लखनऊ (Lucknow News): एशिया की सबसे बड़ी परीक्षा संस्था, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित होने वाली हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी, 2026 से शुरू होने जा रही हैं। नकल विहीन और पारदर्शी परीक्षा संपन्न कराने के लिए योगी सरकार और शिक्षा विभाग ने इस बार कमर कस ली है। इस बार की परीक्षा में कई ऐसे ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं जो पिछले 100 सालों में कभी नहीं देखे गए। सबसे बड़ा बदलाव उत्तर-पुस्तिका (Answer Sheet) के पैटर्न में किया गया है, जिसने नकल माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।READ ALSO:-मेरठ: 5000 करोड़ का 'सुपारी सिंडिकेट' ध्वस्त; DGGI के शिकंजे में मास्टरमाइंड, कोर्ट ने कहा- "राष्ट्रहित के खिलाफ है यह अपराध", तीनों आरोपियों की जमानत खारिज
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अपर मुख्य सचिव (बेसिक व माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उच्च स्तरीय ऑनलाइन बैठक में इन नए नियमों और UP Board Exam New Rules 2026 की जानकारी दी गई। सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। 18 जिलों को संवेदनशील घोषित कर दिया गया है और पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जैमर (Jammers) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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आइए विस्तार से जानते हैं कि छात्रों के लिए क्या-क्या बदला है और परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना होगा।
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1. बदल गया कॉपी का भूगोल: अब 'लैंडस्केप' नहीं 'पोर्ट्रेट'

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इस वर्ष का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव कॉपियों के आकार को लेकर है। अब तक यूपी बोर्ड की कॉपियां चौड़ाई में (Landscape Mode) होती थीं, लेकिन 2026 की परीक्षा में ये कॉपियां लंबाई में यानी A4 पोर्ट्रेट साइज (A4 Portrait Size) में होंगी।
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क्यों किया गया यह बदलाव? शिक्षा विभाग को खुफिया इनपुट मिले थे कि नकल माफिया पिछले सालों की बची हुई कॉपियों का इस्तेमाल करके नकल कराने की कोशिश कर सकते हैं। कॉपी का साइज और पैटर्न पूरी तरह बदलने से अब पुरानी कॉपियां बेकार हो जाएंगी। इसे बदलना नकल रोकने की दिशा में एक 'मास्टरस्ट्रोक' माना जा रहा है।
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कॉपी की खास बातें:

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    आकार: कॉपी अब रजिस्टर की तरह लंबी (Vertical) होगी।
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    रंग: कॉपियां चार अलग-अलग रंगों में होंगी ताकि उन्हें आसानी से पहचाना जा सके और बदला न जा सके।
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    सुरक्षा चिन्ह: कॉपी के हर पन्ने पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद का 'लोगो' (Logo), मार्जिन लाइन और अन्य सुरक्षा फीचर्स (Security Features) अंकित होंगे।
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2. प्रश्नपत्रों के 'रिजर्व सेट' और आपातकालीन तैयारी

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परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए विभाग ने एक और अहम फैसला लिया है। इस बार प्रदेश के सभी 75 जिलों और सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के 'रिजर्व सेट' (Reserve Sets) रखे जाएंगे।
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अक्सर देखा गया है कि सोशल मीडिया पर पेपर लीक की अफवाहें उड़ती हैं या किसी केंद्र पर गलत पेपर खुलने की शिकायत आती है। ऐसी किसी भी आपात स्थिति (Emergency Situation) से निपटने के लिए ये रिजर्व सेट काम आएंगे। अगर कहीं भी पेपर लीक की रत्ती भर भी आशंका हुई, तो तुरंत पुराने सेट को हटाकर रिजर्व सेट बांट दिए जाएंगे। यह कदम परीक्षा रद्द होने की नौबत को खत्म कर देगा।
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3. पायलट प्रोजेक्ट: 20 केंद्रों पर लगेंगे जैमर

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तकनीकी नकल (Hi-tech Cheating) को रोकने के लिए यूपी बोर्ड अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। ब्लूटूथ, माइक्रो ईयरबड्स और मोबाइल के जरिए नकल रोकने के लिए इस साल प्रदेश के 20 परीक्षा केंद्रों पर जैमर (Jammers) लगाए जा रहे हैं।
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यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो अगले साल से इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। जैमर लगने से परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो जाएगा, जिससे बाहर से किसी भी तरह की मदद लेना नामुमकिन होगा।
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4. 18 जिले 'संवेदनशील' घोषित: एसटीएफ की पैनी नजर

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परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने प्रदेश के 18 जिलों को 'संवेदनशील' (Sensitive) और 'अति-संवेदनशील' (Hyper-sensitive) श्रेणी में रखा है। इन जिलों पर एसटीएफ (Special Task Force) और एलआईयू (LIU) की 24 घंटे नजर रहेगी।
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इन 18 जिलों की सूची:

