उत्तर प्रदेश के शामली (Shamli, UP) जिले में इन दिनों एक ऐसा धार्मिक और पारिवारिक विवाद गरमाया हुआ है, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। शहर के दयानंद नगर निवासी, जाने-माने दवा कारोबारी और 'शामली केमिस्ट एसोसिएशन' के अध्यक्ष देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक (अब रहमान) ने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लिया है और एक मुस्लिम जिम ट्रेनर से निकाह कर लिया है। इस मामले में जहाँ आयुष इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता बता रहा है, वहीं अब इस पूरे प्रकरण में 'प्रॉपर्टी जिहाद' (Property Jihad) और ब्लैकमेलिंग का गंभीर एंगल भी जुड़ गया है।READ ALSO:-महंगाई का 'साइलेंट अटैक': बिस्कुट से लेकर साबुन तक 10% महंगे, पश्चिम एशिया के संकट ने बिगाड़ा आपकी रसोई का बजट!
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कैसे शुरू हुआ विवाद: 'कुरैशी प्लस' जिम से मस्जिद तक का सफर
\r\n\r\nइस पूरी कहानी की जड़ें आज से करीब 5 साल पहले जुड़ी हैं। पुलिस सूत्रों और परिवार के अनुसार, आयुष बी-फार्मा की पढ़ाई पूरी करने के बाद शहर में अपना 'भारत मेडिकल स्टोर' चलाता था। लगभग 5 साल पहले आयुष ने फिटनेस के लिए शहर की कुरैशी बस्ती स्थित ‘कुरैशी प्लस’ जिम जाना शुरू किया था।
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इसी जिम में उसकी मुलाकात जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी से हुई। पिता देवराज मलिक का सीधा आरोप है कि चांदनी ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके भोले-भाले बेटे आयुष को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया।
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आयुष के लुक और व्यवहार में बदलाव: करीब 6 महीने पहले परिवार ने आयुष के व्यवहार और पहनावे में अजीबोगरीब बदलाव महसूस किए:
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- \r\n आयुष ने धीरे-धीरे अपनी दाढ़ी बढ़ानी शुरू कर दी।\r\n \r\n
- \r\n वह चोरी-छिपे मस्जिद जाने लगा।\r\n \r\n
- \r\n हाल ही में उसकी कुछ तस्वीरें भी सामने आईं, जिनमें वह मस्जिद में नमाज पढ़ता हुआ नजर आ रहा है। एक अन्य तस्वीर में वह अपने मेडिकल स्टोर पर इस्लामी टोपी और कुर्ता-पायजामा पहने हुए बैठा दिखाई दे रहा है।\r\n \r\n
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महंत स्वामी यशवीर का वीडियो और 'प्रॉपर्टी जिहाद' का गंभीर आरोप
\r\n\r\nयह पारिवारिक मामला तब एक बड़े सार्वजनिक विवाद में तब्दील हो गया, जब 4 जून को मुजफ्फरनगर के योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर ने एक सनसनीखेज वीडियो जारी किया।
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महंत यशवीर ने इस वीडियो में दावा किया कि भारत मेडिकल स्टोर के मालिक के इकलौते बेटे को मुस्लिम लड़की ने फंसा लिया है। इस वीडियो के सामने आते ही हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने जिम ट्रेनर के घर पर धरने-प्रदर्शन की चेतावनी दे दी।
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लव जिहाद नहीं, ये 70 करोड़ का 'प्रॉपर्टी जिहाद' है: धर्मगुरु यशवीर महाराज ने इस मामले को लव जिहाद से कहीं बड़ा बताया है। उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा, "यह मामला सिर्फ लव जिहाद का नहीं है, बल्कि यह शामली के एक बड़े कारोबारी की 60-70 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने का सीधा-सीधा 'प्रॉपर्टी जिहाद' है।"
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उन्होंने दावा किया कि आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके परिवार ने ब्लैकमेल कर युवक (आयुष) से अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये नकद ऐंठ लिए हैं। इतना ही नहीं, महंत ने आशंका जताई है कि इस पूरी साजिश के तार दिल्ली, मुंबई और संभवतः पाकिस्तान में बैठे कट्टरपंथी धर्मगुरुओं से भी जुड़े हो सकते हैं।
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पिता का दर्द: "मैं हिंदू ही हूं, मेरे बेटे का जबरन ब्रेनवाश किया गया"
\r\n\r\nबेटे के इस कदम से आहत होकर कारोबारी देवराज मलिक ने शनिवार को थाने पहुंचकर FIR दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिम ट्रेनर चांदनी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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देवराज मलिक ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द बयां करते हुए स्पष्ट किया:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"मैं और मेरी पत्नी पूरी तरह से हिंदू धर्म में आस्था रखते हैं। हम आज भी सुबह-शाम हनुमान मंदिर में पूजा करने जाते हैं। मेरे बेटे आयुष का धर्मांतरण जिम ट्रेनर चांदनी और उसके परिवार ने मिलकर कराया है। पिछले 5 साल से वे लोग मेरे बेटे से रुपए ऐंठ रहे थे। इसमें आजाद चौक स्थित कादियां मस्जिद के पास रहने वाले मुनव्वर मौलवी और 2 अन्य मौलवी भी शामिल हैं, जिन्होंने बेटे पर मानसिक दबाव बनाकर उसे मुस्लिम धर्म अपनाने पर मजबूर किया।"\r\n
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आयुष उर्फ 'रहमान' का पलटवार: "मुझ पर कोई दबाव नहीं, यह मेरी चॉइस है"
\r\n\r\nपिता की FIR और पत्नी के जेल जाने के बाद, सोमवार को आयुष मलिक (रहमान) खुद मीडिया के सामने आया और सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। आयुष का बयान मामले को एक पूरी तरह से अलग दृष्टिकोण प्रदान करता है।
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आयुष के मुख्य तर्क:
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- \r\n डॉ. इसरार अहमद का प्रभाव: आयुष ने बताया कि उसका रुझान बचपन से ही इस्लाम की तरफ था। 2012–13 के आसपास उसने पाकिस्तान के मशहूर इस्लामिक इंफ्लुएंसर डॉक्टर इसरार अहमद के वीडियो देखने शुरू किए, जिससे उसका इस्लाम की तरफ झुकाव और तेज हो गया।\r\n \r\n
- \r\n स्वयं की इच्छा से धर्मांतरण: "मुझ पर किसी ने कोई दबाव नहीं डाला। मैं 13 साल से इस्लाम को समझ रहा था। अब मैं 5 वक्त की नमाज पढ़ता हूं और मैंने दाढ़ी इसलिए रखी है क्योंकि यह हमारे नबियों की सुन्नत है।"\r\n \r\n
- \r\n 4 साल पहले हुआ निकाह: आयुष ने खुलासा किया कि उसने 4 साल पहले ही इस्लाम को पूरी शिद्दत से कबूल कर चांदनी से इस्लामिक रीति-रिवाजों से निकाह कर लिया था।\r\n \r\n
- \r\n परिवार से सच क्यों छिपाया?: झूठ बोलने के सवाल पर आयुष ने कहा कि उसकी बहन की शादी नहीं हुई थी और इस्लाम भी माहौल खराब होने पर सच छिपाने की इजाजत देता है। इसलिए उसने शादी होने तक परिवार से यह बात छिपाई। फरवरी में उसने खुलकर इसका ऐलान कर दिया।\r\n \r\n
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"मैं अपनी मां का लवकुश हूं..." आयुष ने भावुक होते हुए कहा, "मेरा परिवार भले ही मुझे कबूल न करे, पर मेरे लिए मेरे माता-पिता और चांदनी का परिवार, दोनों अपने हैं। मेरी मां मुझे आज भी बचपन के नाम 'लवकुश' से बुलाती है, मैं उन्हें रोकता नहीं। लेकिन मेरे परिवार ने चांदनी और उसके पिता पर जो झूठे इल्जाम लगाए हैं, मैं उनके खिलाफ पूरे सच के साथ खड़ा रहूंगा। मैं अब मुस्लिम हूं, खुश हूं और कभी दोबारा धर्म नहीं बदलूंगा।"
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आगे क्या?
\r\n\r\nशामली का यह धर्मांतरण केस अब एक बेहद उलझी हुई कानूनी और सामाजिक पहेली बन चुका है। शामली के एसपी एनपी सिंह (SP NP Singh) ने बताया है कि गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस हर एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है।
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अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सचमुच एक पढ़े-लिखे युवक का वैचारिक परिवर्तन है, या महंत यशवीर के दावों के अनुसार यह 70 करोड़ की संपत्ति हड़पने के लिए रची गई 'प्रॉपर्टी जिहाद' की कोई सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साजिश है? पुलिस की जांच और अदालत की कार्यवाही ही इस हाई-प्रोफाइल मामले के अंतिम सच से पर्दा उठाएगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.