उत्तर प्रदेश में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। समूचा प्रदेश इस वक्त एक ऐसे 'व्हाइट लॉकडाउन' की गिरफ्त में है, जिसने न केवल यातायात की रफ्तार थाम दी है, बल्कि आम जनजीवन को भी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 48 घंटों में ठंड और कोहरे का यह गठजोड़ जानलेवा साबित हुआ है। कहीं सड़कों पर खून बहा है, तो कहीं ठंड ने लोगों की सांसें छीन ली हैं। लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी समेत प्रदेश के 30 प्रमुख शहर घने कोहरे (Dense Fog) की अभेद्य चादर में लिपटे हुए हैं, जहां दिन में ही रात जैसा सन्नाटा पसरा है। विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य तक पहुंचने से एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे 'डेथ जोन' में तब्दील हो चुके हैं।READ ALSO:-खाकी पर गहरा दाग: बिजनौर में 4 जिंदगियां निगलने वाले 'खूनी डंपर' को पुलिस ने ही छिपाया, CCTV ने उधेड़ी वर्दी वालों की पोल
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कुदरत का कहर: आसमान से बरस रही 'बर्फीली आफत'
\r\n\r\nमौसम का मिजाज इस कदर बिगड़ चुका है कि उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों ने ठंड के मामले में पहाड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है। जिसे हम ओस की बूंदें कहते हैं, वे अब बारिश की फुहारों की तरह गिर रही हैं, जिससे कपड़ों के साथ-साथ हड्डियां तक कांप रही हैं। गाजीपुर के ग्रामीण अंचलों से आई तस्वीरें डराने वाली हैं—वहां खेतों में बर्फ की सफेद परत जम गई है। सर्द हवाएं ऐसे चल रही हैं मानो सीधे कश्मीर की वादियों से आ रही हों।
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आंकड़ों पर नजर डालें तो सोमवार को बाराबंकी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 4.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हैरानी की बात यह है कि यूपी के 26 शहर, पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले नैनीताल (6°C) और शिमला (11°C) से भी ज्यादा ठंडे दर्ज किए गए। यह आंकड़ा बताता है कि ग्लोबल वार्मिंग और मौसम चक्र में बदलाव का असर अब मैदानी इलाकों पर कितना गहरा पड़ रहा है।
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सड़कों पर 'यमराज' का पहरा: कोहरे के कारण हुए खौफनाक हादसे
\r\n\r\nघना कोहरा वाहन चालकों के लिए काल बन गया है। दृश्यता कम होने के कारण ड्राइवर अंदाज से गाड़ियां चला रहे हैं, जो जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले 24 घंटों में हुए तीन बड़े हादसों में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
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1. अमेठी: नेशनल हाईवे पर खूनी मंजर
\r\n\r\nअमेठी में सोमवार रात करीब 2 बजे कोहरे का सबसे भयावह रूप देखने को मिला। नेशनल हाईवे पर विजिबिलिटी इतनी कम थी कि एक रोडवेज बस और ट्रक की टक्कर हो गई। इसके बाद पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन एक-एक करके भिड़ते चले गए। देखते ही देखते 7 वाहन (बस, ट्रक और कारें) आपस में टकराकर कबाड़ में तब्दील हो गए। चीख-पुकार के बीच मौके पर ही 3 लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मशक्कत करके घायलों को निकाला।
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2. कानपुर: गैस कटर से काटकर निकाली गई जिंदगी
\r\n\r\nमंगलवार सुबह कानपुर में भी कोहरे ने कहर बरपाया। यशोदा नगर एलिवेटेड रोड पर टमाटर से लदी एक पिकअप वैन कोहरे के कारण बेकाबू होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और दो युवक केबिन के अंदर बुरी तरह फंस गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने गैस कटर का इस्तेमाल कर करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी के हिस्से को काटकर उन्हें बाहर निकाला। इस हादसे के कारण एलिवेटेड रोड पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
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3. वाराणसी और मुरादाबाद भी अछूते नहीं
