बागपत/सहारनपुर (विस्तृत क्राइम रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश के अपराध जगत से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है। बागपत जिले में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा - DUDA) में एक बेहद महत्वपूर्ण पद पर तैनात अधिकारी और उनकी एक महिला मित्र की एक सुनियोजित और खौफनाक साजिश के तहत नृशंस हत्या कर दी गई है। कातिलों ने इस वारदात को इतनी चालाकी और बेरहमी से अंजाम दिया कि इसे देखकर पुलिस के आला अधिकारी भी सन्न हैं।READ ALSO:-गुलामी के प्रतीकों पर कैंट बोर्ड का 'सर्जिकल स्ट्राइक': ब्रिटिशकालीन नामों की हुई छुट्टी; 'लाल कुर्ती' अब जवाहर नगर और 'रजबन' कहलाएगा शिवाजी नगर!
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यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं है, बल्कि इसके तार एक 'लव ट्रायंगल' (प्रेम त्रिकोण), पारिवारिक कलह और किसी बहुत गहरी रंजिश से जुड़े नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं कि मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले एक होनहार अधिकारी विक्रांत कुमार की मौत की खौफनाक पटकथा सहारनपुर के एक फार्म हाउस में कैसे लिखी गई।
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रहस्यमयी गुमशुदगी: 16 अप्रैल को अचानक गायब हुए विक्रांत
\r\n\r\nइस सनसनीखेज मामले की शुरुआत 16 अप्रैल 2026 से होती है। मूल रूप से प्रयागराज (इलाहाबाद) के गोविंदपुरम इलाके के रहने वाले 37 वर्षीय विक्रांत कुमार बागपत जिले में डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) विभाग में 'सिटी मिशन मैनेजर' (CMM) के पद पर तैनात थे। वह अपने काम में बेहद सक्रिय थे, लेकिन 16 अप्रैल को वह अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और उनसे संपर्क के सभी रास्ते कट गए।
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जब 24 घंटे बीत जाने के बाद भी विक्रांत का कोई सुराग नहीं लगा, तो उनकी पत्नी प्राची सिंह ने बागपत पुलिस का दरवाजा खटखटाया। प्राची ने पुलिस थाने में पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई। इसी एफआईआर में इस पूरे मामले का पहला बड़ा सुराग छिपा था। प्राची सिंह ने अपनी शिकायत में साफ तौर पर 'राखी कश्यप' नाम की एक महिला का जिक्र किया और उस पर अपने पति को परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया।
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खौफनाक बरामदगी: 10 दिन के अंतराल पर मिले दो शव
\r\n\r\nबागपत पुलिस विक्रांत की तलाश कर ही रही थी कि पड़ोसी जिले सहारनपुर से बुरी खबरें आना शुरू हो गईं। कातिलों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक बेहद खौफनाक और शातिर चाल चली थी:
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- \r\n 17 अप्रैल - विक्रांत का शव मिला: विक्रांत के लापता होने के ठीक एक दिन बाद, 17 अप्रैल को सहारनपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र में सड़क किनारे एक अज्ञात युवक का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। शुरुआत में पुलिस इसकी शिनाख्त नहीं कर पाई, लेकिन बाद में बागपत पुलिस से संपर्क साधने पर यह पुष्टि हो गई कि यह शव डूडा अधिकारी विक्रांत कुमार का ही था। उनके शरीर पर धारदार हथियारों के कई निशान थे।\r\n \r\n
- \r\n 27 अप्रैल - राखी कश्यप का शव मिला: विक्रांत के शव मिलने के बाद पुलिस राखी कश्यप की तलाश में जुटी थी, क्योंकि पत्नी प्राची के आरोपों के मुताबिक वह इस मामले की मुख्य कड़ी थी। 10 दिन बाद, 27 अप्रैल की शाम सहारनपुर के ही मिर्जापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रजापुर नौगांव के घने जंगलों में एक युवती का शव बरामद हुआ। कातिलों ने बेहद बेरहमी से उसका गला रेता हुआ था। जब पुलिस ने शिनाख्त की, तो पता चला कि यह लाश उसी राखी कश्यप की थी जिस पर विक्रांत को परेशान करने का आरोप था।\r\n \r\n
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फार्म हाउस की वह 'खूनी रात': कैसे रची गई मौत की साजिश?
\r\n\r\nइस दोहरे हत्याकांड की जांच कर रहे सहारनपुर के एसपी (SP) सूरज कुमार राय ने मीडिया को जो शुरुआती जानकारी दी है, वह किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। पुलिस कप्तान के मुताबिक, यह कोई अचानक गुस्से में की गई हत्या नहीं थी, बल्कि एक बेहद 'सुनियोजित साजिश' (Pre-planned Conspiracy) का हिस्सा थी।
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जांच में सामने आया है कि 16 अप्रैल को विक्रांत और राखी कश्यप दोनों को एक ही कार के जरिए अगवा किया गया था। अपहरणकर्ता उन्हें सहारनपुर के एक बेहद सुनसान और गुप्त फार्म हाउस पर ले गए। इसी फार्म हाउस को दोनों की कब्रगाह चुना गया था। वहां पहुंचने के बाद दोनों पर चाकुओं और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए गए। जब तक दोनों की सांसें नहीं थम गईं, कातिलों ने वार करना नहीं छोड़ा।
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पहचान छिपाने की शातिर चाल: हत्यारों का मकसद सिर्फ दोनों को मारना नहीं था, बल्कि पुलिस की जांच को भटकाना भी था। इसीलिए उन्होंने विक्रांत और राखी के शवों को एक साथ ठिकाने नहीं लगाया। उन्होंने दोनों शवों को कार की डिग्गी में रखा और सहारनपुर के दो बिल्कुल अलग-अलग थाना क्षेत्रों (बड़गांव और मिर्जापुर) में, अलग-अलग तारीखों पर फेंक दिया, ताकि पुलिस इसे दो अलग-अलग वारदातें समझे और आपस में कड़ी न जोड़ पाए।
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जांच का मुख्य बिंदु: 'लव ट्रायंगल' या 'पुरानी रंजिश'?
\r\n\r\nइस हत्याकांड के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक सरकारी अधिकारी और एक महिला को इतनी बेरहमी से मारने के पीछे असली मकसद क्या था? पुलिस की जांच मुख्य रूप से दो एंगल्स पर घूम रही है:
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- \r\n लव ट्रायंगल (Love Triangle): क्या विक्रांत, उनकी पत्नी प्राची और राखी कश्यप के बीच कोई त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग चल रहा था? पत्नी प्राची के एफआईआर में लगाए गए आरोप इस ओर साफ इशारा करते हैं कि राखी और विक्रांत के बीच कुछ ऐसा था जो पत्नी को खटकता था। क्या इसी कलह ने इस खूनी खेल को जन्म दिया?\r\n \r\n
- \r\n पुरानी रंजिश या ब्लैकमेलिंग: क्या राखी कश्यप किसी मामले में विक्रांत को ब्लैकमेल कर रही थी? या फिर इन दोनों का किसी तीसरे व्यक्ति (शायद राखी के किसी अन्य प्रेमी या दुश्मन) से कोई विवाद था, जिसने इन दोनों को ही रास्ते से हटा दिया?\r\n \r\n
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राखी कश्यप का 'अतीत' खंगाल रही पुलिस
\r\n\r\nअब पुलिस इस मामले की सबसे अहम कड़ी—राखी कश्यप के बैकग्राउंड की गहराई से छानबीन कर रही है। राखी कौन थी? वह कहां की रहने वाली थी? उसका एक शादीशुदा अधिकारी (विक्रांत) के साथ क्या संबंध था? और उस खौफनाक दिन वे दोनों एक साथ कैसे और क्यों अगवा हुए?
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इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए सहारनपुर और बागपत पुलिस की कई संयुक्त टीमें (Joint Teams) बनाई गई हैं।
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- \r\n डिजिटल सबूत: पुलिस की टीमें सर्विलांस (Surveillance) सेल की मदद से विक्रांत और राखी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आखिरी लोकेशंस खंगाल रही हैं।\r\n \r\n
- \r\n सीसीटीवी फुटेज: जिस रास्ते से दोनों को कार में अगवा कर ले जाया गया था, उस पूरे रूट के टोल प्लाजा और रास्तों के सीसीटीवी फुटेज चेक किए जा रहे हैं ताकि उस कार और हत्यारों की पहचान की जा सके।\r\n \r\n
- \r\n दबिश: पुलिस को कुछ संदिग्धों की जानकारी मिली है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।\r\n \r\n
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आगे क्या? बागपत के एक बड़े अधिकारी का इस तरह बेरहमी से कत्ल होना प्रशासनिक सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। मृतक विक्रांत के परिवार में मातम पसरा हुआ है, और प्रयागराज स्थित उनके पैतृक आवास पर चीख-पुकार मची है। अब सबकी निगाहें यूपी पुलिस की तफ्तीश पर टिकी हैं कि आखिर वह कौन सा चेहरा है जो इस दोहरे और नृशंस हत्याकांड के पीछे छिपा है। 'लव ट्रायंगल' की इस खूनी पहेली का पर्दाफाश होना अब बस कुछ ही दूर है।
Sabse pehle comment karne wale banein.