लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में यूपी कैबिनेट अहम फैसले (UP Cabinet Ahem Faisle) पर मुहर लगी है। ये फैसले राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।READ ALSO:-'टेरर डॉक्टर्स' मॉड्यूल का लखनऊ कनेक्शन: डॉ. शाहीन-परवेज के घर ATS की दबिश, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में पड़ताल, UAE कनेक्शन सामने
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बैठक के उपरांत, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री अनिल राजभर और अन्य मंत्रियों ने प्रेस वार्ता कर कैबिनेट में पारित हुए 20 से अधिक अहम प्रस्तावों की जानकारी दी। कैबिनेट ने शुरुआत में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप जीतने पर बधाई दी और दिल्ली में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए एक निंदा प्रस्ताव भी पारित किया।
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विकास और निवेश को बढ़ावा देने वाले बड़े फैसले

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यूपी कैबिनेट ने सबसे बड़ा फैसला निजी ज़मीनों पर भी विकास कार्यों को लेकर लिया है, जिससे राज्य में औद्योगिक निवेश और निजी विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है:
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    निजी जमीन पर सड़क और बिजली: अब अगर किसी की निजी ज़मीन 12 मीटर चौड़ी रोड पर स्थित है, तो वहां बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं सरकार बनाएगी और इसके लिए अनुदान भी देगी।
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    ग्रामीण कनेक्टिविटी: निजी जमीन अगर ढाई किलोमीटर अंदर चक रोड पर भी है और इसका क्षेत्रफल 15 से 50 एकड़ तक है, तो सरकार वहां सड़क निर्माण का कार्य करेगी।
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    शुल्क में छूट: 18 मीटर चौड़ी सड़क का शुल्क अब नहीं लिया जाएगा, जिससे डेवलपर्स को राहत मिलेगी।
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    विकास और नक्शा: प्राधिकरण सीमा के भीतर विकास शुल्क 25 प्रतिशत की दर पर देना होगा। साथ ही, नक्शा पास करने का काम औद्योगिक विकास विभाग के तहत होगा, जिससे औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी मिल सके।
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बागपत को मेडिकल कॉलेज का तोहफा

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। यूपी कैबिनेट अहम फैसले के तहत बागपत मेडिकल कॉलेज को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर बनाया जाएगा। इसके लिए मत्स्य विभाग की 5.07 हेक्टेयर जमीन निःशुल्क चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इस कदम से जिले और आस-पास के क्षेत्रों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। 
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ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार

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कैबिनेट ने प्रशासनिक कार्यों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को सरल बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
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    वृद्धावस्था पेंशन में पारदर्शिता:
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      ई-गवर्नेंस के तहत फैमिली आईडी नाम का एक सॉफ्टवेयर बनाया गया है।
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      यह सॉफ्टवेयर स्वतः (automatically) यह पता लगाएगा कि कितने लोग वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्र हैं।
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      पात्रता सुनिश्चित होने पर, विभाग लाभार्थियों से संपर्क करेगा कि वे पेंशन चाहते हैं या नहीं और बायोमीट्रिक ऐप के जरिए सत्यापन किया जाएगा।
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    राजस्व विभाग में पदोन्नति: राजस्व विभाग में कार्यरत चेनमैन को दो प्रतिशत रिक्तियों में लेखपाल के पद पर पदोन्नति दी जाएगी, जो उनके करियर के लिए एक बड़ी राहत है। (Internal link to related article on Lekhpal Promotion)
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    जीवन प्रमाण पत्र: किसी व्यक्ति की मृत्यु की जानकारी लेने और सरकारी रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए जीवन प्रमाण पत्र मोबाइल के माध्यम से जारी किया जाएगा।
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    जनसुविधा केंद्र: हर पंचायत में ग्राम सहायक की नियुक्ति होगी और जनसुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
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किरायानामा (रेंट एग्रीमेंट) में छूट

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कैबिनेट ने किरायानामा से जुड़ी प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। किरायानामा में इंस्टेंट ड्यूटी (Stamp Duty) की अधिकता को देखते हुए, अब इसमें छूट दी जाएगी। एक साल तक का किराया एग्रीमेंट कराना अब ऐच्छिक (Optional) होगा, जिससे मकान मालिकों और किरायेदारों दोनों को राहत मिलेगी।
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संक्षेप: सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में यूपी कैबिनेट अहम फैसले पर मुहर लगी है। इनमें निजी जमीन पर भी सरकारी अनुदान से सड़क और बिजली, बागपत मेडिकल कॉलेज को PPP मोड पर मंजूरी, और वृद्धावस्था पेंशन को फैमिली आईडी सॉफ्टवेयर से जोड़कर ई-गवर्नेंस के माध्यम से आसान बनाना प्रमुख हैं। इन फैसलों से प्रदेश में विकास, निवेश और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।
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