लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली का उपयोग कर रहे और लगातार बिल का भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं के लिए अब कड़ी चेतावनी है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) ने यूपी बिजली बिल बकाया (UP Bijli Bill Bakaya) रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ एक बड़ा और सख्त अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। यह अभियान राजधानी लखनऊ सहित निगम के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में एक साथ शुरू हो चुका है, जिसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जिन पर ₹50,000 या उससे अधिक का बिजली बिल बकाया है।READ ALSO:-यूपी के लिए गुड न्यूज़! मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे पर जल्द भरेंगे फर्राटा, 94% काम पूरा; जानिए कब से होगा चालू?
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निगम का लक्ष्य साफ है: राजस्व वसूली में पारदर्शिता लाना और बिल न भरने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करना। इस नए अभियान के तहत कनेक्शन काटने के बाद उसे अवैध रूप से जोड़ने पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि बकाएदारों और कुछ भ्रष्ट संविदा कर्मचारियों के बीच चलने वाले 'गुपचुप कनेक्शन' के खेल को हमेशा के लिए बंद किया जा सके।
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50,000 रुपये या 6 महीने का बकाया, कनेक्शन होगा कट
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की वर्टिकल सिस्टम कलेक्शन यूनिट ने वसूली का पहला चरण उन उपभोक्ताओं पर केंद्रित किया है जिन पर बड़ी राशि बकाया है।
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    पहला निशाना: ऐसे उपभोक्ता जिन पर ₹50,000 या उससे ज्यादा का यूपी बिजली बिल बकाया है।
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    दूसरा निशाना: वे उपभोक्ता जिन्होंने पिछले 6 महीने से एक भी बिजली का बिल जमा नहीं किया है।
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निगम ने 2.25 लाख ऐसे उपभोक्ताओं को चिन्हित किया है, जिनसे कुल ₹75 करोड़ का राजस्व बकाया है। यह वसूली अभियान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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लखनऊ में आज से कलेक्शन टीम की दस्तक

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राजधानी लखनऊ में यह अभियान आज (सोमवार) से युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। कलेक्शन टीमें घर-घर और दुकान-दुकान जाकर बकाएदारों को बकाया बिल थमा रही हैं और भुगतान के लिए अंतिम अल्टीमेटम दे रही हैं। तय समय सीमा के भीतर बिल जमा न करने पर बिना किसी देरी के कनेक्शन काट दिया जाएगा।
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MVVNL के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि बिल वसूली का काम अब विशेष रूप से कलेक्शन टीम करेगी, जबकि निर्बाध आपूर्ति की जिम्मेदारी उपकेंद्र इंजीनियरों की होगी। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि यदि बिल चुकाए बिना कोई कनेक्शन जोड़ा जाता है, तो संबंधित उपकेंद्र के संविदा कर्मचारी की नौकरी चली जाएगी और कटे कनेक्शन की 24×7 निगरानी रखी जाएगी।
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लखनऊ के प्रभावित जोन और बकाएदार

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लखनऊ में अमौसी जोन में सबसे ज्यादा बकाएदार हैं, जहां 1.50 लाख उपभोक्ताओं पर बिल बकाया है। इनमें से 1.10 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने पिछले 6 महीने से कोई भुगतान नहीं किया है।
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ज़ोन का नाम
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₹50,000 से ज्यादा बकाया वाले उपभोक्ता
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अमौसी
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9,821
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जानकीपुरम
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2,925
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गोमतीनगर
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1,576
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लखनऊ मध्य
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1,183
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अमौसी जोन के प्रमुख प्रभावित इलाकों में निगोहा, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, अमेठी, उतरेटिया, सरोजनीनगर, बंथरा, मोहान रोड, काकोरी, रहीमाबाद, मलिहाबाद, माल, और जेहटा शामिल हैं।
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इन 19 जिलों के बकाएदारों को रहना होगा सावधान

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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम (MVVNL) के कार्यक्षेत्र में उत्तर प्रदेश के 19 जिले आते हैं। इन सभी जिलों में बकाएदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इन जिलों की सूची में बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बाराबंकी, रायबरेली, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, लखनऊ और अमेठी शामिल हैं। 
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निर्देशक योगेश कुमार की सीधी चेतावनी है कि अगर आपके घर या दुकान पर यूपी बिजली बिल बकाया ₹50,000 से ज्यादा है, तो बिल जमा कर लें, वरना कलेक्शन टीम कभी भी आपके दरवाजे पर दस्तक दे सकती है और अचानक अंधेरा हो जाएगा।
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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा यूपी बिजली बिल बकाया पर शुरू किया गया यह सख्त अभियान राजस्व वसूली में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। लखनऊ सहित 19 जिलों में ₹50,000 से अधिक के बकाएदारों के खिलाफ आज से कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू हो गई है। यह कदम न केवल बकाया राशि वसूलने के लिए उठाया गया है, बल्कि कटे हुए कनेक्शनों को अवैध रूप से जोड़ने की पुरानी प्रथा को जड़ से खत्म करने पर भी केंद्रित है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे तत्काल अपना बिल भुगतान कर कार्रवाई से बचें। 
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