शाम बादल रहेंगे लेकिन दोपहर में धूप खिलेगी। हालांकि, अगले दो दिन ठंड प्रचंड रहेगी।
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गाजियाबाद और एनसीआर: बारिश जैसा माहौल

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दिल्ली से सटे गाजियाबाद में मौसम का मिजाज पहाड़ों जैसा हो गया है।
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    तापमान: न्यूनतम तापमान 8°C दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम 19°C रहने का अनुमान है।
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  • \r\n
    हवा: रात में 12 किमी/घंटा की रफ्तार से बर्फीली हवाएं चलीं। आसमान में बादल छाए हुए हैं, जिससे दिन में भी अँधेरा सा महसूस हो रहा है।
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आगरा: ताजनगरी में बारिश के आसार

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आगरा में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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    गिरावट: बुधवार को जो तापमान 13.4°C था, वह गुरुवार को गिरकर 10°C पर आ गया।
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    चेतावनी: यहाँ 1 और 2 फरवरी को बारिश होने के प्रबल आसार हैं, जो ठंड को और बढ़ा सकते हैं।
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गोरखपुर: पूर्वी यूपी में राहत खत्म

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गोरखपुर में पिछले एक हफ्ते से मिल रही राहत अब खत्म हो चुकी है।
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    बरसात: बुधवार रात और गुरुवार सुबह हुई बूंदाबांदी ने मौसम ठंडा कर दिया है।
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  • \r\n
  • \r\n
    भविष्यवाणी: अगले दो दिनों में यहाँ के न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
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पश्चिमी यूपी (अलीगढ़, हाथरस, बिजनौर, बुलंदशहर)

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  • \r\n
    बुलंदशहर: प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा (9°C)।
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    अलीगढ़: दो दिन की बारिश के बाद घना कोहरा, विजिबिलिटी 10 मीटर।
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    सीतापुर: बर्फीली हवाएं, विजिबिलिटी 20 मीटर, तापमान 8°C।
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  • \r\n
    बिजनौर: हाइवे पर वाहनों की रफ़्तार थमी, घना कोहरा।
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प्रशासन का एक्शन: बच्चों को ठंड से बचाने के लिए स्कूल बंद

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मौसम की मार को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है ताकि बच्चों को ठंड और बीमारी से बचाया जा सके।
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  1. \r\n
    संभल: जिला प्रशासन ने कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    सिद्धार्थनगर: यहाँ स्थिति और गंभीर है, जिसके चलते कक्षा 12 तक के स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
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  4. \r\n
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अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को सुबह के समय घर से बाहर न निकलने दें, विशेषकर जब तक कोहरा न छंट जाए। अन्य जिलों में भी डीएम मौसम पर नजर बनाए हुए हैं और स्थिति बिगड़ने पर वहां भी छुट्टियां घोषित की जा सकती हैं।
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अगले 3 दिनों का 'वेदर कैलेंडर': कब क्या होगा?

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मौसम विभाग द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार अगले 72 घंटे बेहद अहम हैं:
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तारीख
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मौसम का पूर्वानुमान (Forecast)
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चेतावनी
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30 जनवरी (शुक्रवार)
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घना कोहरा और धूप: सुबह के समय घना कोहरा रहेगा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ धूप निकलेगी।
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वाहन चालकों के लिए सुबह का समय खतरनाक।
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31 जनवरी (शनिवार)
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तेज हवाएं: कुछ जिलों में कोहरा रहेगा। इसके साथ ही 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
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हवाओं के कारण 'विंड चिल फैक्टर' (Wind Chill) बढ़ेगा।
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1 फरवरी (रविवार)
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शुष्क मौसम: कहीं-कहीं तेज हवाएं चल सकती हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम है (सिवाय आगरा जैसे कुछ क्षेत्रों के)।
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मौसम साफ होना शुरू होगा लेकिन ठंड बनी रहेगी।
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अन्नदाता पर दोहरी मार: फसलों के लिए 'अमृत' या 'जहर'?

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इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसम एक "दोधारी तलवार" जैसा है - कुछ के लिए फायदा, तो कुछ के लिए भारी नुकसान।
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नुकसान: ओले और तेज हवा बनी दुश्मन

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कृषि विशेषज्ञ सिद्धार्थ सिंह ने चिंताजनक आंकड़े पेश किये हैं:
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    गेहूं (Wheat): तेज हवा के साथ अगर गेहूं की फसल गिर जाती है (Lodging), तो दाने हल्के रह जाएंगे। इससे कुल उत्पादन में 20% तक की कमी आ सकती है।
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  • \r\n
  • \r\n
    सरसों (Mustard): खेतों में पानी भरने से सरसों की फलियां जमीन पर गिर गई हैं, जिससे दाना सड़ने का खतरा है।
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  • \r\n
  • \r\n
    सब्जियां: जिन खेतों में जलभराव (Waterlogging) हुआ है, वहां सब्जियों में 'गलन रोग' लगने की आशंका बढ़ गई है। सब्जी किसानों को सबसे ज्यादा आर्थिक चोट पहुंची है।
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  • \r\n
  • \r\n
    गन्ना: तेज हवाओं के कारण गन्ने की फसल गिर गई है, जिससे उसकी गुणवत्ता और वजन दोनों कम हो सकते हैं।
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  • \r\n
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फायदा: 'मावठ' से रबी की फसलों को जीवनदान

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जहाँ ओले नहीं गिरे और केवल बारिश हुई, वहां यह पानी 'सोना' बनकर बरसा है।
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  • \r\n
    नमी (Moisture): भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के डॉ. एम शमीम बताते हैं कि बारिश से खेतों में नमी लौटी है।
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  • \r\n
  • \r\n
    बढ़वार: बीते एक हफ्ते की बारिश गेहूं और चने के लिए टॉनिक का काम करेगी। जिन इलाकों में फसलें खड़ी हैं, वहां पैदावार बंपर होने की उम्मीद है। मेरठ जिले में रिकॉर्ड 30.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो रबी फसलों के लिए वरदान है।
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  • \r\n
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स्वास्थ्य सलाह: इस 'धोखेबाज' मौसम में कैसे बचें?

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डॉक्टरों ने इस बदलते मौसम को 'धोखेबाज' करार दिया है। दिन में धूप और सुबह-शाम गलन के कारण बीमार पड़ने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
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क्या करें:

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  • \r\n
    लेयर्ड कपड़े पहनें: एक भारी जैकेट की जगह 2-3 लेयर में कपड़े पहनें। यह शरीर की गर्मी को लॉक करता है।
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  • \r\n
  • \r\n
    सिर और कान ढकें: ठंड का सबसे ज्यादा असर सिर और कानों के जरिये होता है। मफलर या टोपी का इस्तेमाल जरूर करें।
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  • \r\n
  • \r\n
    गुनगुना पानी: गले को संक्रमण से बचाने के लिए दिन भर गुनगुना पानी पियें।
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  • \r\n
  • \r\n
    अलाव से दूरी: अलाव तापते समय बहुत नजदीक न बैठें और बंद कमरे में अंगीठी जलाकर न सोएं, यह जानलेवा हो सकता है।
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  • \r\n
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वाहन चलाते समय सावधानी:

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  • \r\n
    सुबह कोहरे में 'लो बीम' (Low Beam) पर लाइट रखें। हाई बीम पर लाइट कोहरे से परावर्तित होकर वापस आँखों पर लगती है।
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  • \r\n
  • \r\n
    सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों से सावधान रहें और अपनी गाड़ी की पार्किंग लाइट्स (Hazard Lights) जलाकर रखें।
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  • \r\n
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अभी खत्म नहीं हुई है सर्दी

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कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में ठंड ने अपना 'सेकंड इनिंग' शुरू कर दिया है। जहाँ एक तरफ बारिश ने प्रदूषण (Pollution) को धोने का काम किया है, वहीं दूसरी तरफ इसने आम जनजीवन की रफ़्तार धीमी कर दी है। अगले 48 से 72 घंटे प्रदेशवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। 30 जनवरी की रात आने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर कैसा होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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मौसम विभाग की सलाह है कि किसान और आम नागरिक मौसम के अपडेट्स पर नजर रखें और बेवजह यात्रा करने से बचें। 2 फरवरी के बाद ही मौसम पूरी तरह खुलने और राहत मिलने के आसार हैं। तब तक, रजाई और गर्म कपड़े ही आपके सबसे अच्छे साथी हैं।
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जुड़े रहिये हमारे साथ, मौसम के हर पल-पल के अपडेट के लिए।
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