उत्तर प्रदेश में अब प्रॉपर्टी, जमीन और घर खरीदना पहले जैसा जोखिम भरा नहीं रहा है। प्रदेश की योगी सरकार ने प्रॉपर्टी बाजार को जालसाजों और भू-माफियाओं के चंगुल से आजाद कराने के लिए कड़े और नए नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों से आम खरीदारों को धोखाधड़ी से बचाव मिलेगा और उनका निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।READ ALSO:-बिजनौर में गुलदार का खूनी खेल जारी: शेरकोट के नसीर दीवाला में मजदूरी पर जा रहे युवक पर जानलेवा हमला, इलाके में भारी दहशत
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
विकास प्राधिकरणों और रेरा (UP-RERA) ने इन नियमों को सख्ती से लागू कर दिया है। इससे आम आदमी के जीवनभर की गाढ़ी कमाई को सुरक्षा कवच मिला है और भू-माफियाओं के पुराने तौर-तरीकों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। समय के साथ सिस्टम में आए इस बदलाव और खरीदारों के बढ़ते भरोसे पर पढ़िए खबरीलाल (KHABREELAL) की यह विशेष रिपोर्ट।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

लक्ष्य स्पष्ट है: अवैध प्लॉटिंग पर रोक और सही दस्तावेजों की गारंटी

\r\n\r\n
सरकार का मुख्य लक्ष्य अवैध प्लॉटिंग के मकड़जाल को रोकना और खरीदारों को सही दस्तावेजों वाली प्रॉपर्टी दिलाना है। रियल एस्टेट बाजार में अब एक छोटी सी गलती भी महंगी पड़ सकती है, इसलिए खरीदने से पहले पूरी कानूनी जांच जरूरी है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

 Note:-New Property Rules UP 2026

\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
रेरा का सख्त पहरा: रेरा के अध्यक्ष डॉ. संजय भूसरेड्डी ने बताया कि अब 500 वर्ग मीटर से बड़े किसी भी प्रोजेक्ट (प्लॉट, फ्लैट या टाउनशिप) का विज्ञापन या बिक्री बिना यूपी-रेरा (UP-RERA) रजिस्ट्रेशन के पूरी तरह गैरकानूनी मानी जाएगी। रेरा में रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट में निवेश करने से समय पर मकान मिलने, पैसे की सुरक्षा और शिकायत का आसान अधिकार मिलता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सलाह: प्रॉपर्टी खरीदने से पहले up-rera.in वेबसाइट पर जाकर प्रोजेक्ट का नाम अवश्य चेक कर लें। बिना रेरा वाले प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से बचें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अवैध कॉलोनियों पर चल रहा प्राधिकरणों का बुलडोजर

\r\n\r\n
बिना नक्शा पास कराए काटी गई अवैध कॉलोनियों पर विकास प्राधिकरण अब सीधे बुलडोजर की कार्रवाई कर रहे हैं। हाल ही में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने कई इलाकों में ऐसी कॉलोनियां ध्वस्त की हैं। आगरा, वाराणसी, नोएडा और गाजियाबाद समेत प्रदेश के अन्य शहरों में भी यह ध्वस्तीकरण अभियान चल रहा है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने आगाह किया है कि बहुत सस्ते प्लॉट या बिना आवास विकास परिषद/प्राधिकरण की अप्रूवल वाली कॉलोनियों से दूर रहें। रेरा पंजीकरण का भी ध्यान रखें। बाद में बुलडोजर चलने पर नुकसान सिर्फ खरीदार का ही होता है। हमेशा लेआउट प्लान का अप्रूवल चेक करें।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, योगी सरकार के इन नए नियमों से भू-माफिया पर नकेल कसी गई है। ईमानदार खरीदार अब सुरक्षित निवेश कर सकते हैं, लेकिन जिम्मेदारी खरीदार की भी है। बिना जांच के कभी पैसा न लगाएं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

