लखनऊ/सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश में कुदरत का कहर इस वक्त अपने चरम पर है। पूरा प्रदेश मानो 'बर्फिस्तान' में तब्दील हो गया है। कड़ाके की ठंड, गलन और घने कोहरे की तिहरी मार ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात ये हैं कि उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाके पहाड़ों से भी ज्यादा ठंडे हो गए हैं। नैनीताल और शिमला, जहाँ लोग बर्फबारी का लुत्फ उठाने जाते हैं, उनसे भी कम तापमान यूपी के 26 जिलों में दर्ज किया गया है। इसी बीच, कोहरे की धुंध ने रफ़्तार पर ऐसा ब्रेक लगाया कि सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक भीषण हादसा हो गया, जिसमें एक ही परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।READ ALSO:-बिजनौर में रफ़्तार का 'तांडव': खनन डंपर ने क्रेटा कार को बनाया लोहे का ढेर, जलसे से लौट रहे 4 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत
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शिमला से भी ठंडा हुआ यूपी, बाराबंकी में जमी नसें
\r\n\r\nमौसम विभाग के आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया है। यूपी में पड़ रही ठंड ने पहाड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है। जहाँ नैनीताल में न्यूनतम तापमान 6°C और शिमला में 11°C दर्ज किया गया, वहीं यूपी के कई जिलों में पारा इससे काफी नीचे लुढ़क गया है।
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बीते 24 घंटों के मौसम का हाल देखें तो बाराबंकी प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 4.5°C तक गिर गया। गलन इतनी जबरदस्त है कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
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- \r\n इटावा: 6.4°C\r\n \r\n
- \r\n शाहजहांपुर: 6.5°C\r\n \r\n
- \r\n कानपुर और बुलंदशहर: 7°C\r\n \r\n
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इन आंकड़ों से साफ है कि यूपी में सर्दी का सितम किस कदर जारी है। बर्फीली हवाओं ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी है।
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बांदा में ठंड बनी जानलेवा: किसान को आया हार्ट अटैक
\r\n\r\nशीतलहर का यह प्रकोप अब जानलेवा साबित हो रहा है। बांदा जिले में कड़ाके की ठंड की वजह से दो लोगों की दर्दनाक मौत की खबर है। यहाँ खेत में काम कर रहे एक किसान को सर्दी लगने के कारण दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा। डॉक्टर पीके गुप्ता ने पुष्टि करते हुए बताया कि अत्यधिक ठंड के कारण नसों में सिकुड़न आती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से किसान की जान चली गई। वहीं, एक अन्य युवक की भी ठंड लगने से मौत की खबर है।
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कोहरे का 'लॉकडाउन': 100 ट्रेनें लेट, फ्लाइट्स भी प्रभावित
\r\n\r\nसोमवार की सुबह जब लोगों की नींद खुली, तो बाहर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या और सुल्तानपुर समेत प्रदेश के 40 जिलों में घना कोहरा (Dense Fog) छाया रहा। कई जगहों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) गिरकर मात्र 10 मीटर रह गई।
\r\n\r\nइस 'सफेद आफत' का सीधा असर यातायात पर पड़ा है:
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- \r\n रेलवे: विजिबिलिटी कम होने के कारण लोको पायलट्स को ट्रेनों की रफ्तार धीमी करनी पड़ी। लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज और इटावा स्टेशनों से गुजरने वाली 100 से ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से चल रही हैं। यात्री स्टेशनों पर ठिठुरते हुए अपनी ट्रेन का इंतजार करते नजर आए।\r\n \r\n
- \r\n हवाई यात्रा: कानपुर और काशी (वाराणसी) समेत कई एयरपोर्ट्स पर विमान सेवाओं पर असर पड़ा है। कम दृश्यता के कारण फ्लाइट्स देरी से उड़ान भर रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।\r\n \r\n
- \r\n सड़क परिवहन: हाईवे पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं। यमुना एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर प्रशासन ने एहतियातन स्पीड लिमिट को घटाकर 60 से 80 किमी प्रति घंटा कर दिया है।\r\n \r\n
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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कोहरे का कहर: ट्रक में जा घुसी कार, 3 की मौत
\r\n\r\nकोहरे की वजह से सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। यहाँ जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र में माइलस्टोन संख्या 142 के पास सुबह करीब 9:30 बजे एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार (Ertiga Car) सड़क पर खड़े एक ट्रक में पीछे से जा घुसी।
