लखनऊ (Lucknow News): उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात बीएड योग्यताधारी (B.Ed Qualified) शिक्षकों के लिए एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने इन शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रखने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने कक्षा 1 से 5 तक पढ़ा रहे बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों के लिए छह महीने का ब्रिज कोर्स (Bridge Course) अनिवार्य कर दिया है।READ ALSO:-खाकी पर बड़ा दाग: अमरोहा में हनी ट्रैप और वसूली गैंग का मास्टरमाइंड निकला यूपी पुलिस का दरोगा; झूठे रेप केस और एनकाउंटर का डर दिखाकर ऐंठे लाखों
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इस फैसले से प्रदेश भर के करीब 33,000 शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो अपनी नौकरी को लेकर असमंजस में थे। हालांकि, इसके लिए समय सीमा बेहद कम दी गई है। शिक्षकों को 25 दिसंबर 2025 तक हर हाल में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन
\r\n\r\nबेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कवायद सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंशुमान सिंह बनाम नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) व अन्य के मामले में 8 अप्रैल 2024 को दिए गए आदेश के अनुपालन में की जा रही है।
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कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि प्राथमिक विद्यालयों में तैनात वे शिक्षक, जिनके पास बीएड की डिग्री है, उन्हें अपनी नियुक्ति को वैध बनाए रखने के लिए छह महीने का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा।
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25 दिसंबर है आखिरी तारीख, ऐसे होगा कोर्स
\r\n\r\nविभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, यह ब्रिज कोर्स राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के माध्यम से कराया जाएगा।
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- \r\n मोड: यह कोर्स पूरी तरह से 'ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग' (ODL) मोड में होगा, यानी शिक्षकों को नौकरी के साथ-साथ ही इसे पूरा करना होगा।\r\n \r\n
- \r\n समय सीमा: इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तारीख 25 दिसंबर निर्धारित की गई है।\r\n \r\n
- \r\n चेतावनी: बेसिक शिक्षा निदेशक ने साफ शब्दों में कहा है कि जो शिक्षक निर्धारित समय सीमा के भीतर इस कोर्स को पूरा नहीं करेंगे, उनकी नियुक्ति अमान्य (Invalid) कर दी जाएगी। इसके लिए शिक्षक स्वयं जिम्मेदार होंगे। विभाग उनकी कोई भी दलील नहीं सुनेगा।\r\n \r\n
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33 हजार शिक्षकों की सांस में आई सांस
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती और अन्य प्रक्रियाओं के तहत बड़ी संख्या में बीएड डिग्रीधारकों को प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिली थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के लिए बीएड को अमान्य करार दिए जाने के बाद से इन 33 हजार शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक रही थी। अब ब्रिज कोर्स का आदेश आने से यह तय हो गया है कि कोर्स पूरा करने के बाद उनकी नौकरी सुरक्षित हो जाएगी।
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25 हजार रुपये फीस का पेंच, कौन भरेगा शुल्क?
\r\n\r\nभले ही ब्रिज कोर्स के आदेश से राहत मिली हो, लेकिन फीस को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि इस कोर्स के लिए लगभग 25,000 रुपये का शुल्क (Fee) जमा करना होगा।
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- \r\n असमंजस: विभाग द्वारा जारी पत्र में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह शुल्क सरकार देगी या शिक्षकों को अपनी जेब से भरना होगा।\r\n \r\n
- \r\n विरोध: शिक्षक संगठनों का कहना है कि पूर्व में ऐसे प्रशिक्षणों का खर्च विभाग उठाता था। इतनी बड़ी रकम का बोझ शिक्षकों पर डालना अनुचित है। फिलहाल, 25 दिसंबर की डेडलाइन को देखते हुए शिक्षकों में फीस को लेकर चिंता बनी हुई है।\r\n \r\n
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क्या है पूरा मामला?
\r\n\r\nदरअसल, राइट टू एजुकेशन (RTE) और एनसीटीई के नियमों के मुताबिक, प्राथमिक कक्षाओं को पढ़ाने के लिए डीएलएड (BTC) को ही मुख्य योग्यता माना गया था। बीएड वालों को इस शर्त पर मौका दिया गया था कि नियुक्ति के दो साल के भीतर उन्हें 6 महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा। लेकिन पिछले कई सालों से यह कोर्स नहीं कराया गया था, जिससे शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठ रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट के डंडे के बाद विभाग जागा है।
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महत्वपूर्ण तिथियां और निर्देश:
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- \r\n आवेदन की अंतिम तिथि: 25 दिसंबर 2025\r\n \r\n
- \r\n कोर्स की अवधि: 6 महीने\r\n \r\n
- \r\n संस्था: एनआईओएस (NIOS)\r\n \r\n
- \r\n परिणाम: कोर्स न करने पर नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।\r\n \r\n
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यूपी के 33 हजार बीएड शिक्षकों के लिए यह 'करो या मरो' की स्थिति है। 25 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है, अन्यथा उनकी वर्षों की मेहनत और सरकारी नौकरी खतरे में पड़ सकती है। हालांकि, फीस को लेकर विभाग को जल्द ही स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि शिक्षकों के मन का संशय दूर हो सके। सभी बीएसए को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिले में तैनात ऐसे सभी शिक्षकों का पंजीकरण सुनिश्चित कराएं।
Sabse pehle comment karne wale banein.