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    आगरा (Agra)
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  3. \r\n
    मथुरा (Mathura)
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  4. \r\n
  5. \r\n
    अलीगढ़ (Aligarh)
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  6. \r\n
  7. \r\n
    हाथरस (Hathras)
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  8. \r\n
  9. \r\n
    एटा (Etah)
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  10. \r\n
  11. \r\n
    कासगंज (Kasganj)
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  12. \r\n
  13. \r\n
    प्रयागराज (Prayagraj)
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  14. \r\n
  15. \r\n
    कौशांबी (Kaushambi)
    \r\n
  16. \r\n
  17. \r\n
    प्रतापगढ़ (Pratapgarh)
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  18. \r\n
  19. \r\n
    हरदोई (Hardoi)
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  20. \r\n
  21. \r\n
    आजमगढ़ (Azamgarh)
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  22. \r\n
  23. \r\n
    बलिया (Ballia)
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  24. \r\n
  25. \r\n
    मऊ (Mau)
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  26. \r\n
  27. \r\n
    जौनपुर (Jaunpur)
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  28. \r\n
  29. \r\n
    गाजीपुर (Ghazipur)
    \r\n
  30. \r\n
  31. \r\n
    देवरिया (Deoria)
    \r\n
  32. \r\n
  33. \r\n
    गोंडा (Gonda)
    \r\n
  34. \r\n
  35. \r\n
    (सूची में अन्य निकटवर्ती संवेदनशील क्षेत्र)
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इन जिलों में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे और स्ट्रांग रूम (Strong Room) की सुरक्षा पैरामिलिट्री फोर्स के मानकों के अनुसार होगी।
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5. कक्ष निरीक्षकों की तैनाती पर सख्त निर्देश

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अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने निर्देश दिया है कि कक्ष निरीक्षकों (Invigilators) की तैनाती पूरी तरह रैंडम तरीके से की जाए। जिस स्कूल का शिक्षक है, उसकी ड्यूटी उसी स्कूल में नहीं लगेगी।
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    आई-कार्ड अनिवार्य: सभी कक्ष निरीक्षकों के पास बार-कोड युक्त पहचान पत्र होना अनिवार्य होगा।
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  • \r\n
    मोबाइल बैन: परीक्षा केंद्र के अंदर कक्ष निरीक्षक भी अपना मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे।
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    रैंडम चेकिंग: सचल दस्ते (Flying Squads) और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) रैंडम आधार पर केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे।
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छात्र और अभिभावकों से सीधा संवाद

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पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाने के लिए, अपर मुख्य सचिव शनिवार को एक विशेष ऑनलाइन जूम बैठक (Zoom Meeting) आयोजित करेंगे। इस बैठक में न केवल अधिकारी, बल्कि छात्र और अभिभावक भी जुड़ सकेंगे। इसका उद्देश्य छात्रों के मन से परीक्षा का डर निकालना और उन्हें नई व्यवस्थाओं, विशेषकर UP Board Exam New Rules 2026 के बारे में जागरूक करना है।
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छात्रों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश (Exam Day Guidelines)

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चूंकि 18 फरवरी से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, छात्रों को निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
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    प्रवेश पत्र: अपना एडमिट कार्ड (Admit Card) और आधार कार्ड (यदि हो) साथ लेकर जाएं।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    समय: परीक्षा शुरू होने से कम से कम 45 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। देर से आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    सामग्री: केवल पारदर्शी पाउच में पेन, पेंसिल, रबर, स्केल लेकर जाएं। किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट (स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर) प्रतिबंधित है।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    कॉपी भरते समय: नई 'पोर्ट्रेट' कॉपी में अपना रोल नंबर और अन्य विवरण बहुत सावधानी से भरें। व्हाइटनर का प्रयोग करने से बचें।
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  8. \r\n
  9. \r\n
    अनुशासन: परीक्षा केंद्र पर अनुशासन बनाए रखें। किसी भी तरह की अनुचित सामग्री पकड़े जाने पर न केवल रस्टिकेशन होगा, बल्कि पुलिस कार्रवाई भी हो सकती है।
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  10. \r\n
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नकल माफियाओं पर एनएसए और गैंगस्टर एक्ट

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योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नकल कराने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। यदि कोई व्यक्ति, प्रबंधक या सॉल्वर गैंग पेपर लीक या नकल में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ एनएसए (रासुका) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, बुलडोजर एक्शन के जरिए संपत्ति कुर्की की चेतावनी भी दी गई है।
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उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2026 (UP Board Exam 2026) केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की साख का सवाल है। A4 साइज की कॉपियां, जैमर, रिजर्व पेपर सेट और संवेदनशील जिलों की घेराबंदी—ये सभी कदम बताते हैं कि सरकार नकल के कलंक को हमेशा के लिए धोना चाहती है।
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18 फरवरी से शुरू हो रहे इस महाकुंभ में लाखों छात्र अपने भविष्य की इबारत लिखेंगे। नई व्यवस्थाओं से थोड़े बदलाव जरूर महसूस होंगे, लेकिन मेहनत करने वाले छात्रों के लिए यह सबसे अच्छा अवसर है, क्योंकि अब उनकी मेहनत को नकलचियों की वजह से नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।
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हमारी तरफ से सभी परीक्षार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं!
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं। इस बार नकल रोकने के लिए कॉपियों का आकार बदलकर A4 पोर्ट्रेट कर दिया गया है और वे 4 रंगों में होंगी। 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया गया है और 20 केंद्रों पर जैमर लगाए जा रहे हैं। हर केंद्र पर प्रश्नपत्रों के रिजर्व सेट मौजूद रहेंगे। अपर मुख्य सचिव ने सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं।
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