उत्तर प्रदेश (मौसम डेस्क): उत्तर प्रदेश में पिछले 10 दिनों से मौसम के तेवर बेहद आक्रामक हो गए हैं। आसमान से आग बरस रही है और झुलसाने वाली लू (Heatwave) ने आम जनजीवन को पूरी तरह से बेहाल कर दिया है। अप्रैल का महीना ही मई और जून जैसी भीषण गर्मी का एहसास करा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है। सबसे ज्यादा बुरा हाल प्रयागराज का है, जो पिछले 24 घंटों में पूरे देश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया है। यहाँ का तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।READ ALSO:-मौत का गड्ढा! चांदपुर की फैक्ट्री में दफन हुई मजदूर की सांसें, आक्रोशित परिजनों ने हाईवे पर काटा बवाल, थम गए वाहनों के पहिए
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मौसम विभाग (IMD) के अलर्ट के मुताबिक, वर्तमान में यूपी के 60 जिलों में खतरनाक लू चल रही है। लोग चेहरा ढककर और छाते का सहारा लेकर ही घरों से बाहर निकलने को मजबूर हैं। हालांकि, चिलचिलाती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने 26 अप्रैल से मौसम के करवट लेने और बारिश होने की उम्मीद भी जताई है।
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पूर्वांचल और यूपी ईस्ट की वेदर रिपोर्ट (City Wise UP-East Weather Report)
\r\n\r\nपूर्वी उत्तर प्रदेश में सूरज के तीखे तेवर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। यहाँ सुबह 8 बजे से ही लू के थपेड़े शुरू हो जाते हैं।
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- \r\n प्रयागराज (Prayagraj): संगम नगरी प्रयागराज भट्टी की तरह तप रही है। पिछले 24 घंटे में यहाँ का अधिकतम तापमान 45.2°C रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह न सिर्फ यूपी बल्कि पूरे देश का सबसे गर्म जिला बन गया है। सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा है।\r\n \r\n
- \r\n वाराणसी (Varanasi/Kashi): काशी में पारा 44 डिग्री के पार जा चुका है। सुबह के वक्त ही तापमान 43 डिग्री दर्ज किया जा रहा है। भीषण गर्मी के कारण प्रसिद्ध घाटों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। पर्यटकों के न आने के चलते नाविकों ने सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक नावों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया है। शहर में हवा की रफ्तार 3 किलोमीटर प्रति घंटा है और AQI 113 पर पहुंच गया है।\r\n \r\n
- \r\n गोरखपुर (Gorakhpur): गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि जानवरों पर भी पड़ रहा है। गोरखपुर के चिड़ियाघर में दरियाई घोड़ा (Hippopotamus) गर्मी से बचने के लिए पानी से बाहर ही नहीं निकल रहा है।\r\n \r\n
- \r\n हमीरपुर (Hamirpur): हमीरपुर जिले में भी सूरज आग उगल रहा है और यहाँ का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है।\r\n \r\n
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पश्चिमी और मध्य यूपी की वेदर रिपोर्ट (City Wise UP-West & Central Weather Report)
\r\n\r\nपश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में भी लू का प्रचंड प्रकोप जारी है। यहाँ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है।
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- \r\n कानपुर (Kanpur): कानपुर में भीषण गर्मी ने पिछले 18 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शुक्रवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) के वेदर स्टेशन पर अधिकतम तापमान 41.7°C दर्ज किया गया। इससे पहले 2008 में अप्रैल महीने में तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंचा था। एयरफोर्स स्टेशन पर तो पारा 43.0°C दर्ज किया गया। लोग गर्मी से बचने के लिए नारियल पानी और गन्ने के जूस का सहारा ले रहे हैं। नगर निगम सड़कों पर पानी का छिड़काव करवा रहा है।\r\n \r\n
- \r\n आगरा (Agra): ताजनगरी आगरा में सुबह से ही तपिश शुरू हो जाती है। यहाँ भी पारा 44 डिग्री के पार है और मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसके 45 डिग्री तक पहुंचने की पूरी संभावना है। राहगीरों की सुविधा के लिए आगरा नगर निगम सड़कों पर पानी की बौछारें डाल रहा है।\r\n \r\n
- \r\n बरेली (Bareilly): बरेली में भी भीषण गर्मी का सितम जारी है। सुबह से ही लू के थपेड़े चल रहे हैं और यहाँ का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।\r\n \r\n
