उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP), जिसे दुनिया का सबसे बड़ा परीक्षा बोर्ड माना जाता है, ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए अपनी 'रणनीति' का खुलासा कर दिया है। छात्रों के दिलों की धड़कनें तेज करते हुए, बोर्ड ने सोमवार देर रात परीक्षा केंद्रों (Exam Centers) की अंतिम और फाइनल सूची जारी कर दी है।READ ALSO:-बिजली बिल से आजादी: पीएम सूर्य घर योजना का 'मेगा हिट' शो; 25 लाख परिवारों ने छत पर लगाया अपना 'पावर हाउस', ₹1.5 लाख के खर्च पर मिल रही ₹90,000 की सरकारी छूट
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इस बार की परीक्षा साधारण नहीं होगी। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि नकल माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए इस बार तकनीक और खुफिया तंत्र का ऐसा गठजोड़ तैयार किया गया है, जिसे भेद पाना नामुमकिन होगा। प्रदेश भर में कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 24 फरवरी से करीब 52 लाख परीक्षार्थी अपने भविष्य की इबारत लिखेंगे।
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आइये, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि आपका सेंटर कहां गया है, बोर्ड की सुरक्षा तैयारी कैसी है और इस बार छात्रों के लिए क्या खास इंतजाम किए गए हैं।
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NOTE:_2026 के परीक्षा केंद्रों की सूची के लिए यहां क्लिक करें -

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1. 8033 केंद्रों पर होगी बोर्ड की 'अग्निपरीक्षा'

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एशिया की सबसे बड़ी परीक्षा संस्था यूपी बोर्ड ने लंबी कवायद और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) की रिपोर्ट के बाद परीक्षा केंद्रों की संख्या निर्धारित की है। सोमवार रात को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 8,033 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने का गौरव (और जिम्मेदारी) प्राप्त हुआ है।
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यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में रणनीतिक रूप से समायोजित की गई है। बोर्ड का तर्क है कि केंद्रों की संख्या इतनी रखी गई है कि न तो किसी एक केंद्र पर छात्रों की भीड़ अनियंत्रित हो, और न ही प्रशासन को निगरानी करने में कोई चूक हो।
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    कुल परीक्षार्थी: 52 लाख से अधिक (अनुमानित)
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    हाईस्कूल (10वीं): लगभग 29 लाख छात्र-छात्राएं
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    इंटरमीडिएट (12वीं): लगभग 23 लाख छात्र-छात्राएं
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    कुल परीक्षा केंद्र: 8,033
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बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इन केंद्रों पर 52 लाख से अधिक छात्रों का परीक्षा देना किसी 'कुंभ मेले' के प्रबंधन से कम नहीं है। इसीलिए तैयारियां अंतिम चरण में युद्ध स्तर पर चल रही हैं।
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2. तीन श्रेणियों में बंटे केंद्र: सामान्य, संवेदनशील और अति संवेदनशील

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इस बार की सबसे बड़ी खबर सुरक्षा को लेकर है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करते समय 'पारदर्शिता' और 'सुरक्षा' को ही मूल मंत्र माना गया है। सिर्फ उन्हीं स्कूलों को सेंटर बनाया गया है, जो मानकों पर खरे उतरे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से केंद्रों को तीन श्रेणियों (Categories) में बांटा गया है:
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    सामान्य केंद्र (General Centers): वे विद्यालय जहां पिछले वर्षों में नकल की कोई शिकायत नहीं मिली है और बाउंड्री वॉल, सीसीटीवी आदि की सुविधाएं दुरुस्त हैं।
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    संवेदनशील केंद्र (Sensitive Centers): वे केंद्र जहां छोटी-मोटी गड़बड़ी की आशंका है या जो भौगोलिक रूप से ऐसे स्थानों पर हैं जहां बाहरी हस्तक्षेप हो सकता है।
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    अति संवेदनशील केंद्र (Hyper-Sensitive Centers): ये वे केंद्र हैं जो बोर्ड के रडार पर सबसे ऊपर हैं। जिन इलाकों में नकल माफिया सक्रिय रहे हैं या जहां पिछले सालों में सामूहिक नकल की एफआईआर दर्ज हुई हैं, उन्हें इस श्रेणी में रखा गया है।
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क्या होगा खास इंतजाम? संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर सादे कपड़ों में LIU (Local Intelligence Unit) और STF (Special Task Force) की नजर रहेगी। इन केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले से लेकर कॉपियां सील होने तक रहेगी।
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3. 'तीसरी आंख' से होगी लाइव वेबकास्टिंग

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यूपी बोर्ड अब 'हाईटेक' हो चुका है। पुराने जमाने की नकल अब इतिहास बनने जा रही है। जारी निर्देशानुसार:
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    CCTV अनिवार्य: हर परीक्षा कक्ष (Exam Hall) में वॉयस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे।
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    लाइव मॉनिटरिंग: इन कैमरों का सीधा कनेक्शन लखनऊ और प्रयागराज में बने कमांड एंड कंट्रोल रूम से होगा। अधिकारी माउस की एक क्लिक पर देख सकेंगे कि बलिया के किसी गांव के स्कूल में या मेरठ के किसी सेंटर पर छात्र क्या कर रहे हैं।
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    वॉयस रिकॉर्डिंग: सिर्फ वीडियो ही नहीं, कमरे में होने वाली बातचीत भी रिकॉर्ड होगी। अगर बोलकर नकल कराई गई, तो वह भी पकड़ में आ जाएगी।
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    DVR की सुरक्षा: रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के लिए डीवीआर (DVR) बॉक्स को सील किया जाएगा, ताकि कोई सबूत न मिटा सके।
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4. परीक्षा का कार्यक्रम: 24 फरवरी से महासंग्राम

