भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India - ECI) ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को और अधिक सुगम और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश, जो देश की राजनीति का सबसे अहम केंद्र माना जाता है, वहां के मतदाताओं के लिए एक ऐसी सुविधा शुरू की गई है, जो सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की पुरानी परिपाटी को खत्म कर देगी।READ ALSO:-Delhi-Dehradun Highway: सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर! NHAI ने बदली पार्किंग व्यवस्था, कार से लेकर ट्रक तक की नई 'रेट लिस्ट' जारी; अवैध पार्किंग पर अब होगी सीधी कार्रवाई
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अक्सर देखा जाता है कि वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, गलत नाम सुधरवाने या किसी मृत व्यक्ति का नाम हटवाने के लिए आम जनता को बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को ढूंढने में पसीने छूट जाते थे। कभी BLO मिलते नहीं थे, तो कभी उनका नंबर नहीं मिलता था। लेकिन अब यह समस्या अतीत की बात होने जा रही है। ECI ने उत्तर प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान 'बीएलओ के साथ कॉल बुक करें' (Book a Call with BLO) नामक नई सुविधा लॉन्च की है।
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इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि यह सुविधा कैसे काम करती है, आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं, वोटर लिस्ट में हुए बड़े बदलाव क्या हैं और राजनीतिक दल इस मौके को कैसे भुना रहे हैं।
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1. क्या है 'Book a Call with BLO' सुविधा? (Understanding the Feature)

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यह सुविधा बिल्कुल वैसी ही है जैसे आप किसी कस्टमर केयर से 'कॉलबैक रिक्वेस्ट' (Callback Request) डालते हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने महसूस किया कि जमीनी स्तर पर मतदाताओं और बीएलओ के बीच संवाद की कमी (Communication Gap) एक बड़ी समस्या है। इसे पाटने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया है।
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    कैसे काम करता है सिस्टम: अब आपको बीएलओ का घर ढूंढने की जरूरत नहीं है। आप चुनाव आयोग के पोर्टल या मोबाइल ऐप पर जाकर एक रिक्वेस्ट डालेंगे।
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    48 घंटे का अल्टीमेटम: जैसे ही आप रिक्वेस्ट दर्ज करेंगे, सिस्टम संबंधित क्षेत्र के बीएलओ को अलर्ट भेजेगा। नियम के मुताबिक, बीएलओ को 48 घंटे के भीतर आपको कॉल करना होगा और आपकी समस्या सुननी होगी।
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    उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची (Voter List) को त्रुटिहीन बनाना है। चाहे नाम जोड़ना हो (Form 6), हटाना हो (Form 7), या सुधार करना हो (Form 8), अब सब कुछ एक फोन कॉल की मदद से आसान हो जाएगा।
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आधिकारिक बयान: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने इस सुविधा को गेम-चेंजर बताया है। उन्होंने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित किसी भी प्रश्न या सहायता के लिए इस सुविधा का अधिकतम उपयोग करें।
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2. स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: कैसे बुक करें अपना कॉल? (How to Use)

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अगर आप भी इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो 'खबरीलाल' आपके लिए लेकर आया है एक आसान गाइड। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
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चरण 1: पोर्टल या ऐप पर जाएं सबसे पहले आपको भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाना होगा। आप गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से 'Voter Helpline App' या 'ECINET' मोबाइल एप्लिकेशन भी डाउनलोड कर सकते हैं।
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चरण 2: लॉग-इन या साइन-अप

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    अगर आप पहले से रजिस्टर्ड हैं, तो अपना मोबाइल नंबर और पासवर्ड डालकर लॉग-इन करें।
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    अगर आप नए यूजर हैं, तो 'Sign Up' पर क्लिक करें। अपना मोबाइल नंबर डालें, OTP सत्यापित करें और अपना अकाउंट बनाएं।
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चरण 3: विवरण दर्ज करें लॉग-इन करने के बाद आपको 'Know Your BLO' या 'Contact BLO' का विकल्प दिखेगा। यहां आप दो तरीकों से आगे बढ़ सकते हैं:
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  1. \r\n
    EPIC नंबर से: अपना वोटर आईडी नंबर (EPIC Number) दर्ज करें।
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  3. \r\n
    पते से: अगर वोटर आईडी नहीं है, तो अपना राज्य (उत्तर प्रदेश), जिला, विधानसभा क्षेत्र और बूथ नंबर सेलेक्ट करें।
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चरण 4: 'कॉल बुक करें' जैसे ही आप विवरण डालेंगे, आपके बीएलओ का नाम और विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा। वहीं आपको "Request a Call" या "Book a Call" का बटन दिखेगा। उस पर क्लिक करें। आप वहां एक छोटा नोट भी लिख सकते हैं कि आप किस संबंध में बात करना चाहते हैं (जैसे- नाम सुधार, नया वोटर आईडी आदि)।
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चरण 5: बीएलओ का कॉल रिक्वेस्ट सबमिट होते ही आपको एक संदर्भ संख्या (Reference Number) मिल जाएगी। अब आपको बस इंतजार करना है। 48 घंटे के भीतर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बीएलओ का कॉल आएगा।
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3. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026: आंकड़ों का खेल

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उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा चलाया जा रहा यह विशेष अभियान (SIR) बेहद महत्वपूर्ण है। मंगलवार को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची (Draft Voter List) ने कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं।
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    2.89 करोड़ नाम हटाए गए: यह एक बहुत बड़ा आंकड़ा है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश भर से लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
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      कारण: इनमें वे लोग शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो दूसरे शहर/राज्य में शिफ्ट हो चुके हैं (Shifted), या जिनके नाम दो जगह दर्ज थे (Duplicate Entries)। यह कदम फर्जी वोटिंग रोकने के लिए उठाया गया है।
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    12.55 करोड़ मतदाता सुरक्षित: सफाई अभियान के बाद भी उत्तर प्रदेश में 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता (12,55,56,025) पंजीकृत हैं। यह संख्या कई देशों की कुल आबादी से भी ज्यादा है।
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  • \r\n
    डेडलाइन (Deadline): मुख्य निर्वाचन अधिकारी के बुलेटिन के अनुसार, दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक खुली रहेगी। यानी आपके पास अपनी वोटर आईडी को अपडेट करने के लिए करीब एक महीने का समय है।
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4. राजनीतिक दलों में मची होड़: कौन कितना सक्रिय?

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वोटर लिस्ट सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह किसी भी राजनीतिक दल के लिए सत्ता की चाबी है। यही वजह है कि 'ड्राफ्ट रोल' आते ही सभी पार्टियां एक्टिव हो गई हैं। आयोग के बुलेटिन ने पार्टियों की सक्रियता का जो डेटा जारी किया है, वह काफी दिलचस्प है।
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किसने कितने दावे (Form 6 - नाम जोड़ने के लिए) किए?

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  1. \r\n
    भारतीय जनता पार्टी (BJP): सत्ताधारी दल सबसे आगे है। बीजेपी ने अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) के जरिए नाम शामिल करने के लिए 1,60,605 दावे पेश किए हैं। वहीं, नाम हटाने के लिए 1,214 आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    समाजवादी पार्टी (SP): मुख्य विपक्षी दल सपा भी पीछे नहीं है। सपा ने 1,56,972 दावे (नाम जोड़ने के लिए) जमा किए हैं। हालांकि, आपत्तियों (नाम हटाने) के मामले में सपा ने केवल 82 फॉर्म जमा किए हैं।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    बहुजन समाज पार्टी (BSP): बसपा ने भी अपनी ताकत दिखाई है। पार्टी ने 1,53,469 दावे जमा किए हैं और 19 आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC): कांग्रेस ने 94,591 नए नाम जोड़ने के दावे पेश किए हैं और 19 आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
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  8. \r\n
  9. \r\n
    आम आदमी पार्टी (AAP): आप ने 5,262 दावे पेश किए।
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  10. \r\n
  11. \r\n
    अपना दल (एस): राज्य स्तरीय पार्टी अपना दल (सोनेलाल) ने 5,397 दावे जमा किए।
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  12. \r\n
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आंकड़े बताते हैं कि बीजेपी, सपा और बसपा के बीच कांटे की टक्कर है। तीनों ने डेढ़ लाख से ज्यादा नए वोटर्स को जोड़ने की कवायद की है। यह दर्शाता है कि 2027 के विधानसभा चुनावों (और उससे पहले संभावित निकाय चुनावों) के लिए "माइक्रो-मैनेजमेंट" अभी से शुरू हो गया है। राजनीतिक दल जानते हैं कि एक-एक वोट कीमती है।
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बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका: चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि राजनीतिक दलों ने जनता से फॉर्म 6 (नाम जोड़ना) और फॉर्म 7 (नाम हटाना) इकट्ठा करने के लिए अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए हैं। आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि "बिना निर्धारित फॉर्म या घोषणाओं के सामान्य शिकायतों को नहीं गिना जाएगा।" यानी अगर कोई पार्टी सिर्फ चिट्ठी लिखकर शिकायत करेगी कि "लिस्ट में गड़बड़ी है", तो उसे नहीं माना जाएगा। हर दावे के साथ भरा हुआ फॉर्म और सबूत होना जरूरी है।
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5. कौन सा फॉर्म किस काम आता है? (Know Your Forms)
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अक्सर लोग फॉर्म भरने में गलती कर देते हैं। 'खबरिलाल' आपकी सुविधा के लिए बता रहा है कि आपको कौन सा फॉर्म कब भरना है:
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    फॉर्म 6 (Form 6): यह नए मतदाता बनने के लिए है। अगर आपकी उम्र 18 साल हो गई है या आपका नाम लिस्ट में नहीं है, तो यह फॉर्म भरें।
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  • \r\n
  • \r\n
    फॉर्म 6A (Form 6A): यह NRI (प्रवासी भारतीय) मतदाताओं के लिए है।
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  • \r\n
  • \r\n
    फॉर्म 6B (Form 6B): यह वोटर आईडी को आधार कार्ड (Aadhaar) से लिंक करने के लिए है।
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  • \r\n
  • \r\n
    फॉर्म 7 (Form 7): यह नाम हटाने (Deletion) के लिए है। अगर किसी की मृत्यु हो गई है या कोई शिफ्ट हो गया है, तो उसके परिवार वाले यह फॉर्म भर सकते हैं। या अगर आपको लगता है कि किसी का नाम फर्जी तरीके से जुड़ा है, तो आप आपत्ति (Objection) जता सकते हैं।
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  • \r\n
  • \r\n
    फॉर्म 8 (Form 8): यह सुधार (Correction) या शिफ्टिंग के लिए है।
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    • \r\n
      अगर नाम, उम्र, पिता का नाम, फोटो या पते में गलती है।
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    • \r\n
    • \r\n
      अगर आप एक ही विधानसभा में एक बूथ से दूसरे बूथ पर शिफ्ट हुए हैं।
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    • \r\n
    • \r\n
      अगर आपको नया वोटर कार्ड (Replacement EPIC) चाहिए (पुराना खो जाने पर)।
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    • \r\n
      दिव्यांगजन (PwD) मार्किंग के लिए।
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6. ऑनलाइन आवेदन करते समय किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

