उत्तर प्रदेश के शामली जिले स्थित थानाभवन में शनिवार को पुलिस ने एक बड़ी विधिक कार्रवाई को अंजाम दिया। न्यायालय के सख्त आदेशों का पालन करते हुए मुकदमों के माल का निस्तारण किया गया। थाना परिसर में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कुल 422 जब्त वस्तुओं को नष्ट किया गया। यह अहम कदम मालखाने में जमा पुराने मामलों को निपटाने के लिए उठाया गया है।READ ALSO:-मेरठ डॉक्टर यौन शोषण मामला: मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पर 10 वर्षों तक शोषण और चार बार गर्भपात कराने का गंभीर आरोप, डॉक्टर ने बताया ब्लैकमेलिंग
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न्यायालय के आदेश पर थानाभवन में बड़ी प्रक्रिया

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थानाभवन थाने के परिसर में शनिवार का दिन विधिक प्रक्रियाओं के नाम रहा। उच्च अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशन और न्यायालय के आदेशों के बाद यह बड़ी कार्रवाई शुरू की गई। सालों से मालखाने में जमा सामान का निपटारा किया गया।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य थाने में जगह बनाना और पुराने बंद हो चुके मामलों के साक्ष्यों का कानूनी रूप से निस्तारण करना था। मुकदमों के माल का निस्तारण पूरी तरह से पारदर्शी और नियमानुसार किया गया।
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किन-किन मुकदमों के माल का निस्तारण हुआ?

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पुलिस ने जिन 422 वस्तुओं का निस्तारण किया है, वे सभी अलग-अलग अपराधों से जुड़ी हुई थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनमें आबकारी अधिनियम (अवैध शराब) से संबंधित सबसे अधिक 154 मामले शामिल थे।
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इसके अलावा शस्त्र अधिनियम के तहत जब्त 140 अवैध हथियार, जुआ अधिनियम के 31, गोकशी के 5 और मृतक व्यक्तियों से संबंधित 92 वस्तुओं सहित अन्य पुलिंदा माल को भी नष्ट किया गया है।
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थाने के मालखाने को मिली बड़ी राहत

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लंबे समय से लंबित मुकदमों के कारण थानों के मालखाने पूरी तरह से भर जाते हैं। जगह की भारी कमी के कारण नए मुकदमों का जब्त माल सुरक्षित रखना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है।
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शनिवार को हुई इस कार्रवाई से थानाभवन पुलिस को बहुत बड़ी राहत मिली है। मालखाने से 422 वस्तुओं के हट जाने से अब वहां काफी जगह खाली हो गई है, जिससे नए मामलों का रखरखाव आसान होगा।
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जेसीबी से गड्ढा खोदकर नष्ट की गई अवैध शराब

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इस पूरी विधिक प्रक्रिया को बहुत ही सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से अंजाम दिया गया। सबसे पहले थाना परिसर में ही एक जेसीबी मशीन बुलाई गई। इस भारी मशीन की मदद से एक काफी गहरा गड्ढा खोदा गया।
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आबकारी अधिनियम के तहत पकड़ी गई भारी मात्रा में अवैध शराब को इसी गड्ढे में डालकर नष्ट किया गया। मुकदमों के माल का निस्तारण करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि आसपास के पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे।
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कटर से काटकर दबाए गए अवैध हथियार और चाकू

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अवैध हथियारों के निस्तारण के लिए पुलिस और प्रशासन ने विशेष सावधानी बरती। जब्त किए गए 140 हथियारों, जिनमें तमंचे, पिस्टल, चाकू और बंदूकें शामिल थीं, को सीधे गड्ढे में नहीं दबाया गया।
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इन सभी खतरनाक हथियारों को पहले लोहे के कटर से छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा गया। इसके बाद इन कटे हुए टुकड़ों को खोदे गए गहरे गड्ढे में दबाकर हमेशा के लिए नष्ट कर दिया गया, ताकि इनका दोबारा आपराधिक इस्तेमाल न हो सके।
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अधिकारियों की कड़ी निगरानी में पूरी हुई प्रक्रिया

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मुकदमों के माल का निस्तारण कई वरिष्ठ अधिकारियों की कड़ी निगरानी में संपन्न हुआ। इस दौरान नायब तहसीलदार गौरव कुमार सांगवान और क्षेत्राधिकारी (CO) श्याम सिंह मुख्य रूप से मौके पर मौजूद रहे।
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उनके साथ एपीओ श्रीचंद, थाना प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह रावत, अपराध निरीक्षक प्रमोद कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक इंदर सेन और उपनिरीक्षक चंद्रशेखर भी उपस्थित थे। राजस्व टीम से प्रशांत चौहान, मनोज राठी, राकेश कुमार और कुलवंत सिंह चौहान ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई।
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निष्कर्ष के तौर पर, थानाभवन पुलिस द्वारा मुकदमों के माल का निस्तारण करना एक बेहद सराहनीय और आवश्यक कदम है। इससे न केवल न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन हुआ है, बल्कि थाने के मालखाने में जमा बरसों पुराना बोझ भी कम हो गया है। पुलिस की यह पारदर्शी कार्रवाई भविष्य में बेहतर पुलिसिंग और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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