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हादसे की मुख्य वजह: पुलिस के मुताबिक, मवेशियों से लदा एक ट्रक एक्सल टूटने के कारण एक्सप्रेस-वे पर खड़ा था। घना कोहरा होने की वजह से पीछे से आ रहे कार चालक को खड़ा ट्रक दिखाई नहीं दिया और कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और कार एक मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।
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पिता-पुत्र समेत 3 की जान गई: इस हादसे में आजमगढ़ के सराय मीर थाना क्षेत्र के रहने वाले सिकंदर और उनके बेटे अजय की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल हरिवंश को पुलिस ने दोस्तपुर सीएचसी पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: हादसे की सूचना मिलते ही जयसिंहपुर के क्षेत्राधिकारी आर.के. चतुर्वेदी, कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्रा और यूपीडा (UPEIDA) की टीम मौके पर पहुंची। गैस कटर की मदद से कार को काटकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। इस हादसे में कुल 8 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें अंबेडकर नगर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
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प्रशासन अलर्ट: स्कूलों में छुट्टी, टाइमिंग में बदलाव
\r\n\r\nबढ़ती ठंड और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यूपी सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
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- \r\n अवकाश घोषित: रायबरेली, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर और उन्नाव जिलों में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में छुट्टी (Holiday) घोषित कर दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n समय परिवर्तन: राजधानी लखनऊ और बरेली समेत कई अन्य जिलों में स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को सुबह की गलन भरी ठंड से बचाया जा सके।\r\n \r\n
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प्रशासन ने बुजुर्गों और बच्चों को सुबह और रात के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। रैन बसेरों में भी व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
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किसानों के लिए जरूरी सलाह: अपनी फसल को कैसे बचाएं?
\r\n\r\nकृषि वैज्ञानिकों ने इस मौसम को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। किसानों का कहना है कि यह कोहरा और ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान है और इससे पैदावार अच्छी होगी। लेकिन आलू, दलहन (मसूर, चना) और मटर की फसल को इससे भारी नुकसान हो सकता है।
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वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:
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- \r\n गेहूं (Wheat): बुवाई के 20-30 दिन बाद पहली सिंचाई करें। यदि पत्तियों में पीलापन या जिंक की कमी दिखे, तो प्रति हेक्टेयर 5 किलो जिंक सल्फेट और 16 किलो यूरिया को 800 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।\r\n \r\n
- \r\n खरपतवार नियंत्रण: गेहूं में छोटी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए सल्फोसल्फ्यूरान या मेटासल्फ्यूरॉन का छिड़काव पहली सिंचाई के बाद करें।\r\n \r\n
- \r\n सरसों (Mustard): यदि खेत में नमी कम हो रही है, तो हल्की सिंचाई अवश्य करें ताकि पाले का असर कम हो।\r\n \r\n
- \r\n चना (Gram): चने में कटुआ कीड़े का प्रकोप दिखने पर क्लोरपाइरीफास का छिड़काव करें।\r\n \r\n
- \r\n सब्जियां: टमाटर और मिर्च के पौधों में रोग लगने की संभावना ज्यादा है। बचाव के लिए डाईमेथोएट या इमिडाक्लोप्रिड को पानी में घोलकर छिड़काव करें।\r\n \r\n
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मौसम विभाग की भविष्यवाणी: अभी और सताएगी सर्दी
\r\n\r\nलखनऊ मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय हुए हैं।
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- \r\n राहत की उम्मीद: इनके असर से आने वाले दिनों में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है और कोहरे की घनत्व में थोड़ी कमी आ सकती है।\r\n \r\n
- \r\n चेतावनी: हालांकि, रात की ठंड और गलन बरकरार रहेगी। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों को अभी और ठिठुराएंगी।\r\n \r\n
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उत्तर प्रदेश में मौसम का यह मिजाज अभी कुछ दिन और बना रहेगा। प्रशासन ने सभी नागरिकों से सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट्स का उपयोग करने की अपील की है। सुल्तानपुर का हादसा हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि धुंध में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.