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जब आप बीएलओ से बात करें या खुद ऑनलाइन अप्लाई करें, तो ये दस्तावेज तैयार रखें:
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  1. \r\n
    पासपोर्ट साइज फोटो: नई और साफ फोटो।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    पहचान प्रमाण (Identity Proof): आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, या पासपोर्ट।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    पते का प्रमाण (Address Proof): आधार कार्ड, बिजली/पानी का बिल, बैंक पासबुक, या रेंट एग्रीमेंट।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    जन्म तिथि प्रमाण (Date of Birth Proof): 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र, या आधार कार्ड।
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7. बीएलओ (BLO) कौन होते हैं और वे क्यों महत्वपूर्ण हैं?

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बीएलओ यानी बूथ लेवल ऑफिसर चुनाव आयोग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ये आमतौर पर स्थानीय सरकारी कर्मचारी होते हैं, जैसे - सरकारी स्कूल के शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, लेखपाल आदि।
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    जिम्मेदारी: एक बीएलओ के पास एक विशिष्ट पोलिंग बूथ (मतदान केंद्र) की जिम्मेदारी होती है।
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  • \r\n
    कार्य: उनका काम घर-घर जाकर सत्यापन करना, नए वोटर्स को जोड़ना, मृतकों के नाम हटाना और चुनाव के समय वोटर स्लिप बांटना होता है।
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  • \r\n
  • \r\n
    नंबर: नई 'कॉल बुक' सुविधा से पहले, बीएलओ का नंबर ढूंढना मुश्किल होता था, लेकिन अब यह एक क्लिक पर उपलब्ध है।
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  • \r\n
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8. 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) क्यों हो रहा है?

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शायद आप सोच रहे होंगे कि अभी तो कोई बड़ा चुनाव नहीं है, फिर यह पुनरीक्षण क्यों?
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  1. \r\n
    शुद्धता: समय के साथ वोटर लिस्ट में कई त्रुटियां आ जाती हैं। लोग जगह बदल लेते हैं, लड़कियों की शादी होकर ससुराल चली जाती हैं, बुजुर्गों का निधन हो जाता है। SIR का मकसद लिस्ट को 'क्लीन' करना है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    युवा वोटर्स: हर साल लाखों युवा 18 वर्ष के होते हैं। उन्हें लोकतंत्र में शामिल करना आयोग की जिम्मेदारी है।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    100% कवरेज: आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे।
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महत्वपूर्ण तारीखें (Timeline):

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    ड्राफ्ट रोल प्रकाशन: हो चुका है (मंगलवार)।
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  • \r\n
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    दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि: 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक।
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  • \r\n
  • \r\n
    विशेष अभियान तिथियां (Special Campaign Dates): इस दौरान कुछ खास रविवार या छुट्टियों के दिन बीएलओ पोलिंग बूथ पर भी बैठेंगे (इसकी तारीखें स्थानीय स्तर पर घोषित होंगी)।
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  • \r\n
  • \r\n
    दावों का निपटारा: फरवरी के अंत तक।
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  • \r\n
  • \r\n
    अंतिम मतदाता सूची (Final Roll) का प्रकाशन: सत्यापन पूरा होने के बाद।
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  • \r\n
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9. क्यों जरूरी है वोटर लिस्ट अपडेट रखना?