\r\n\r\nवाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र में रिंग रोड फेज-2 पर एक तेज रफ्तार डीसीएम (DCM) आगे चल रहे ट्रेलर में जा घुसी। वहीं, मुरादाबाद में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर (कटघर थाना क्षेत्र) घने कोहरे के कारण दो भारी-भरकम ट्रक डिवाइडर से टकरा गए। गनीमत रही कि यहाँ कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन वाहनों के परखच्चे उड़ गए।
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बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: 9 जिलों में 'स्कूल बंदी' के आदेश
\r\n\r\nहाड़ कंपा देने वाली ठंड और विजिबिलिटी शून्य होने के कारण नौनिहालों का स्कूल जाना खतरे से खाली नहीं है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। अब तक 9 से अधिक जिलों में 8वीं तक (और कुछ स्थानों पर 12वीं तक) के स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
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- \r\n इन जिलों में ताला: रायबरेली, सुल्तानपुर, वाराणसी, जौनपुर, उन्नाव, सोनभद्र, मिर्जापुर, अंबेडकरनगर और संभल।\r\n \r\n
- \r\n संभल: यहाँ सीजन का पहला 'वेरी डेंस फॉग' (Very Dense Fog) पड़ते ही डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने नर्सरी से इंटरमीडिएट तक के स्कूलों में दो दिन की छुट्टी का ऐलान कर दिया है।\r\n \r\n
- \r\n गाजियाबाद: एनसीआर के इस शहर में ठंड के साथ प्रदूषण भी मार कर रहा है, इसलिए यहाँ कक्षा 5 तक की सभी कक्षाएं ऑनलाइन मोड में चलाने के आदेश दिए गए हैं।\r\n \r\n
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रफ्तार पर ब्रेक: ट्रेनें रेंग रही हैं, फ्लाइट्स हो रही हैं कैंसिल
\r\n\r\nकोहरे ने भारतीय रेलवे और एविएशन सेक्टर की समय सारिणी (Timetable) को पटरी से उतार दिया है। यात्रियों के लिए सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
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- \r\n रेलवे का बुरा हाल: कानपुर सेंट्रल, जो उत्तर भारत का प्रमुख जंक्शन है, वहां 100 से ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं। राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी कोहरे के आगे बेबस नजर आ रही हैं। मेरठ से गुजरने वाली 10 से अधिक ट्रेनें भी घंटों लेट चल रही हैं। स्टेशनों पर यात्री ठंड में ठिठुरते हुए अपनी ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर हैं।\r\n \r\n
- \r\n हवाई सेवा बाधित: वाराणसी एयरपोर्ट से कोहरे (Low Visibility) के चलते 4 प्रमुख फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा। इनमें इंडिगो की बेंगलुरु (6E 714/499), चेन्नई (6E 401/6044), हैदराबाद (6E 6719/432) और मुंबई (6E 6447/6570) जाने वाली फ्लाइट्स शामिल हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहना पड़ा।\r\n \r\n
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जहरीली हवा का 'डबल अटैक': गाजियाबाद रेड जोन में
\r\n\r\nदिल्ली-एनसीआर में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। हवा में जहर घुलने से सांस के मरीजों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
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- \r\n गाजियाबाद: यहाँ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 415 दर्ज किया गया है, जो 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में आता है।\r\n \r\n
- \r\n नोएडा: यहाँ स्थिति और भी बदतर है, जहां AQI 426 के साथ यह देश का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है।\r\n \r\n
- \r\n दिल्ली: यहाँ का AQI भी 415 रहा। कोहरे और धुंध (Smog) के इस मिश्रण ने विजिबिलिटी को और कम कर दिया है। सहारनपुर में भी AQI 341 दर्ज किया गया है, जो बेहद खराब श्रेणी है।\r\n \r\n
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अगले 120 घंटे का 'वेदर बुलेटिन': क्या सुधरेगा मौसम?