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छात्रों को अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए अब उलटी गिनती शुरू कर देनी चाहिए। यूपी बोर्ड ने पहले ही समय सारिणी (Time Table) घोषित कर दी है।
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    आरंभ तिथि: 24 फरवरी 2026
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    समापन तिथि: 15 मार्च 2026 (होली से पहले मुख्य परीक्षाएं समाप्त करने का लक्ष्य)
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    पालियां (Shifts):
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      प्रातः पाली: सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक।
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      सायं पाली: दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक।
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सचिव भगवती सिंह के अनुसार, पहले दिन हिंदी (Hindi) और प्रारंभिक हिंदी के पेपर के साथ परीक्षा का शंखनाद होगा। 12 कार्यदिवसों के भीतर ही प्रमुख विषयों की परीक्षाएं संपन्न करा ली जाएंगी ताकि छात्रों पर लंबे समय तक तनाव न रहे।
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5. 24 दिसंबर को लगी थी फाइनल मुहर

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केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं थी। इसके लिए कई महीनों से मंथन चल रहा था। स्कूलों से जियो टैगिंग (Geo-tagging) करवाई गई ताकि उनकी सही लोकेशन पता चल सके। संसाधनों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) हुआ।
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इसके बाद, 24 दिसंबर को जिला स्तरीय केंद्र निर्धारण समिति की बैठक हुई, जिसमें आपत्तियों का निस्तारण किया गया। अंततः जिलाधिकारी (DM) के अनुमोदन के बाद सूची को बोर्ड मुख्यालय भेजा गया, जिसे अब सोमवार रात को सार्वजनिक कर दिया गया है।
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6. छात्र और अभिभावक कैसे देखें अपनी सेंटर लिस्ट?

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डिजिटल इंडिया के दौर में आपको सेंटर पता करने के लिए स्कूल के नोटिस बोर्ड के भरोसे रहने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे अपने मोबाइल पर पूरी लिस्ट देख सकते हैं।
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स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:

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    वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं।
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    नोटिफिकेशन सेक्शन: होमपेज पर 'महत्वपूर्ण सूचना एवं डाउनलोड' (Important Information & Download) सेक्शन में जाएं।
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    लिंक खोजें: वहां "High School and Intermediate Examination Center List 2026" का लिंक ब्लिंक कर रहा होगा।
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    जिला चुनें: लिंक पर क्लिक करते ही यूपी के सभी 75 जिलों (जैसे- आगरा, मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी आदि) की सूची खुलेगी।
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    डाउनलोड: अपने जिले के नाम पर क्लिक करें और PDF डाउनलोड करें।
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    सर्च करें: पीडीएफ में अपने स्कूल का कोड या नाम सर्च (Ctrl+F) करके देखें कि आपका सेंटर किस स्कूल में गया है।
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इसके अलावा, बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (Twitter) पर अपने हैंडल @upboardpryj और आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी जानकारी साझा की है।
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7. छात्रों के लिए जरूरी सलाह और दिशा-निर्देश

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बोर्ड ने केवल सेंटर लिस्ट ही नहीं, बल्कि छात्रों के लिए अनौपचारिक रूप से कुछ निर्देश भी जारी किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा:
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    एडमिट कार्ड: जल्द ही स्कूलों के माध्यम से प्रवेश पत्र (Admit Card) वितरित किए जाएंगे। उसमें लिखे सेंटर कोड का मिलान इस लिस्ट से जरूर कर लें।
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    दूरी की जांच: सेंटर पता चलते ही एक बार जाकर देख लें कि आपके घर से वह कितनी दूर है और जाने में कितना समय लगता है, ताकि परीक्षा के दिन हड़बड़ी न हो।
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    इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: स्मार्ट वॉच, मोबाइल, कैलकुलेटर या किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
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    जूते-मोजे: पिछले अनुभवों को देखते हुए, छात्रों को तलाशी प्रक्रिया में सहयोग करने की सलाह दी गई है।
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8. नकल करने और कराने वालों पर होगी रासुका (NSA)?

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योगी सरकार परीक्षाओं में शुचिता (Sanctity) को लेकर बेहद सख्त है। सूत्रों के मुताबिक, अगर कोई गिरोह संगठित रूप से नकल कराते हुए पकड़ा गया, तो उन पर रासुका (NSA - National Security Act) के तहत कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, उनकी संपत्ति कुर्क करने की भी तैयारी है। केंद्र व्यवस्थापकों (Center Managers) को भी सख्त हिदायत दी गई है कि अगर उनके सेंटर पर गड़बड़ी मिली, तो वे भी जेल जाएंगे।
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तैयारी पर दें जोर

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अब जब "युद्ध का मैदान" (परीक्षा केंद्र) तय हो गया है और "तारीख" (डेटशीट) भी सामने है, तो छात्रों के पास अब केवल एक ही काम बचता है - कड़ी मेहनत। 8033 केंद्रों पर होने वाली यह परीक्षा केवल एक एकेडमिक टेस्ट नहीं, बल्कि अनुशासन और ईमानदारी की परीक्षा भी है।
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[डिस्क्लेमर: यह जानकारी यूपी बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। छात्र सटीक जानकारी के लिए हमेशा upmsp.edu.in का ही अवलोकन करें।]
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