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कई लोग सोचते हैं कि "मेरे पास तो पुराना वोटर कार्ड रखा है, मुझे क्या जरूरत?" यह एक गलतफहमी है।
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    कार्ड नहीं, लिस्ट जरूरी है: मतदान के दिन आपके हाथ में वोटर कार्ड होना काफी नहीं है, आपका नाम उस बूथ की वोटर लिस्ट में होना अनिवार्य है। अगर आपका नाम 'डिलीट' हो गया है (जैसा कि 2.89 करोड़ लोगों का हुआ), तो आप पुराने कार्ड के बावजूद वोट नहीं डाल पाएंगे।
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  • \r\n
    पहचान पत्र: वोटर आईडी एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है जो सिम कार्ड लेने से लेकर पासपोर्ट बनवाने तक काम आता है।
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    नागरिक कर्तव्य: सही जानकारी देना एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है।
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  • \r\n
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10. तकनीकी बदलाव और भविष्य की राह

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उत्तर प्रदेश में 'Book a Call with BLO' की शुरुआत यह दिखाती है कि चुनाव आयोग अब 'डिजिटल इंडिया' की राह पर तेजी से बढ़ रहा है।
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    cVIGIL App: चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत के लिए।
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  • \r\n
  • \r\n
    Saksham App: दिव्यांगजनों की मदद के लिए।
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  • \r\n
  • \r\n
    Voter Helpline App: फॉर्म भरने और स्टेटस चेक करने के लिए।
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  • \r\n
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इन ऐप्स के साथ अब 'कॉल बुकिंग' जुड़ने से सिस्टम पारदर्शी (Transparent) और जवाबदेह (Accountable) बनेगा। अब बीएलओ यह नहीं कह सकेंगे कि "मुझे जानकारी नहीं मिली" क्योंकि सिस्टम में कॉल का रिकॉर्ड रहेगा।
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अभी नहीं तो कभी नहीं

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उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के लिए यह एक सुनहरा मौका है। 6 फरवरी 2026 की तारीख को अपने कैलेंडर में मार्क कर लें। अगर आपके वोटर आईडी में कोई भी गड़बड़ी है, फोटो पुरानी है, पता बदल गया है, या घर के किसी नए सदस्य का नाम जोड़ना है, तो आज ही अपने फोन उठाएं।
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'खबरीलाल' आपसे अपील करता है कि आप जागरूक बनें। चुनाव आयोग द्वारा दी गई इस हाईटेक सुविधा का लाभ उठाएं। याद रखें, आपका एक वोट देश की तकदीर बदल सकता है, लेकिन उसके लिए आपका नाम वोटर लिस्ट में होना जरूरी है।
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चुनाव और वोटर लिस्ट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहें 'खबरिलाल' के साथ।
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FAQ: मतदाताओं के अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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प्रश्न: क्या मैं बिना वोटर आईडी नंबर के बीएलओ से संपर्क कर सकता हूँ?
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उत्तर: जी हां, आप अपना राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र चुनकर बीएलओ का विवरण प्राप्त कर सकते हैं और कॉल बुक कर सकते हैं।
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प्रश्न: अगर 48 घंटे में कॉल नहीं आया तो क्या करें?
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उत्तर: अगर बीएलओ संपर्क नहीं करते हैं, तो आप पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं या 1950 (वोटर हेल्पलाइन नंबर) पर कॉल कर सकते हैं।
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प्रश्न: क्या 6 फरवरी के बाद नाम नहीं जुड़ पाएगा?
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उत्तर: नाम बाद में भी जुड़ सकता है (सतत पुनरीक्षण के दौरान), लेकिन विशेष अभियान (SIR) के दौरान प्रक्रिया बहुत तेज होती है और बीएलओ विशेष रूप से इसी काम के लिए उपलब्ध होते हैं। इसलिए अभी कराना बेहतर है।
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प्रश्न: मेरा नाम लिस्ट में है या नहीं, कैसे चेक करूं?
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उत्तर: voters.eci.gov.in पर जाएं और 'Search in Electoral Roll' पर क्लिक करें। अपना नाम, पिता का नाम और उम्र डालकर चेक कर सकते हैं।
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