सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश में साइबर ठग अब आम जनता के साथ-साथ रसूखदार जनप्रतिनिधियों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं चूक रहे हैं। सुल्तानपुर में साइबर जालसाजों के दुस्साहस का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सुल्तानपुर-अमेठी सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एमएलसी (MLC) शैलेंद्र सिंह को करीब डेढ़ घंटे (90 मिनट) तक 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) करके रखा गया।READ ALSO:-बागपत में निजता से खिलवाड़ और खुली लूट: बालैनी टोल प्लाजा के महिला शौचालय में मिला CCTV कैमरा, अवैध वसूली पर भड़के ग्रामीण
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
ठगों ने खुद को मुंबई एटीएस (ATS) और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर उन्हें डराने की पूरी कोशिश की। लेकिन एमएलसी और उनके करीबियों की सूझबूझ के चलते ठग अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

केनरा बैंक और मनी लॉन्ड्रिंग का दिखाया खौफ

\r\n\r\n
बीजेपी एमएलसी शैलेंद्र सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले शख्स ने बेहद सख्त लहजे में खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताया। उसने एमएलसी पर सीधा आरोप मढ़ते हुए कहा कि उनके नाम पर 'केनरा बैंक' (Canara Bank) में एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है और इस खाते का इस्तेमाल 'मनी लॉन्ड्रिंग' (Money Laundering) तथा अन्य संदिग्ध और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस पर एमएलसी ने तुरंत जवाब दिया कि उनका लखनऊ और सुल्तानपुर के बाहर किसी भी शहर या बैंक में कोई खाता नहीं है। इसके बावजूद ठग लगातार उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाता रहा।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

"दरवाजा किसने खोला?" कमरे में किया कैद

\r\n\r\n
ठगों ने एमएलसी को डराने के लिए पूरी तरह से 'डिजिटल अरेस्ट' की स्क्रिप्ट का पालन किया। उन्होंने एमएलसी को करीब डेढ़ घंटे तक वीडियो कॉल पर जोड़े रखा। इस दौरान ठगों ने उन्हें घर के एक कमरे में जाने और उसे अंदर से बंद (Lock) करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने हिदायत दी कि जांच पूरी होने तक वे किसी से भी बात नहीं कर सकते।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
ठग लगातार वीडियो कॉल पर एमएलसी से उनके आधार कार्ड (Aadhar Card) और बैंक खातों का पूरा विवरण मांग रहे थे। हद तो तब हो गई जब कमरे का दरवाजा गलती से थोड़ा सा खुला, तो ठग स्क्रीन पर ही भड़क गए और नाराज होते हुए बोले, "आप मजाक कर रहे हैं? दरवाजा किसने खोला? किसी को भी अंदर मत आने दीजिए।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सतना (MP) की निकली सिम, ऐसे खुली ठगों की पोल

\r\n\r\n
जब एमएलसी को कमरे में बंद हुए काफी देर हो गई, तो बाहर मौजूद उनके करीबियों और सहयोगियों को शक हुआ। उन्होंने तुरंत सतर्कता बरतते हुए अपने स्तर पर उस अज्ञात नंबर की तकनीकी जांच शुरू की जिससे कॉल आ रही थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जांच में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वह नंबर किसी मुंबई एटीएस या पुलिस मुख्यालय का नहीं था, बल्कि वह मध्य प्रदेश के सतना (Satna, MP) की रहने वाली एक महिला के नाम पर पंजीकृत था। जैसे ही फोन पर मौजूद ठगों को इस बात का अहसास हुआ कि उनकी पोल खुल चुकी है और एमएलसी के करीबियों ने असलियत पकड़ ली है, उन्होंने तुरंत घबराकर कॉल काट दी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
साइबर थाने में FIR दर्ज, पुलिस कर रही ट्रैकिंग
\r\n\r\n
ठगों के चंगुल से सुरक्षित बाहर आने के बाद एमएलसी शैलेंद्र सिंह ने तुरंत सुल्तानपुर के साइबर थाने में इस घटना की लिखित शिकायत देते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सुल्तानपुर साइबर थाना के प्रभारी अखंडदेव मिश्रा ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ठगों ने एमएलसी को 'डिजिटल अरेस्ट' करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा, "तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हमारी साइबर टीम उन मोबाइल नंबरों और आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रही है, जहां से यह वीडियो कॉल की गई थी।" पुलिस का मानना है कि यह किसी अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का काम हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें