उत्तर प्रदेश में मौसम इन दिनों अपने सबसे रौद्र और अस्थिर रूप में नजर आ रहा है। एक तरफ जहां आसमान से आग बरस रही है और लू (Heatwave) के थपेड़े लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने मानसून के आगमन को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खुशखबरी भी दी है। हालांकि, इस राहत से पहले हाल ही में आई आंधी और बारिश ने पूरे प्रदेश में भारी तबाही मचाई है, जिसमें 111 लोगों की दुखद मौत हो गई।Read also:-मेरठ में रूह कंपा देने वाली वारदात: 'झूठी शान' के लिए कसाई बना पिता; प्रेम प्रसंग से खफा होकर 20 साल की बेटी को छुरे से काटा, इलाके में पसरा खौफ
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आइए, लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह और मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के आधार पर विस्तार से समझते हैं कि उत्तर प्रदेश में मानसून कब आएगा, पश्चिमी और पूर्वी यूपी के शहरों का हाल कैसा रहेगा, और अगले तीन दिनों तक मौसम क्या करवट लेगा।
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यूपी में मानसून की एंट्री: 18 जून को गोरखपुर के रास्ते मिलेगी राहत
\r\n\r\nपूरे उत्तर प्रदेश को जिस पल का बेसब्री से इंतजार रहता है, वह तारीख अब सामने आ गई है। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, इस साल मानसून 18 जून के आसपास उत्तर प्रदेश की धरती पर दस्तक दे सकता है।
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क्या है मानसून का रूट? मानसून के 26 मई के आसपास केरल तट पर पहुंचने की प्रबल संभावना है। केरल में झमाझम बारिश के बाद यह उत्तर भारत की तरफ रुख करेगा। मौजूदा मौसमी परिस्थितियों और हवाओं के पैटर्न का बारीकी से अध्ययन करने के बाद यह अनुमान लगाया गया है कि 18 जून को मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रास्ते राज्य में प्रवेश करेगा। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि यह एक संभावित तिथि है। केरल से मानसून के आगे बढ़ने की गति और दिशा के आधार पर ही इसकी सटीक तारीख का अंतिम आकलन किया जा सकेगा। लेकिन 18 जून की तारीख ने भीषण गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों को एक बड़ी मानसिक राहत जरूर दी है।
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पश्चिमी और पूर्वी यूपी में मौसम का हाल: उबल रहे हैं शहर, 47 डिग्री तक जाएगा पारा
\r\n\r\nजब तक मानसून की ठंडी फुहारें यूपी की धरती को नहीं भिगोतीं, तब तक प्रदेशवासियों को सूर्य देव के प्रचंड प्रकोप का सामना करना पड़ेगा। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है, जिसके कारण आसमान बिल्कुल साफ हो गया है और तेज चिलचिलाती धूप सीधे धरती पर पड़ रही है।
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1. पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West UP) का हाल:
\r\n\r\nपश्चिमी यूपी के प्रमुख शहरों जैसे आगरा, मथुरा, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, और मुरादाबाद में मौसम पूरी तरह से शुष्क हो गया है।
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- \r\n बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा कहर: पश्चिमी-दक्षिणी यूपी के बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। हाल ही में बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।\r\n \r\n
- \r\n हीटवेव का अलर्ट: मौसम विभाग ने झांसी, ललितपुर, जालौन सहित 8 जिलों में भीषण लू (Heatwave) का अलर्ट जारी किया है। दिन के समय 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। आने वाले दिनों में यहां पारा 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक छू सकता है। दिन के साथ-साथ अब रातें भी गर्म और उमस भरी होने लगी हैं।\r\n \r\n
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2. पूर्वी उत्तर प्रदेश (East UP) का हाल:
\r\n\r\nपूर्वी यूपी के शहरों जैसे गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, बलिया, आजमगढ़ और अयोध्या में भी गर्मी अपने चरम पर है।
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- \r\n भले ही मानसून की एंट्री गोरखपुर से होनी है, लेकिन अभी वहां के लोगों को भयंकर तपिश का सामना करना पड़ रहा है।\r\n \r\n
- \r\n यहां भी आसमान से आग बरस रही है। प्रयागराज और वाराणसी में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तापमान में अभी और बढ़ोतरी होगी। तपिश इतनी बढ़ेगी कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर सकता है।\r\n \r\n
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अगले 3 दिन कैसा रहेगा यूपी का मौसम? (17 से 19 मई का पूर्वानुमान)
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- \r\n 17 मई: पूरे उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी दोनों) में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहेगा। आंधी या बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। तेज धूप और साफ आसमान के कारण पारे में 3 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल देखने को मिल सकता है।\r\n \r\n