2025 के नए नियम: छोटे प्लॉट मालिकों के लिए 1 रुपये में नक्शा पास

\r\n\r\n
यह नियम यूपी के सभी 29 विकास प्राधिकरणों में प्रभावी हो गया है, जिससे मकान बनाना अब तेज और सस्ता हो गया है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    100 वर्ग मीटर (लगभग 1076 वर्ग फुट) तक: आवासीय प्लॉट पर नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं है। इसके लिए केवल 1 रुपये में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सेल्फ डिक्लेरेशन (स्व-प्रमाणन) ही काफी है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    100 से 500 वर्ग मीटर तक: इन प्लॉटों पर ऑनलाइन या सेल्फ-डिक्लेरेशन के माध्यम से आसान अप्रूवल मिल जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    500 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट: इन पर पूरा नक्शा नियमानुसार पास कराना अनिवार्य है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

संपत्ति रजिस्ट्री के नए नियम (1 अप्रैल से प्रभावी)

\r\n\r\n
धोखाधड़ी रोकने के लिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया को और सख्त किया गया है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    विक्रेता का नाम खतौनी में दर्ज होना अनिवार्य है, इसके बिना रजिस्ट्री नहीं की जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रजिस्ट्री के लिए आधार बायोमेट्रिक और पैन (PAN) कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    प्रॉपर्टी की 'टाइटल चेकिंग' (Title Checking) प्रक्रिया को अब और सख्त कर दिया गया है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

प्लॉट या घर खरीदते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    प्रोजेक्ट का रेरा (RERA) से प्रमाणित होना जरूरी है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    हाउसिंग बोर्ड या LDA/संबंधित प्राधिकरण से लेआउट (Layout) स्वीकृत होना चाहिए।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    खतौनी-खसरा में मालिक के नाम का सही मिलान करें।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    सुनिश्चित करें कि जमीन रेजिडेंशियल जोन (आवासीय क्षेत्र) में ही है।
    \r\n
  8. \r\n
  9. \r\n
    जांच लें कि जमीन ग्राम सभा या कृषि योग्य (बिना लैंड यूज बदले) न हो।
    \r\n
  10. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

नक्शा पास कराने की ऑनलाइन प्रक्रिया (FastPass)

\r\n\r\n
1. आवेदन में भरें ये विवरण:
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    भूखंड की सटीक लोकेशन और आसपास की सड़कों की लंबाई-चौड़ाई।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    प्रस्तावित भवन की ऊंचाई और कवर्ड एरिया (ढका हुआ क्षेत्र)।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    फ्रंट, साइड और रियर सेटबैक (छोड़ा जाने वाला खाली स्थान)।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    प्रवेश-निकास द्वार और पार्किंग की व्यवस्था।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

2. नक्शा और दस्तावेज अपलोड करें:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पंजीकृत आर्किटेक्ट द्वारा तैयार भवन मानचित्र (CAD फॉर्मेट में) अपलोड करें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    स्वामित्व प्रमाण-पत्र, खसरा-खतौनी और अन्य जरूरी कागजात संलग्न करें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

3. फीस की गणना और भुगतान:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पोर्टल स्वतः शुल्क की गणना करेगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    आप ऑनलाइन (नेट बैंकिंग/UPI/कार्ड) माध्यम से भुगतान कर सकते हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

4. ऑटो-स्क्रूटनी और त्वरित स्वीकृति:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    आवेदन सबमिट होने पर सिस्टम ऑटो-स्क्रूटनी करेगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मानकों के अनुरूप होने पर कुछ ही मिनटों में स्वीकृत नक्शा और सेल्फ-सर्टिफिकेशन सर्टिफिकेट स्वतः जनरेट हो जाएगा, जिसे डाउनलोड कर आप निर्माण कार्य शुरू कर सकते हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
महत्वपूर्ण टिप: लैंड यूज की जांच के लिए पहले संबंधित प्राधिकरण की वेबसाइट (जैसे LDA की वेबसाइट ldalucknow.in) पर 'Citizen Services' सेक्शन में लैंड यूज अवश्य चेक करें। बड़े प्लॉट/भवनों के लिए सामान्य ऑनलाइन प्रक्रिया (UPOBPAS) का उपयोग करें; FastPass केवल छोटे मामलों के लिए है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें