उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित ज्वालानगर में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक 'लव जिहाद' से जुड़े मामले में हिंदू संगठनों ने एक मुस्लिम युवक शाकिब के घर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह मामला इसलिए और भी जटिल हो गया है क्योंकि युवक शाकिब को अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में अदालत से 20 साल की सज़ा सुनाई जा चुकी है, लेकिन इशिका नाम की हिंदू युवती उसी के घर पर रह रही है। हिंदू संगठन इशिका को जबरन रखे जाने और ब्रेनवॉश का आरोप लगा रहे हैं, जबकि युवती ने खुद कहा है कि वह शाकिब के जेल से आने के बाद उससे शादी करेगी।READ ALSO:-मेरठ: नाबालिग लड़कियों से अश्लीलता करने वाला साइको युवक गिरफ्तार, लोगों ने पकड़कर की पिटाई; Meerut Police ने भेजा जेल
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अपहरण, दुष्कर्म और 20 साल की सज़ा

\r\n\r\n
यह मामला वर्ष 2022 का है।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    मुकदमा: बजरंग दल के पूर्व पश्चिमी प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने बताया कि इशिका के पिता राजेश मदान की शिकायत पर 2022 में शाकिब के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सज़ा: इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद, अक्टूबर 2025 में अदालत ने शाकिब को 20 साल की कठोर कारावास की सजा और ₹65 हजार का जुर्माना लगाया था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    स्थिति: सज़ा सुनाए जाने के बाद, इशिका खुद शाकिब के घर पहुँच गई थी और तभी से वहीं रह रही है, जिससे यह पूरा मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

युवती का बयान और परिवार का जादू-टोना का आरोप

\r\n\r\n
सज़ा सुनाए जाने के बाद युवती का आरोपी के घर पर रहना और वहाँ से जाने से इनकार करना, इस मामले में नया मोड़ लाया है।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    इशिका का बयान: युवती इशिका ने पुलिस और लोगों के सामने साफ कहा कि वह शाकिब के घर से कहीं नहीं जाएगी। उसने घोषणा की, "जब शाकिब जेल से बाहर आएगा, तभी मैं उससे शादी करूंगी।"
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    शाकिब के पिता का पक्ष: शाकिब के पिता इरफान ने भी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि इशिका को उन्होंने जबरन नहीं रखा है, बल्कि परिवार के लोग ही उसे घर छोड़कर गए थे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    युवती के पिता का आरोप: इशिका के पिता राजेश मदान का कहना है कि उनकी बेटी पर 'जादू-टोना' किया गया है, जिसके कारण वह परिवार के पास लौटना नहीं चाहती। उन्होंने हर हाल में बेटी को वापस ले जाने की बात कही है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस ने किया हस्तक्षेप

\r\n\r\n
ज्वालानगर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। हिंदू संगठनों के विरोध और युवती के घर छोड़ने से इनकार के कारण पुलिस ने हस्तक्षेप किया।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पुलिस कार्रवाई: मौके पर तैनात पुलिस बल और अधिकारी लगातार इशिका को समझाने का प्रयास कर रहे थे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    थाने में समझौता: स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस इशिका को अपनी गाड़ी से सिटी कोतवाली थाने ले गई है। पुलिस ने दोनों पक्षों (युवती का परिवार और शाकिब का परिवार) को बातचीत और मामले को सुलझाने के लिए थाने बुलाया है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

ब्रेनवॉश का आरोप

\r\n\r\n
हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों का आरोप है कि युवती इशिका का पूरी तरह से ब्रेनवॉश किया गया है, जिसके कारण वह सजायाफ्ता आरोपी के घर रहने को तैयार है। यह घटना 'लव जिहाद' और 'ब्रेनवॉश' के आरोपों के बीच सामाजिक और कानूनी बहस को बढ़ा रही है। सोशल मीडिया पर यह संवेदनशील मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

थाने में कानूनी हल

\r\n\r\n
फिलहाल, इशिका पुलिस की निगरानी में सिटी कोतवाली में है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत से मामले का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में पुलिस के सामने एक अजीबोगरीब चुनौती है: एक तरफ कोर्ट द्वारा सज़ा पाया आरोपी है, तो दूसरी तरफ एक बालिग युवती है जो अपनी मर्ज़ी से आरोपी के घर रहने पर अड़ी है। अब पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि कानूनी प्रक्रिया और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन बना रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें