लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे लाखों नौजवानों के लिए एक बेहद शानदार और उत्साहवर्धक खबर सामने आई है। प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम और आधुनिक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से योगी सरकार (Yogi Government) ने अपने खजाने के दरवाजे एक बार फिर खोल दिए हैं। बुधवार को लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई राज्य कैबिनेट की एक अहम बैठक में युवाओं के हित में एक बहुत बड़ा फैसला लिया गया।READ ALSO:-बिजनौर के हाई-प्रोफाइल DSP तंजील हत्याकांड में बड़ा फैसला: फांसी की सजा पाए रेयान को हाईकोर्ट ने किया बरी, 10 साल बाद होगी रिहाई!
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कैबिनेट ने 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' के अंतर्गत प्रदेश के छात्र-छात्राओं को बांटने के लिए 25 लाख नए निःशुल्क टैबलेट (Free Tablets) खरीदने के प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। उत्तर प्रदेश की राजनीति, सरकार के बड़े फैसलों और युवाओं से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर को सबसे तेज और प्रामाणिक रूप से आप तक पहुंचाने वाले आपके अपने भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल 'खबरीलाल' (Khabreelal) की इस विशेष रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं इस पूरी योजना के बारे में, इसके दूरगामी प्रभावों और यह भी कि इन टैबलेट्स का वितरण कब और कैसे किया जाएगा।
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कैबिनेट का फैसला: 25 लाख नए टैबलेट से संवरेगा भविष्य

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बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के समाप्त होने के बाद, प्रदेश के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना (Suresh Kumar Khanna) ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस बड़े फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं का तकनीकी सशक्तिकरण योगी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है।
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इसी कड़ी में औद्योगिक विकास विभाग की ओर से 25 लाख नए टैबलेट खरीदने का एक विस्तृत प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा गया था, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है। मंत्री ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि सरकार अपने वादे के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस महात्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रदेश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों, डिग्री कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाले युवाओं को अब तक लगभग 60 लाख स्मार्टफोन और टैबलेट सफलता पूर्वक वितरित किए जा चुके हैं। अब इस नई खेप (25 लाख टैबलेट) के आने से उन लाखों युवाओं को सीधा फायदा पहुंचेगा जो अब तक इस योजना के लाभ से वंचित रह गए थे।
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क्या है 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना'?

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डिजिटल युग में कोई भी प्रतिभावान छात्र महज इसलिए पीछे न रह जाए क्योंकि उसके पास पढ़ने के लिए आधुनिक संसाधन (गैजेट्स) नहीं हैं, इसी उदात्त सोच के साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' की शुरुआत की थी।
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इस योजना का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के स्नातक (Graduation), स्नातकोत्तर (Post Graduation), तकनीकी शिक्षा (Technical Education), मेडिकल और कौशल विकास (Skill Development) कार्यक्रमों से जुड़े युवाओं को मुफ्त में स्मार्टफोन और टैबलेट मुहैया कराना है। सरकार का मानना है कि इन उपकरणों के माध्यम से प्रदेश के लाखों युवाओं को डिजिटल शिक्षा (Digital Education), ऑनलाइन कोचिंग, ई-लाइब्रेरी का एक्सेस और रोजगार (Employment) से जुड़ी तमाम वैश्विक जानकारियां उनकी उंगलियों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
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डिजिटल डिवाइड को पाटने और 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में बड़ा कदम

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संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप युवाओं को सशक्त बनाने के लिए यह योजना निरंतर और बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ाई जा रही है।"
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आज के समय में शहर के संपन्न परिवारों के बच्चों के पास तो ऑनलाइन पढ़ाई के संसाधन मौजूद होते हैं, लेकिन ग्रामीण अंचलों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के होनहार छात्र अक्सर इन सुविधाओं से महरूम रह जाते हैं। सरकार द्वारा दिए जा रहे इन 25 लाख टैबलेट्स से सबसे बड़ा फायदा इसी 'डिजिटल डिवाइड' (Digital Divide) को कम करने में मिलेगा। जब गांव के एक गरीब किसान या मजदूर के बेटे/बेटी के हाथ में उच्च गुणवत्ता वाला टैबलेट होगा, तो वह भी घर बैठे दिल्ली या कोटा के बेहतरीन शिक्षकों से ऑनलाइन पढ़ सकेगा। यह सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डिजिटल इंडिया' (Digital India) और 'स्किल इंडिया' (Skill India) अभियान के साथ तालमेल बिठाता है, जिससे युवा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय और अहम भूमिका निभा सकेंगे।
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पूरी तरह पारदर्शी होगी प्रक्रिया: गुणवत्ता और वारंटी से नहीं होगा समझौता

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इतनी बड़ी संख्या में सरकारी खरीद को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। इसे देखते हुए सरकार ने खरीद और वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से 'फूलप्रूफ' और पारदर्शी (Transparent) बनाने के निर्देश दिए हैं।
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अधिकारियों ने बताया है कि 25 लाख टैबलेट्स की इस विशाल खरीद में गुणवत्ता (Quality), कीमत और आफ्टर-सेल्स वारंटी (Warranty) के कड़े मानकों का पूरा-पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए एक खुली और पारदर्शी अंतिम बिड प्रक्रिया (Final Bidding Process) अपनाई जाएगी। देश-विदेश की नामी कंपनियों को इसमें हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।
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वितरण के संबंध में अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत लाभार्थियों का चयन पूरी तरह से 'मेरिट' (Merit) और 'जरूरत' के आधार पर किया जा रहा है। विश्विद्यालयों और कॉलेजों से प्राप्त डाटा को एक सेंट्रलाइज्ड 'डिजि शक्ति पोर्टल' (Digi Shakti Portal) पर अपलोड किया जाता है, जिसके बाद पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से योग्य छात्रों की सूची तैयार होती है। बिड प्रक्रिया पूरी होते ही और कंपनियों द्वारा आपूर्ति शुरू करते ही, प्रदेश के हर जिले में भव्य कार्यक्रम आयोजित कर इन टैबलेट्स का वितरण अतिशीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।
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औद्योगिक विकास को भी लगे पंख: हाई पॉवर कमेटी की संस्तुतियां मंजूर

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टैबलेट वितरण के इस बड़े फैसले के साथ ही, बुधवार की कैबिनेट बैठक में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए भी कई अहम कदम उठाए गए। कैबिनेट ने औद्योगिक विकास विभाग द्वारा गठित 'हाई पॉवर कमेटी' (High Power Committee) द्वारा की गई विभिन्न महत्वपूर्ण संस्तुतियों (Recommendations) को भी अपनी आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है।
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इन संस्तुतियों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर विदेशी और घरेलू औद्योगिक निवेश (Industrial Investment) आकर्षित करने, ग्लोबल स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और कई संबंधित नीतिगत फैसलों को शामिल किया गया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि एक तरफ युवाओं को टैबलेट देकर उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष (Skillful) बनाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ इन औद्योगिक नीतियों के जरिए प्रदेश में नई फैक्ट्रियां और आईटी हब (IT Hubs) स्थापित किए जा रहे हैं। जब ये दोनों चीजें मिलेंगी, तो प्रदेश में रोजगार का एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार होगा जहां आधुनिक तकनीक से लैस युवा सीधा इन नई इंडस्ट्रीज की मुख्यधारा से जुड़कर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
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युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान

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कुल मिलाकर, योगी कैबिनेट का यह निर्णय उत्तर प्रदेश के युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक और 'मील का पत्थर' माना जा रहा है। 25 लाख नए टैबलेट सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं हैं, बल्कि ये प्रदेश के लाखों होनहार युवाओं के लिए दुनिया की खिड़की हैं। यह उनके सपनों को साकार करने और प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे यूपी पुलिस, UPSSSC, रेलवे आदि) की राह को आसान बनाने का एक मजबूत हथियार साबित होंगे।
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इस योजना के तहत कब से वितरण शुरू होगा, किन-किन कॉलेजों में पहले टैबलेट बांटे जाएंगे और लाभार्थियों की नई सूची कैसे चेक करें? इन सभी सवालों के सटीक जवाब और प्रदेश सरकार की हर नई योजना की सबसे तेज और एक्सक्लूसिव अपडेट्स के लिए लगातार जुड़े रहें उत्तर प्रदेश के युवाओं के नंबर वन न्यूज़ पोर्टल 'खबरीलाल' के साथ।
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