सहारनपुर (क्राइम डेस्क): प्यार, धोखा, और इंतकाम—ये तीन शब्द सहारनपुर की इस खौफनाक वारदात को पूरी तरह से परिभाषित करते हैं। अक्सर कहा जाता है कि बचपन की दोस्ती सबसे पवित्र और मजबूत होती है, लेकिन सहारनपुर में 35 साल पुरानी एक ऐसी ही दोस्ती का अंत इतनी नफरत और खून-खराबे के साथ होगा, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।READ ALSO:-ऑनलाइन गेमिंग का बदल गया खेल: पैसे लगाए तो लगेगा 30% टैक्स और कानूनी पचड़ा, बिना पैसों वाले गेम ही 100% सेफ; जानें नए नियमों की A to Z डिकोडिंग
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यहां 42 वर्षीय पूजा नाम की महिला ने अपनी ही हमउम्र सहेली ज्योति के सबसे छोटे बेटे अंशुमान (14 वर्ष) की नहर में डुबोकर हत्या कर दी। इस हत्याकांड के पीछे जो वजहें पुलिस की जांच में निकलकर सामने आई हैं, वह समाज और रिश्तों के ताने-बाने पर कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n— Saharanpur Police (@saharanpurpol) May 3, 2026\r\n\r\n\r\n
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बचपन का साथ और गहरी दोस्ती जो प्यार में बदल गई
\r\n\r\nपुलिस सूत्रों और जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पूजा और ज्योति की कहानी आज से करीब 35 साल पहले शुरू हुई थी। दोनों बचपन की सहेलियां थीं। 7 साल की उम्र से ही दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। दोनों साथ खेलती थीं, पढ़ती थीं और अपने हर सुख-दुख एक-दूसरे से साझा करती थीं। उम्र बढ़ने के साथ-साथ यह सामान्य दोस्ती एक गहरी अंतरंगता में बदल गई। दोनों एक-दूसरे के बिना एक पल भी नहीं रह पाती थीं।
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समय बीता और घरवालों ने दोनों की शादियां अलग-अलग जगह कर दीं। ज्योति की शादी नुमाइश कैंप इलाके के रहने वाले बाल कृष्ण भारती से हुई। शादी के बाद ज्योति 4 बेटों (अनुराग, विशाल, विकास और अंशुमान) की मां बनी। सबसे बड़ा बेटा अनुराग 25 साल का है और सबसे छोटा अंशुमान महज 14 साल का था। दूसरी तरफ, पूजा की शादी रवि मोहन नाम के व्यक्ति से हुई, जिससे उसे एक बेटी हुई।
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साल 2016: जब पतियों को चला रिश्ते का पता और उजड़ गए घर
\r\n\r\nशादी और बच्चे होने के बावजूद पूजा और ज्योति ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। दोनों अक्सर मिलती-जुलती रहीं और साथ घूमती-फिरती रहीं। बाहरी दुनिया को लगता था कि यह सिर्फ दो सहेलियों का प्यार है, लेकिन हकीकत कुछ और थी।
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करीब 10 साल पहले (साल 2016 में) इस रिश्ते में एक बड़ा भूचाल आया। पूजा के पति रवि मोहन ने दोनों महिलाओं को एक आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इसके बाद दोनों परिवारों में जमकर कलह और हंगामा हुआ। लेकिन, पूजा और ज्योति का एक-दूसरे पर ऐसा जुनून सवार था कि वे किसी भी कीमत पर अलग होने को तैयार नहीं हुईं। विवाद इतना बढ़ गया कि आखिरकार दोनों के पतियों ने उन्हें छोड़ दिया। समाज और परिवार से बगावत करने के बाद, पूजा और ज्योति एक-दूसरे से करीब 500 मीटर की दूरी पर अलग-अलग किराए के मकान लेकर रहने लगीं।
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बच्चों का बड़ा होना: जब रिश्ते में पड़ने लगी दरार
\r\n\r\nवक्त के साथ-साथ पूजा और ज्योति के बच्चे बड़े होने लगे। इसी बीच पूजा ने अपनी बेटी की शादी भी कर दी। लेकिन जैसे-जैसे बच्चे समझदार हुए, उन्हें अपनी माताओं (पूजा और ज्योति) के बीच के इस असामान्य रिश्ते के बारे में पता चल गया। बच्चों ने इस रिश्ते का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके कारण दोनों के घरों में भारी मानसिक तनाव और क्लेश रहने लगा।
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इसी तनाव के बीच ज्योति के सबसे बड़े बेटे अनुराग (25 वर्ष) और पूजा के बीच अक्सर तीखी नोकझोंक और झगड़े होने लगे।
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दुकान और 6 लाख रुपए: जिसने दोस्ती को बदल दिया दुश्मनी में
\r\n\r\nइस पूरी खौफनाक कहानी का टर्निंग पॉइंट एक प्रॉपर्टी और पैसों का लेन-देन बना। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि करीब डेढ़ साल पहले प्यार और भरोसे में आकर पूजा ने अपनी एक दुकान ज्योति के बड़े बेटे अनुराग के नाम कर दी थी।
