लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बिजली की दरें बढ़ सकती हैं। इस संभावना के बीच, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉर्पोरेशन के कुछ अधिकारियों पर इस साल जबरन बिजली दरें बढ़वाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। परिषद ने दावा किया है कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का 33,000 करोड़ रुपये से अधिक का सरप्लस (अधिशेष) होने के बावजूद, गलत आंकड़ों के आधार पर दरें बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है।READ ALSO:-छठ पूजा पर बड़ा ऐलान: लखनऊ में 28 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश, DM का आदेश जारी; स्कूल-कॉलेज, दफ्तर सब बंद
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सरकार की छवि खराब करने की साजिश: वर्मा राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि पावर कॉर्पोरेशन के कुछ शीर्ष अधिकारी इस वर्ष बिजली दरें बढ़ाने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी गलत आंकड़ों के आधार पर विद्युत नियामक आयोग पर दबाव बना रहे हैं, ताकि दरें बढ़ाई जा सकें। वर्मा ने इसे सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि प्रभावित करने का प्रयास बताया है।
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33,122 करोड़ सरप्लस, फिर भी 45% बढ़ोतरी की तैयारी? अवधेश वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजकर इस पूरे मामले में दखल देने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि बिजली कंपनियों और पावर कॉर्पोरेशन पर उपभोक्ताओं का लगभग 33,122 करोड़ रुपये सरप्लस है। इसके बावजूद 28 से 45 फीसदी तक बिजली दरें बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
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परिषद का दावा है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी लगभग 4,000 करोड़ रुपये का सरप्लस होने की संभावना है। ऐसे में, कानून के तहत बिजली दरें किसी भी हालत में नहीं बढ़ाई जा सकतीं, बल्कि उन्हें घटाया जाना चाहिए।
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120 दिन के बजाय 165 दिन बीते, दरें घोषित नहीं परिषद ने यह भी आरोप लगाया कि पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन और विद्युत नियामक आयोग मिलकर इस साजिश को अंजाम दे रहे हैं। प्रदेश के सभी बिजली निगमों की ओर से पावर कॉर्पोरेशन ने विद्युत नियामक आयोग में वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) प्रस्ताव दाखिल किया था, जिस पर सुनवाई भी पूरी हो चुकी है।
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नियमानुसार, ARR दाखिल होने के 120 दिन के भीतर बिजली दरें निर्धारित हो जानी चाहिए, लेकिन 165 दिन बीत जाने के बाद भी दरें घोषित नहीं की गई हैं। उपभोक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस वर्ष भी बिजली दरें न बढ़ने दी जाएं और साजिश में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
Sabse pehle comment karne wale banein.