- \r\n गाजियाबाद (Ghaziabad): एनसीआर के अहम हिस्से गाजियाबाद में सुबह से तेज धूप खिली है। सुबह का न्यूनतम तापमान ही 28 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि दिन में अधिकतम तापमान 41 डिग्री के पार पहुंचने का अनुमान है। हवा की गति 8 किमी/घंटा है।\r\n \r\n
- \r\n अलीगढ़ (Aligarh): अलीगढ़ में सुबह से ही तेज धूप है और अधिकतम तापमान 30 डिग्री (सुबह के वक्त) दर्ज किया गया है। 5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने यहाँ लू का येलो अलर्ट जारी किया है।\r\n \r\n
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21 जिलों में 'वार्म नाइट' (गर्म रातों) का अलर्ट
\r\n\r\nमौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि केवल दिन ही नहीं, रातें भी बेचैन करने वाली होंगी। प्रदेश के 21 जिलों में 'वार्म नाइट' (Warm Night) का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में शामिल हैं: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, और बदायूं।
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आम जनजीवन बेहाल, प्रशासन कर रहा उपाय
\r\n\r\nचिलचिलाती धूप से बचाव के लिए कई शहरों में ट्रैफिक सिग्नल्स पर रुकने वाले यात्रियों के लिए 'ग्रीन नेट' (Green Net) लगाई गई है, ताकि उन्हें सीधी धूप से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में न निकलने की सलाह दी है।
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बचाव के लिए मौसम विभाग के सुझाव:
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- \r\n जरूरत पड़ने पर ही दोपहर के समय घर से बाहर निकलें।\r\n \r\n
- \r\n हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें।\r\n \r\n
- \r\n बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछे या छाते से जरूर ढकें।\r\n \r\n
- \r\n अधिक से अधिक पानी पिएं। चक्कर, तेज बुखार, सिरदर्द या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।\r\n \r\n
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राहत की खबर: 26 से 30 अप्रैल के बीच मौसम में बदलाव के आसार
\r\n\r\nलखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के अनुसार, झुलसाने वाली इस गर्मी से जल्द ही थोड़ी राहत मिलने वाली है। 26 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा, जिसका केंद्र महाराष्ट्र रहेगा।
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- \r\n 26 अप्रैल: पश्चिमी यूपी और तराई वाले इलाकों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, पूर्वी यूपी में गर्मी के तेवर बरकरार रहेंगे।\r\n \r\n
- \r\n 27 अप्रैल: पश्चिमी यूपी के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।\r\n \r\n
- \r\n 28 से 30 अप्रैल: पूरे प्रदेश में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। आंधी-तूफान जैसे हालात बन सकते हैं और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।\r\n \r\n
- \r\n मई का अलर्ट: मौसम वैज्ञानिकों का यह भी अनुमान है कि यह राहत अस्थायी होगी और मई के पहले सप्ताह में पारा एक बार फिर 45 डिग्री के पार जा सकता है।\r\n \r\n
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इस साल मानसून पर 'अल-नीनो' (El Nino) का साया
\r\n\r\nमौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक डॉ. एम. महापात्रा ने एक चिंताजनक जानकारी दी है। उनके अनुसार, इस बार जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। इसका मुख्य कारण 'अल-नीनो' का प्रभाव है।
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- \r\n अल-नीनो क्या है? इसमें समुद्र की सतह का तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ जाता है। इसका प्रभाव 10 साल में औसतन दो बार होता है। इसके कारण भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे बारिश कम होती है।\r\n \r\n
- \r\n ला-नीना क्या है? इसके विपरीत, ला-नीना में समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इससे आसमान में घने बादल छाते हैं और अच्छी बारिश होती है। इस साल ला-नीना की स्थितियां खत्म होकर अल-नीनो की ओर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा, उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी भी इस साल के मानसून को कमजोर कर सकती है।\r\n \r\n
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उत्तर प्रदेश के निवासियों को फिलहाल सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के सभी उपाय अपनाने की सख्त आवश्यकता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.