उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे (Dense Fog) की शुरुआत के साथ ही योगी सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए 'जीरो रिस्क' की नीति अपना ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन विभाग ने प्रदेश भर में बसों के संचालन को लेकर सख्त गाइडलाइंस (Strict Guidelines) जारी कर दी हैं।READ ALSO:-यूपी में ठंड का 'टॉर्चर': जौनपुर, मेरठ और सोनभद्र समेत कई जिलों में स्कूल बंद; लखनऊ-प्रयागराज में बदली टाइमिंग, देखें अपने जिले की लिस्ट
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अब कोहरे के दौरान सड़कों पर रोडवेज या अनुबंधित बसें हवा से बातें नहीं करेंगी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने स्पष्ट आदेश दिया है कि धुंध और कोहरे के दौरान किसी भी सूरत में बस की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यह फैसला आए दिन कोहरे के कारण हो रहे हादसों को रोकने के लिए लिया गया है।
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1. विजिबिलिटी कम तो थम जाएंगे पहिए
\r\n\r\nपरिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि यात्रियों की जान सबसे कीमती है।
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- \r\n 40 KMPH का रूल: कोहरे में बस की अधिकतम गति 40 किमी/घंटा ही रहेगी।\r\n \r\n
- \r\n बस रोकने का आदेश: अगर कोहरा बहुत घना है और विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम है, तो ड्राइवर को बस किसी सुरक्षित स्थान (ढाबा, पेट्रोल पंप या बस स्टॉप) पर रोकनी होगी। जब तक कोहरा नहीं छंटता, बस आगे नहीं बढ़ेगी।\r\n \r\n
- \r\n एनाउंसमेंट: बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लगातार यात्रियों को इन सुरक्षा उपायों और देरी की जानकारी दी जाएगी ताकि पैनिक न फैले।\r\n \r\n
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2. ड्राइवरों के लिए अग्निपरीक्षा: 8 घंटे की नींद जरूरी
\r\n\r\nरात के समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए ड्राइवरों (Drivers) पर विशेष फोकस किया गया है।
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- \r\n अनुभवी सारथी: रात्रिकालीन सेवा (Night Service) में केवल उन्हीं ड्राइवरों की ड्यूटी लगाई जाएगी जो अनुभवी हों, जिनका एक्सीडेंट रिकॉर्ड शून्य हो और जो ईंधन बचाने (Good Fuel Record) में भी माहिर हों। नए ड्राइवरों को रात में बस नहीं दी जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n आराम अनिवार्य: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नाइट शिफ्ट पर जाने से पहले ड्राइवर ने कम से कम 8 घंटे का विश्राम पूरा किया हो। थके हुए ड्राइवर को स्टीयरिंग नहीं सौंपी जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n अल्कोहल टेस्ट: मार्ग पर तैनात इंटरसेप्टर और प्रवर्तन वाहन चेकिंग के दौरान ब्रेथ एनालाइजर (Breath Analyzer) से ड्राइवरों का अल्कोहल टेस्ट करेंगे। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई होगी।\r\n \r\n
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3. बस 'अनफिट' तो रोड पर नो एंट्री
\r\n\r\nसिर्फ ड्राइवर ही नहीं, बसों की कंडीशन भी 'टिप-टॉप' होनी चाहिए। लंबी दूरी और रात में चलने वाली बसों को डिपो से निकालने (Out-shedding) से पहले 13 बिंदुओं पर और संचालन के दौरान 31 बिंदुओं पर जांचना अनिवार्य कर दिया गया है।
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- \r\n सुरक्षा उपकरण: सभी बसों में फॉग लाइट (Fog Light), ऑल वेदर बल्ब, वाइपर, शीशे और रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप (चमकने वाली पट्टी) का सही हालत में होना अनिवार्य है।\r\n \r\n
- \r\n सर्विस में कटौती: जिन रात्रिकालीन बसों में यात्रियों की संख्या 50% से कम (Low Load Factor) है, उन्हें अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा, ताकि अनावश्यक जोखिम न लिया जाए।\r\n \r\n
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4. सड़कों के हिसाब से ड्राइविंग के नियम
\r\n\r\nपरिवहन मंत्री ने चालकों को सड़क की बनावट के हिसाब से गाड़ी चलाने का विशेष प्रशिक्षण देने को कहा है:
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- \r\n एक्सप्रेस-वे: यहां अचानक ब्रेक लगाने या ठहराव से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि पीछे से आ रही तेज रफ्तार गाड़ियां टकरा सकती हैं।\r\n \r\n
- \r\n डिवाइडर युक्त सड़कें: यहां विशेष सावधानी और लेन अनुशासन (Lane Discipline) का पालन करना होगा।\r\n \r\n
- \r\n बिना डिवाइडर वाली सड़कें: यहां आमने-सामने की टक्कर का खतरा सबसे ज्यादा होता है, इसलिए बेहद सतर्कता और बाईं ओर (Left Side) संचालन के निर्देश दिए गए हैं।\r\n \r\n
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योगी सरकार का संदेश: परिवहन मंत्री ने दोहराया कि योगी सरकार के लिए नागरिकों का जीवन सर्वोच्च प्राथमिकता है। थोड़ी देरी बर्दाश्त की जा सकती है, लेकिन सुरक्षा में कोई चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी आरएम (RM) और एआरएम (ARM) को इन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए फील्ड में निगरानी करने को कहा गया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.