- \r\n 18 मई: पश्चिमी और पूर्वी यूपी के आसमान से आग बरसेगी। तेज धूप के साथ-साथ दोपहर में भीषण लू चलने की पूरी संभावना है। गर्म हवाओं की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जो लोगों के लिए 'लू के थपेड़ों' जैसा काम करेगी।\r\n \r\n
- \r\n 19 मई: आसमान में कहीं-कहीं हल्के और पतले बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन इनसे बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। यह बादल केवल उमस बढ़ाने का काम करेंगे। दोपहर के समय लू का प्रकोप जारी रहेगा, इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।\r\n \r\n
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आंधी-तूफान का कहर: 111 की मौत, आईपीएल में मौन और सीएम योगी का सख्त निर्देश
\r\n\r\nबुधवार और गुरुवार को यूपी के कई हिस्सों (खासकर कानपुर, हरदोई, बदायूं और जालौन) में अचानक मौसम बदला और भयंकर आंधी-बारिश का दौर देखने को मिला। इस प्राकृतिक आपदा ने प्रदेश में भारी तबाही मचाई। अलग-अलग हादसों (पेड़ गिरने, बिजली गिरने, दीवार ढहने) में 111 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस त्रासदी पर पूरा प्रदेश सदमे में है। शुक्रवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मैच से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने इस त्रासदी में जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा।
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किसानों पर दोहरी मार, सरकार का आश्वासन: आंधी और बारिश ने केवल इंसानी जानें ही नहीं लीं, बल्कि खेतों में खड़ी फसलों को भी तबाह कर दिया। खासकर जायद की फसलें—खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा और अन्य हरी सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस संकट की घड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकार किसानों और आम जनता के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
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- \r\n शासन स्तर से हर जिले की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि राहत सामग्री और मुआवजा समय पर प्रभावितों तक पहुंचे।\r\n \r\n
- \r\n सीएम ने चेतावनी दी है कि राहत कार्यों में किसी भी अफसर की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।\r\n \r\n
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'अल नीनो' का खतरा: इस साल यूपी में कम क्यों बरसेगा मानसून?
\r\n\r\nभले ही मानसून 18 जून को आ रहा है, लेकिन किसानों के लिए मौसम विभाग ने एक चिंताजनक पूर्वानुमान भी जारी किया है। जून से सितंबर के बीच चलने वाले मानसून सीजन में इस साल उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है।
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क्या है इसके पीछे की वजह? मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि प्रशांत महासागर में मौसमी बदलाव हो रहे हैं। 'ला नीना' (La Nina) जैसी स्थितियां, जो अच्छी बारिश लाती हैं, अब खत्म हो रही हैं और 'अल नीनो' (El Nino) की ओर बढ़ने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं। अल नीनो के सक्रिय होने का सीधा मतलब है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ जाएगा, जिसके कारण बारिश कम होगी। इसके अतिरिक्त, इस साल जनवरी से मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध में बर्फबारी कम हुई है, यह फैक्टर भी भारतीय मानसून प्रणाली को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
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(नोट: पिछले साल यानी 2025 के मानसून सीजन में यूपी में जमकर बदरा बरसे थे। औसतन 870 से 900 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य औसत से लगभग 10 से 15 प्रतिशत अधिक थी। लेकिन इस साल स्थिति इसके विपरीत रहने वाली है।)
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यूपी के मौसम में बार-बार उतार-चढ़ाव क्यों हो रहा है?
\r\n\r\nआपके मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि कभी भीषण गर्मी, तो कभी अचानक आंधी-बारिश—आखिर यह मौसमी उलटफेर क्यों हो रहा है? मौसम विभाग के जानकारों का कहना है कि इसके पीछे पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के पहाड़ों का मौसम जिम्मेदार है। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम लगातार बदल रहा है। वहां ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है और निचले इलाकों में बारिश। फिर अचानक धूप निकल आती है। पहाड़ों पर हो रहे इस मौसमी बदलाव का सीधा असर मैदानी इलाकों यानी उत्तर प्रदेश पर पड़ रहा है। जब पहाड़ों से ठंडी हवाएं मैदानों की तरफ आती हैं, तो वे स्थानीय गर्म हवाओं से टकराकर बारिश और आंधी का सिस्टम (Local Weather System) तैयार कर देती हैं। आने वाले कुछ दिनों तक पहाड़ों पर ऐसा ही उतार-चढ़ाव रहने के आसार हैं, जिसका हल्का-फुल्का प्रभाव यूपी के तराई और सीमावर्ती इलाकों में देखा जा सकता है, लेकिन मुख्य रूप से पूरे प्रदेश में अब भीषण गर्मी और लू का ही राज रहेगा।
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सावधानी बरतें: तेज धूप और 47 डिग्री की तरफ बढ़ते पारे को देखते हुए, मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को खूब पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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