बहराइच (Khabreelal News Desk): उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसी खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर बौंडी थाना क्षेत्र में बहने वाली उफनती घाघरा नदी में एक विशालकाय मगरमच्छ ने 12 साल के एक मासूम बच्चे को अपना निवाला बना लिया। बच्चा धान की रोपाई करने के बाद नदी किनारे केवल अपने हाथ-पैर धोने गया था, तभी मौत बनकर आए मगरमच्छ ने उसे पानी के अंदर खींच लिया। आंखों के सामने मासूम को मगरमच्छ के जबड़े में तड़पता देख चाचा और ग्रामीणों ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ ने उसे नहीं छोड़ा। इस दर्दनाक घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।READ ALSO:-बिजनौर पुलिस की भयंकर लापरवाही: मंडावली थाने से चकमा देकर फरार हुआ प्रेम प्रसंग का आरोपी, महकमे में मचा हड़कंप
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

दर्दनाक पृष्ठभूमि: पहले ही उठ चुका था माता-पिता का साया

\r\n\r\n
मगरमच्छ के इस खौफनाक हमले का शिकार हुआ 12 वर्षीय सुनील मुरौवा गांव का रहने वाला था। सुनील की कहानी बेहद मार्मिक है। उसके सिर से माता-पिता का साया पहले ही उठ चुका था। पिता बुधराज की 5 साल पहले और मां की 7 साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। चार भाई-बहनों में सुनील दूसरे नंबर पर था। उसकी एक बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और सबसे छोटी बहन सीमा (7) है। तीनों भाई-बहन गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई करते हैं, जबकि सुनील ने पढ़ाई छोड़ दी थी। माता-पिता के निधन के बाद से वह अपने चाचा विजय राज सिंह के पास ही रहता था और खेती-किसानी के कामों में उनका हाथ बंटाता था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मौत का वो खौफनाक मंजर: हाथ-मुंह धोते वक्त किया अटैक

\r\n\r\n
गांव वालों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे सुनील अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था। चाचा दोपहर में जब खाना खाने घर आए, तो सुनील जिद करके उनके साथ चला गया था। करीब 3-4 घंटे तक खेतों में पसीना बहाने और रोपाई करने के बाद देर शाम जब दोनों खेत से लौट रहे थे, तो वे घाघरा नदी के किनारे हाथ-पैर धोने लगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इसी दौरान, पानी के भीतर घात लगाए बैठे एक विशालकाय मगरमच्छ ने अचानक सुनील पर जानलेवा हमला कर दिया। मगरमच्छ ने अपने मजबूत जबड़े से सुनील को दबोच लिया। बच्चे ने खुद को छुड़ाने के लिए पूरी ताकत से हाथ-पैर मारे और चीख-पुकार मचाई। सुनील की चीख सुनकर उसके चाचा विजय राज सिंह के होश उड़ गए। उन्होंने भागकर सुनील का हाथ पकड़ा और उसे खींचने की कोशिश की। शोर-शराबा सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण भी दौड़ पड़े। लोगों ने ईंट-पत्थर और डंडे फेंककर मगरमच्छ को भगाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन वह खूंखार जानवर मासूम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था। मगरमच्छ ने दो-तीन बार बच्चे को हवा में उछालकर पानी में पटका और फिर गहरे पानी में खींच ले गया। देखते ही देखते उसने बच्चे के आधे शरीर को निगल लिया।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

रात के अंधेरे में 5 घंटे का तलाशी अभियान

\r\n\r\n
घटना की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। भारी संख्या में ग्रामीण और रोते-बिलखते परिजन नदी के किनारे इकट्ठा हो गए। उस समय घाघरा नदी का बहाव काफी तेज था, जिससे बचाव कार्य में भारी दिक्कतें आ रही थीं। ग्रामीणों ने बड़े-बड़े बांस के डंडों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। घटनास्थल से करीब 500 मीटर तक नदी का कोना-कोना छाना गया।
\r\n\r\n

 देखते ही देखते मगरमच्छ बच्चे के आधे शरीर को निगल गया।

\r\n\r\n
लगातार दो घंटे की तलाश के बाद रात का अंधेरा छा गया, लेकिन ग्रामीणों की हिम्मत नहीं टूटी। उन्होंने सर्च लाइट और टॉर्च की रोशनी में अपना खोज अभियान जारी रखा। आखिरकार, करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 10 बजे घटनास्थल से लगभग 300 मीटर की दूरी पर नदी में बच्चे का आधा शव उतराता हुआ मिला। शव को देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

वन विभाग और पुलिस की कार्रवाई

\r\n\r\n
ग्रामीणों ने तुरंत शव को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मगरमच्छ के इस बर्बर हमले से बच्चे का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। शुक्रवार सुबह थाना प्रभारी टीएन मौर्या पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना तथा वायरल वीडियो की पुष्टि करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वन रेंजर साकिब अंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मगरमच्छ बच्चे का दाहिना पैर और कमर के नीचे का पूरा हिस्सा खा गया था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मुआवजे का ऐलान: इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है। प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। एसडीएम (SDM) प्रकाश सिंह ने बताया कि घटना की पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और पीड़ित परिवार को शासन की ओर से 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें