यूपी के सुल्तानपुर में साइबर ठगों का बड़ा दुस्साहस! सुल्तानपुर-अमेठी से भाजपा MLC शैलेंद्र सिंह को फर्जी मुंबई एटीएस ने 'डिजिटल अरेस्ट' किया। केनरा बैंक में मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया। पढ़ें
Published at : 05 Mar 2026, 04:01 PM
Updated at : 11 Sep 2026, 09:25 PM
विज्ञापन
विज्ञापन
Sultanpur BJP MLC digitally arrested links linked to Satna in MP
ठगों ने खुद को मुंबई एटीएस (ATS) और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर उन्हें डराने की पूरी कोशिश की। लेकिन एमएलसी और उनके करीबियों की सूझबूझ के चलते ठग अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
केनरा बैंक और मनी लॉन्ड्रिंग का दिखाया खौफ
\r\n\r\n
बीजेपी एमएलसी शैलेंद्र सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले शख्स ने बेहद सख्त लहजे में खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताया। उसने एमएलसी पर सीधा आरोप मढ़ते हुए कहा कि उनके नाम पर 'केनरा बैंक' (Canara Bank) में एक फर्जी बैंक खाता खोला गया है और इस खाते का इस्तेमाल 'मनी लॉन्ड्रिंग' (Money Laundering) तथा अन्य संदिग्ध और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
इस पर एमएलसी ने तुरंत जवाब दिया कि उनका लखनऊ और सुल्तानपुर के बाहर किसी भी शहर या बैंक में कोई खाता नहीं है। इसके बावजूद ठग लगातार उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाता रहा।
ठगों ने एमएलसी को डराने के लिए पूरी तरह से 'डिजिटल अरेस्ट' की स्क्रिप्ट का पालन किया। उन्होंने एमएलसी को करीब डेढ़ घंटे तक वीडियो कॉल पर जोड़े रखा। इस दौरान ठगों ने उन्हें घर के एक कमरे में जाने और उसे अंदर से बंद (Lock) करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने हिदायत दी कि जांच पूरी होने तक वे किसी से भी बात नहीं कर सकते।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
ठग लगातार वीडियो कॉल पर एमएलसी से उनके आधार कार्ड (Aadhar Card) और बैंक खातों का पूरा विवरण मांग रहे थे। हद तो तब हो गई जब कमरे का दरवाजा गलती से थोड़ा सा खुला, तो ठग स्क्रीन पर ही भड़क गए और नाराज होते हुए बोले, "आप मजाक कर रहे हैं? दरवाजा किसने खोला? किसी को भी अंदर मत आने दीजिए।"
\r\n\r\n
\r\n\r\n
सतना (MP) की निकली सिम, ऐसे खुली ठगों की पोल
\r\n\r\n
जब एमएलसी को कमरे में बंद हुए काफी देर हो गई, तो बाहर मौजूद उनके करीबियों और सहयोगियों को शक हुआ। उन्होंने तुरंत सतर्कता बरतते हुए अपने स्तर पर उस अज्ञात नंबर की तकनीकी जांच शुरू की जिससे कॉल आ रही थी।
\r\n\r\n
\r\n
सुल्तानपुर-अमेठी क्षेत्र के माननीय एमएलसी श्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह के सम्बन्ध में सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर चल रही 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी किसी भी खबर का पुलिस द्वारा पूर्णतः खंडन किया गया है उपरोक्त के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री सौरभ सामन्त की बाइट pic.twitter.com/Y9ntFfOtpx
\r\n— SULTANPUR POLICE (@sultanpurpolice) March 5, 2026
\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
जांच में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वह नंबर किसी मुंबई एटीएस या पुलिस मुख्यालय का नहीं था, बल्कि वह मध्य प्रदेश के सतना (Satna, MP) की रहने वाली एक महिला के नाम पर पंजीकृत था। जैसे ही फोन पर मौजूद ठगों को इस बात का अहसास हुआ कि उनकी पोल खुल चुकी है और एमएलसी के करीबियों ने असलियत पकड़ ली है, उन्होंने तुरंत घबराकर कॉल काट दी।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
साइबर थाने में FIR दर्ज, पुलिस कर रही ट्रैकिंग
\r\n\r\n
ठगों के चंगुल से सुरक्षित बाहर आने के बाद एमएलसी शैलेंद्र सिंह ने तुरंत सुल्तानपुर के साइबर थाने में इस घटना की लिखित शिकायत देते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
सुल्तानपुर साइबर थाना के प्रभारी अखंडदेव मिश्रा ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ठगों ने एमएलसी को 'डिजिटल अरेस्ट' करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा, "तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हमारी साइबर टीम उन मोबाइल नंबरों और आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रही है, जहां से यह वीडियो कॉल की गई थी।" पुलिस का मानना है कि यह किसी अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का काम हो सकता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.