लखनऊ/कानपुर: केंद्र सरकार द्वारा 2025 के बजट में घोषित एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन यूपी (EPM) राज्य के निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत और विकास का अवसर लेकर आया है। इस मिशन के तहत जारी किए गए ₹25,000 करोड़ के फंड ने बीते 6 महीनों में निर्यात व्यापार में तेजी लाने का काम किया है। उत्तर प्रदेश और कानपुर सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के निर्यातक इस योजना का लाभ उठा रहे हैं, जिसे विशेषज्ञों ने निर्यात को बढ़ावा देने और उनकी परेशानियों को कम करने वाली पहल बताया है।READ ALSO:-UP में 'कामगारों' के अच्छे दिन: अब 1 साल में मिलेगी ग्रेच्युटी, ओवरटाइम का डबल पैसा; महिलाओं को नाइट शिफ्ट की आजादी
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आईआईए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने इस मिशन का स्वागत करते हुए कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन से निर्यातकों को लाभ होगा और सभी को इसमें अपना पंजीकरण कराना चाहिए।
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EPM स्कीम से निर्यातकों को मिलने वाली मुख्य वित्तीय सहायता
\r\n\r\nफेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (FIEO) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि EPM के तहत निर्यातकों को सबसे बड़ी सहायता विदेश जाकर कारोबार करने की दिशा में मिलेगी। यह मिशन निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत होने के लिए कई तरह की वित्तीय मदद प्रदान करता है:
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- \r\n रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में सहायता:\r\n\r\n
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- \r\n अगर कोई निर्यातक विदेश जाकर रिसर्च एंड डेवलपमेंट के तौर पर ₹3 लाख तक खर्च करता है, तो उसमें 30 से 40 प्रतिशत तक की वित्तीय मदद सरकार से मिलेगी।\r\n \r\n
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- \r\n उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग:\r\n\r\n
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- \r\n निर्यातकों को अपने उत्पादों की ग्लोबल ब्रांडिंग के लिए अधिक तनाव नहीं लेना होगा। ब्रांडिंग और मार्केटिंग के खर्चों में भी सरकार के स्तर से पर्याप्त वित्तीय सहायता मिल जाएगी।\r\n \r\n
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- \r\n ट्रेड फाइनेंस में राहत:\r\n\r\n
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- \r\n सरकार ने ट्रेड फाइनेंस (व्यापार वित्त) की दिशा में भी निर्यातकों को बड़ी राहत दी है। इससे निर्यातकों के लिए पूंजी की आवश्यकता को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।\r\n \r\n
- \r\n लेदर कारोबारी प्रेरणा वर्मा ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ जैसे संकटों के समय में EPM से बहुत मदद मिलेगी, जो एक सराहनीय पहल है।\r\n \r\n
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EPM स्कीम का लाभ लेने के लिए कैसे करें आवेदन?
\r\n\r\nFIEO के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन यूपी के तहत मदद के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद सरल बताई है। इच्छुक निर्यातक इन चरणों का पालन कर सकते हैं:
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- \r\n DGFT पोर्टल पर जाएं: निर्यातक को सबसे पहले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा।\r\n \r\n
- \r\n संबंधित लिंक पर क्लिक करें: पोर्टल पर एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (EPM) से संबंधित लिंक या सेक्शन को ढूंढें।\r\n \r\n
- \r\n फॉर्म भरें और सबमिट करें: वहां मौजूद पूरा आवेदन फॉर्म भरकर उसे ऑनलाइन सबमिट करें।\r\n \r\n
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आवेदन जमा होने के बाद, DGFT की ओर से संबंधित निर्यातक से सीधे संपर्क किया जाएगा और पूरी मदद सुनिश्चित कराई जाएगी।
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कानपुर और यूपी के कारोबारियों के लिए संजीवनी
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश, विशेष रूप से कानपुर (लेदर, टेक्सटाइल, आदि के लिए) और मुरादाबाद (पीतल के बर्तन) जैसे निर्यात हब के लिए यह स्कीम वरदान साबित हो सकती है। एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन यूपी राज्य की औद्योगिक व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही, छोटे और मध्यम निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ा होने का अवसर प्रदान करेगा। यह पहल भारत सरकार के 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' अभियानों को भी मजबूती देती है।
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यह स्कीम न केवल निर्यात की मात्रा बढ़ाएगी, बल्कि निर्यातकों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता, रिसर्च और वैश्विक मार्केटिंग पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करेगी।
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केंद्र सरकार द्वारा घोषित एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन यूपी (EPM) राज्य के निर्यातकों के लिए संजीवनी बन गया है, जिसके तहत ₹25,000 करोड़ का फंड जारी किया गया है। यह योजना विदेश में R&D और उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यूपी के निर्यातक DGFT पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिससे उन्हें ट्रेड फाइनेंस में राहत मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.