\r\n\r\nअगर आप क्रिसमस या न्यू ईयर पर कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम विभाग (IMD) का यह अपडेट आपको निराश कर सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, अभी राहत की कोई उम्मीद नहीं है।
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- \r\n 24 दिसंबर: दिन में कुछ समय के लिए सूर्य देव के दर्शन हो सकते हैं, लेकिन सुबह और रात के समय पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, बिहार, झारखंड और एमपी में 'घना से बहुत घना कोहरा' छाया रहेगा।\r\n \r\n
- \r\n 25 दिसंबर (क्रिसमस): क्रिसमस के दिन मौसम और बिगड़ेगा। भीषण कोहरा और बर्फीली हवाएं चलेंगी। दिन का तापमान 6 डिग्री से 11 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।\r\n \r\n
- \r\n 26 से 28 दिसंबर: कोहरे की चादर और मोटी होगी। हाईवे, रेल और हवाई यातायात पर इसका व्यापक असर पड़ेगा।\r\n \r\n
- \r\n पहाड़ी असर: जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रही बर्फबारी से मैदानी इलाकों में पारा अगले कुछ दिनों में 2-3 डिग्री तक और गिर सकता है।\r\n \r\n
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किसानों के लिए 'एग्रो-अलर्ट': अपनी फसल ऐसे बचाएं
\r\n\r\nबदलते मौसम में रबी की फसलों पर कीट और रोगों का हमला हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:
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- \r\n गेहूं (Wheat): बुवाई के 20-30 दिन बाद पहली सिंचाई करें। अगर पत्तियां पीली पड़ रही हैं (जिंक की कमी), तो 5 किलो जिंक सल्फेट + 16 किलो यूरिया को 800 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।\r\n \r\n
- \r\n खरपतवार नाशक: गेहूं में छोटी और चौड़ी पत्ती के खरपतवार के लिए 'सल्फोसल्फ्यूरान' या 'मेटासल्फ्यूरॉन' का छिड़काव करें। पहली सिंचाई के बाद 'मेट्रीब्यूजिन' का भी प्रयोग कर सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n सरसों (Mustard): खेत में नमी बनाए रखें, हल्की सिंचाई अति आवश्यक है।\r\n \r\n
- \r\n चना (Gram): अगर फसल में कटुआ कीड़ा लगा है, तो क्लोरपाइरीफास का छिड़काव करें।\r\n \r\n
- \r\n सब्जियां: टमाटर और मिर्च में रोग लगने पर डाईमेथोएट या इमिडाक्लोप्रिड को पानी में घोलकर छिड़कें।\r\n \r\n
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प्रशासन सख्त: 108 और 112 डायल करने की अपील
\r\n\r\nराज्य सरकार ने हालात को देखते हुए हाई अलर्ट घोषित किया है। राहत आयुक्त ने 25 जिलों के अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर निर्देश दिए हैं:
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- \r\n स्पीड लिमिट घटी: यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 60 से 80 किमी प्रति घंटा कर दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n हेल्पलाइन: कोहरे में किसी भी हादसे की स्थिति में तत्काल 108 (एम्बुलेंस) और 112 (पुलिस) पर कॉल करें।\r\n \r\n
- \r\n किसानों को निर्देश: अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली और बुग्गी के पीछे रेडियम रिफ्लेक्टर जरूर लगाएं ताकि अंधेरे में पीछे से आने वाले वाहन उन्हें देख सकें।\r\n \r\n
- \r\n चालकों के लिए: सफेद एलईडी लाइट का प्रयोग न करें, क्योंकि कोहरे में यह सामने वाले की आंखों में चुभती है और विजिबिलिटी को कम करती है। अपनी लेन में चलें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।\r\n \r\n
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खबरीलाल की अपील: मौसम बेहद खराब है। जान है तो जहान है। बहुत जरूरी होने पर ही घर से निकलें। गाड़ी चलाते समय फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें और रफ्तार धीमी रखें। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
Sabse pehle comment karne wale banein.