उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। एक संभ्रांत दवा कारोबारी के 27 वर्षीय बेटे को कथित तौर पर प्रेम जाल में फंसाकर उसका धर्मांतरण कराने और निकाह करने का मामला तूल पकड़ गया है। पीड़ित पिता का आरोप है कि उनका बेटा, जो कभी हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करता था, अब अपनी पहचान बदल चुका है और परिवार से अलग हो गया है। इस पूरे मामले में जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगे हैं।READ ALSO:-शामली धर्मांतरण केस का नया खुलासा: लव जिहाद या 70 करोड़ की संपत्ति का 'प्रॉपर्टी जिहाद'? जानिए आयुष के 'रहमान' बनने की पूरी कहानी
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

क्या है पूरा मामला?

\r\n\r\n
शामली के दयानंदनगर निवासी देवराज सिंह मलिक, जो कि जिले के 'केमिस्ट एसोसिएशन' के अध्यक्ष हैं, का इकलौता बेटा आयुष मलिक बी-फार्मा स्नातक है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में एक फिजियोथेरेपी सेंटर पर आयुष की मुलाकात चांदनी कुरैशी से हुई। यहीं से दोस्ती की शुरुआत हुई, जो धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पिता देवराज सिंह का आरोप है कि चांदनी कुरैशी और उसके परिवार ने एक सुनियोजित साजिश रची। उन्होंने आयुष को अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर धीरे-धीरे उसका ब्रेनवॉश किया। आयुष को इस्लाम की शिक्षाएं दी गईं, पाकिस्तान के कट्टरपंथी सोशल मीडिया पेजों से जोड़ा गया और अंततः उसका धर्म परिवर्तन कराकर 'रहमान' बना दिया गया।
\r\n\r\n

 करोड़पति का बेटा बना मुसलमान, महिला जिम ट्रेनर ने बदलवाया धर्म, 9 पर FIR

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

परिवार की आंखें तब खुलीं, जब बेटा घर से हुआ अलग

\r\n\r\n
देवराज सिंह ने रोते हुए बताया कि उन्हें आयुष के धर्मांतरण और निकाह की भनक तक नहीं लगी। उन्हें इसका पता तब चला जब आयुष पूरी तरह से अपना हुलिया बदलकर, दाढ़ी बढ़ाकर और टोपी पहनकर रहने लगा। निकाह के छह महीने बाद, आयुष अपने माता-पिता और पुश्तैनी घर को छोड़कर शहर की सिलेक्ट विहार कॉलोनी में किराए के मकान में रहने लगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पिता का आरोप है, "मेरा बेटा बहुत सीधा-साधा है। चांदनी और उसके परिवार की नजर हमारी मेहनत की करोड़ों की संपत्ति पर थी। इन्होंने मेरे बेटे का इस्तेमाल एक जरिया के तौर पर किया ताकि वे हमारी अरबों की जायदाद हथिया सकें।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

FIR और पुलिस का कड़ा एक्शन

\r\n\r\n
शनिवार देर शाम, पीड़ित पिता की तहरीर पर शामली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी, उसके परिवार के 6 सदस्यों और 3 मौलवियों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    फरार आरोपी: अन्य 8 आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    विशेष जांच: पुलिस अधीक्षक (SP) एनपी सिंह ने बताया कि इस मामले में एक स्थानीय डॉक्टर खुर्शीद अनवर की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

संपत्ति का लालच और ब्रेनवॉश का एंगल

\r\n\r\n
जांच में यह भी सामने आया है कि चांदनी का परिवार आर्थिक रूप से बहुत कमजोर था। उसके पिता जूस का ठेला लगाते थे और भाई-बहन मॉल में काम करते थे। आयुष के संपर्क में आने के बाद चांदनी की जीवनशैली अचानक बदल गई। आरोप है कि उसने आयुष के पैसों से सोने की चेन खरीदी और कई अन्य महंगी चीजें उससे खर्च करवाईं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
एसपी एनपी सिंह के अनुसार, "जांच में डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए यह संकेत मिले हैं कि आरोपी पक्ष ने आयुष को कट्टरपंथी सामग्री दिखाई। चांदनी के भाई अमन कुरैशी, जो देवराज सिंह की दुकान पर नौकरी करता था, उसने ही आयुष को दुकान पर भी इस्लाम के तौर-तरीके अपनाने के लिए प्रेरित किया।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

हिंदू संगठनों का विरोध और स्वामी यशवीर की चेतावनी

\r\n\r\n
इस मामले ने अब सांप्रदायिक रंग लेना शुरू कर दिया है। मुजफ्फरनगर के योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर ने एक वीडियो जारी कर इस घटना की कड़ी निंदा की है। हिंदू संगठनों ने मामले में और अधिक सक्रिय कार्रवाई की मांग करते हुए जिम ट्रेनर के घर तक प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। तनाव को देखते हुए पुलिस बल को सतर्क कर दिया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आगे की राह

\r\n\r\n
यह घटना न केवल एक व्यक्ति के धर्मांतरण का मामला है, बल्कि इसके पीछे की साजिश संपत्ति हड़पने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की ओर भी इशारा करती है। आयुष के पिता, जो खुद समाज में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं, आज न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है कि क्या यह कोई संगठित गिरोह है जो भोले-भाले युवाओं को निशाना बनाकर धर्म परिवर्तन करा रहा है। आयुष का भविष्य अब कानून और प्रशासन के हाथ में है। पुलिस का कहना है कि वे हर एक बिंदु पर जांच कर रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें