भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समय-सीमा में एक बार फिर महत्वपूर्ण संशोधन किया है। 30 दिसंबर 2025 को जारी नए आदेश के अनुसार, मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिहीन बनाने के लिए तारीखों को आगे बढ़ा दिया गया है।READ ALSO:-Meerut Cantt Makeover: बदल जाएगी मेरठ छावनी की तस्वीर! RRTC से मिले ₹57 करोड़ से होगा कायाकल्प; नई सड़कें, हाईटेक कूड़ा घर और अस्पताल को मिली हरी झंडी
\r\n\r\n\r\nअब मतदाता सूची का प्रकाशन 31 दिसंबर के बजाय जनवरी के पहले सप्ताह में शुरू होगा।
संशोधित कार्यक्रम: महत्वपूर्ण तारीखें
\r\nनिर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए कैलेंडर के अनुसार मुख्य तिथियां निम्नलिखित हैं:
\r\n\r\n\r\nनिर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए कैलेंडर के अनुसार मुख्य तिथियां निम्नलिखित हैं:
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- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन: 06 जनवरी 2026 (पहले यह 31 दिसंबर 2025 थी)। \r\n
- दावे और आपत्तियां दर्ज करना: 06 जनवरी से 06 फरवरी 2026 तक। \r\n
- आपत्तियों का निस्तारण: 06 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक। \r\n
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 06 मार्च 2026। \r\n
क्यों बदला गया कार्यक्रम?
\r\nमुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।
\r\n\r\n\r\nमुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।
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- सटीकता: SIR प्रक्रिया के दौरान लगभग 2.89 करोड़ नाम हटाए गए हैं, जिनके सत्यापन (Verification) के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। \r\n
- त्रुटिहीन सूची: आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम गलती से न छूटे और फर्जी प्रविष्टियां पूरी तरह हट जाएं। \r\n
- सत्यापन: 'Unmapped' कैटेगरी के मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच और BLO द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को और पुख्ता किया जा रहा है। \r\n
मतदाताओं के लिए जरूरी निर्देश
\r\nआयोग ने अपील की है कि 6 जनवरी को ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद नागरिक अपनी प्रविष्टियों की जांच अवश्य करें:
\r\n\r\n\r\nआयोग ने अपील की है कि 6 जनवरी को ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद नागरिक अपनी प्रविष्टियों की जांच अवश्य करें:
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- नाम जुड़वाना: यदि आपका नाम लिस्ट में नहीं है, तो आप फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। \r\n
- नाम कटवाना: मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 का उपयोग करें। \r\n
- सुधार: पते या नाम की गलती के लिए फॉर्म-8 के जरिए सुधार करवाएं। \r\n
- ऑनलाइन सुविधा: मतदाता घर बैठे voters.eci.gov.in या 'Voter Helpline App' के जरिए भी अपनी जांच और आवेदन कर सकते हैं। \r\n
\r\nउत्तर प्रदेश में 22 साल बाद हो रहा यह 'विशेष गहन पुनरीक्षण' आगामी चुनावों के लिए निर्णायक साबित होगा। 6 मार्च 2026 को जारी होने वाली अंतिम सूची ही भविष्य के चुनावों में मतदान के लिए एकमात्र मान्य दस्तावेज होगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.