लखनऊ (यातायात/क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश की सड़कों पर शांति और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यूपी पुलिस (UP Police) इन दिनों पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में है। प्रदेश की सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) एक बड़ी समस्या बन गया था। कुछ लोग अपनी गाड़ियों में अवैध तरीके से प्रेशर हॉर्न, पुलिस और एंबुलेंस जैसा हूटर और दोपहिया वाहनों (खासकर बुलेट) में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर आम जनता को डराने और अपना रुतबा दिखाने का काम कर रहे थे।READ ALSO:-रेलवे रोड पर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: मेरठ के भटीपुरा के मकान में चल रहा था 'जिस्मफरोशी' का धंधा, रेड पड़ते ही मची भगदड़; 7 युवतियां और 2 युवक गिरफ्तार
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इस बढ़ती गुंडागर्दी और ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए यातायात निदेशालय (Traffic Directorate) द्वारा एक विशेष और बेहद सख्त चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के जो नतीजे सामने आए हैं, वे न केवल हैरान करने वाले हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि लोग यातायात नियमों को ताक पर रखकर अभी भी कितनी बड़ी संख्या में इन अवैध उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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15 दिन का महा-अभियान: 2 लाख से ज्यादा गाड़ियों की हुई चेकिंग
\r\n\r\nयातायात निदेशालय के कड़े निर्देशों के बाद पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में 3 अप्रैल से 19 अप्रैल के बीच यह विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने चौराहों, हाईवे और शहर के मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग की।
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अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इन 15 दिनों के भीतर पूरे प्रदेश में कुल 2,13,700 (दो लाख तेरह हजार सात सौ) से अधिक वाहनों की चेकिंग की गई। पुलिस ने किसी भी रसूखदार को नहीं बख्शा। जिस गाड़ी में भी मानक के विपरीत हॉर्न या साइलेंसर मिला, उसका मौके पर ही भारी-भरकम चालान काट दिया गया।
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आंकड़ों की जुबानी: 11 हजार चालान और 3.97 करोड़ की वसूली
\r\n\r\nपुलिस द्वारा दी गई रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि सड़कों पर नियमों की किस कदर धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। अभियान के दौरान कुल लगभग 11 हजार वाहनों के चालान किए गए। सबसे ज्यादा कार्रवाई उन गाड़ियों पर हुई जिनमें प्रेशर हॉर्न लगे थे। पुलिस ने जुर्माने (शमन शुल्क) के रूप में कुल 3.97 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सरकारी खजाने में जमा कराई है।
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किस जुर्म में कितने चालान और कितना जुर्माना? (डेटा ब्रेकडाउन)
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- \r\n प्रेशर हॉर्न (Pressure Horn): सड़क पर अचानक तेज आवाज निकालकर दूसरों को डराने वाले प्रेशर हॉर्न के मामलों में पुलिस ने सबसे ज्यादा कार्रवाई की है।\r\n\r\n
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- \r\n कुल चालान: 6,039 वाहन\r\n \r\n
- \r\n वसूला गया जुर्माना: 2,42,56,450 रुपये (दो करोड़ बयालीस लाख छप्पन हजार चार सौ पचास रुपये)\r\n \r\n
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- \r\n मॉडिफाइड साइलेंसर (Modified Silencer): युवाओं में बुलेट या अन्य बाइक्स के साइलेंसर को निकालकर उसमें से 'पटाखा' छोड़ने या तेज आवाज निकालने का अजीबोगरीब शौक पनप रहा है, जो बुजुर्गों और मरीजों के लिए जानलेवा साबित होता है।\r\n\r\n
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- \r\n कुल चालान: 4,151 वाहन\r\n \r\n
- \r\n वसूला गया जुर्माना: 1,33,39,600 रुपये (एक करोड़ तैंतीस लाख उनतालीस हजार छह सौ रुपये)\r\n \r\n
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- \r\n अवैध हूटर (Illegal Hooters): सफेद रंग की बड़ी कारों और एसयूवी में पुलिस, प्रशासन या वीआईपी जैसा हूटर लगाकर टोल प्लाजा पर रौब झाड़ने वालों पर भी नकेल कसी गई।\r\n\r\n
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- \r\n कुल चालान: 846 वाहन\r\n \r\n
- \r\n वसूला गया जुर्माना: 21,37,600 रुपये (इक्कीस लाख सैंतीस हजार छह सौ रुपये)\r\n \r\n
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18 और 19 अप्रैल: 48 घंटे में पुलिस ने किया 'क्लीन स्वीप'
\r\n\r\nअभियान के अंतिम दो दिन यानी 18 और 19 अप्रैल को पुलिस ने चेकिंग की रफ्तार को टॉप गियर में डाल दिया। इन 48 घंटों में पूरे प्रदेश के पुलिस बल ने दिन-रात एक कर दिया। सिर्फ इन दो दिनों के भीतर पूरे यूपी में 1,17,354 (एक लाख सत्रह हजार तीन सौ चौवन) वाहनों को रोककर उनकी सघन जांच की गई।
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इन दो दिनों की सख्ती का आलम यह रहा कि पुलिस ने:
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- \r\n 2095 ऐसे वाहन पकड़े जिनमें कानफोड़ू मॉडिफाइड साइलेंसर लगे थे।\r\n \r\n
- \r\n 3218 वाहनों में अवैध प्रेशर हॉर्न पाए गए।\r\n \r\n
- \r\n 446 गाड़ियों से पुलिस ने अवैध वीआईपी हूटर उतरवाए और उनके चालान किए।\r\n \r\n
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डीजीपी राजीव कृष्ण ने जारी की सख्त SOP (Standard Operating Procedure)
\r\n\r\nइस अभियान की सफलता और भारी संख्या में मिल रहे उल्लंघनकर्ताओं को देखते हुए पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी भी अचंभित हैं। यह साबित करता है कि लोगों में कानून का खौफ कम है और वे शौक या रौब के लिए दूसरों की जान खतरे में डाल रहे हैं।
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इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी (यातायात) राजीव कृष्ण ने एक नई और सख्त एसओपी (SOP) जारी कर दी है। इसके तहत अब ऐसे वाहन मालिकों के खिलाफ सिर्फ जुर्माना लगाकर उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा। नई गाइडलाइंस के अनुसार:
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- \r\n उपकरण की जब्ती: गाड़ी से प्रेशर हॉर्न, हूटर और मॉडिफाइड साइलेंसर मौके पर ही उतरवा कर जब्त कर लिए जाएंगे और उन्हें नष्ट (Destroy) किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n लाइसेंस रद्दीकरण: बार-बार इस तरह के अपराध (Repeat Offense) में पकड़े जाने पर वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निलंबित कर दिया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n आरसी (RC) पर एक्शन: गंभीर मामलों में वाहन का पंजीकरण (Registration Certificate) भी रद्द किया जा सकता है।\r\n \r\n
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आम जनता के लिए बड़ी राहत
\r\n\r\nयातायात पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से आम जनता ने गहरी राहत की सांस ली है। सड़कों पर तेज प्रेशर हॉर्न बजने से न केवल एकाग्रता भंग होती है, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। विशेष रूप से स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों, हृदय रोगियों (Heart Patients) और बुजुर्गों के लिए मॉडिफाइड साइलेंसर की अचानक आने वाली 'पटाखे' जैसी आवाज जानलेवा तक साबित हो सकती है।
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अवैध हूटरों के खिलाफ कार्रवाई से उस 'फेक वीआईपी कल्चर' पर भी लगाम लगेगी, जिसका फायदा उठाकर अपराधी अक्सर पुलिस की आंखों में धूल झोंक देते हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान सिर्फ 15 दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ यह 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति और भी सख्ती से लागू की जाएगी। वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपनी गाड़ियों में कंपनी (OEM) द्वारा दिए गए साइलेंसर और हॉर्न का ही इस्तेमाल करें, अन्यथा उनकी गाड़ी सीज कर दी जाएगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.