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बाद में जब रिश्तों में खटास आने लगी, तो पूजा ने उस दुकान के एवज में अनुराग से 6 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। लेकिन अनुराग किसी भी कीमत पर वे रुपए देने को तैयार नहीं था। करीब 9 महीने पहले इसी 6 लाख रुपए को लेकर अनुराग और पूजा के बीच एक बहुत भयंकर झगड़ा हुआ। बात इतनी बिगड़ गई कि पूजा और ज्योति ने अपने 35 साल पुराने संबंधों को हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला कर लिया। दोनों अलग हो गईं, लेकिन पूजा के दिल में अपने 6 लाख रुपए न मिलने की आग धधक रही थी।
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बदनामी और खौफनाक साजिश (1 मई का दिन)
\r\n\r\nपैसे न देने पर अनुराग ने पूजा के खिलाफ एक और घटिया चाल चली। उसने पूजा के बारे में मोहल्ले और रिश्तेदारों में गलत बातें फैलानी शुरू कर दीं ताकि उसकी बदनामी हो सके। इस बदनामी ने पूजा के अंदर पल रही नफरत को एक खौफनाक साजिश में बदल दिया। उसने अनुराग और ज्योति से बदला लेने की ठान ली।
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1 मई को पूजा अपनी स्कूटी से कहीं जा रही थी। रास्ते में उसे ज्योति का सबसे छोटा बेटा 14 वर्षीय अंशुमान दिख गया। पूजा ने बड़ी चालाकी से मासूम अंशुमान को अपनी स्कूटी पर बैठने के लिए कहा। अंशुमान, जो पूजा को बचपन से 'आंटी' के रूप में जानता था, चुपचाप स्कूटी पर बैठ गया। पूजा उसे घुमाने के बहाने शहर के बाहर एक सुनसान इलाके में बड़ी नहर के पास ले गई।
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वहां बातों में उलझाकर वह अंशुमान को नहर के बिल्कुल किनारे तक ले गई और फिर अचानक उसे जोर से धक्का देकर गहरे पानी में गिरा दिया। मासूम बच्चा पानी में समा गया और पूजा चुपचाप अपनी स्कूटी स्टार्ट करके घर लौट आई, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
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CCTV ने खोला 35 साल पुरानी सहेली का राज
\r\n\r\nउधर, जब शाम तक अंशुमान घर नहीं लौटा, तो मां ज्योति और भाइयों की चिंता बढ़ने लगी। पूरे मोहल्ले और रिश्तेदारों में तलाश करने के बाद जब बच्चा नहीं मिला, तो ज्योति ने घबराकर थाने में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने शुरू किए। इसी दौरान एक कैमरे में पूजा, अंशुमान को अपनी स्कूटी पर ले जाती हुई नजर आ गई। पुलिस ने जब वह फुटेज ज्योति को दिखाया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। ज्योति ने तुरंत महिला की पहचान अपनी पूर्व सहेली पूजा के रूप में की। पुलिस ने बिना समय गंवाए पूजा को उसके घर से दबोच लिया।
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2 दिन बाद उतराता मिला मासूम का शव
\r\n\r\nहिरासत में लिए जाने के बाद शुरुआत में तो पूजा पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती बरती और सीसीटीवी फुटेज सामने रखा, तो वह अपने ही बुने हुए झूठ के जाल में फंस गई। अंततः उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
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पूजा की निशानदेही पर 2 मई (शनिवार) को बड़ी नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गोताखोरों की टीम दिन भर नहर की खाक छानती रही, लेकिन बच्चे का कुछ पता नहीं चला। अगले दिन, 3 मई (रविवार) को नहर के पास से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने पानी में एक बच्चे का शव उतराता हुआ देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला, जिसकी शिनाख्त 14 वर्षीय अंशुमान के रूप में हुई।
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हत्यारिन का बेतुका तर्क: "मैं डर गई थी..."
\r\n\r\nजब पुलिस ने पूजा से पूछा कि उसने 14 साल के एक बेगुनाह बच्चे की इतनी बेरहमी से जान क्यों ली, तो उसने एक बेहद बेतुका और अजीबोगरीब तर्क दिया। पूजा ने पुलिस को बताया, "मेरा अंशुमान को मारने का कोई इरादा नहीं था। मैं तो बस उसे अपने साथ घुमाने ले गई थी। जब काफी देर हो गई, तो उसके घरवाले मुझे लगातार फोन करने लगे और अंशुमान के बारे में पूछने लगे। उनकी बातें सुनकर मैं बहुत ज्यादा डर गई थी कि कहीं मुझ पर कोई आरोप न लग जाए। इसी डर और घबराहट में मैंने अंशुमान को नहर में धक्का दे दिया।"
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पूजा ने आगे कहा, "उसकी मां (ज्योति) और भाई (अनुराग) मेरे साथ अक्सर बहुत गंदा व्यवहार और लड़ाई-झगड़ा करते थे। मेरी अंशुमान से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी, लेकिन उनका गुस्सा मैंने उस पर निकाल दिया।"
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सहारनपुर का यह मामला समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि कैसे अनसुलझे रिश्ते, पैसों का लालच और बदले की भावना इंसान को अंधा कर देती है। 35 साल का प्यार और दोस्ती एक पल में खाक हो गई और इसकी सबसे भारी कीमत एक ऐसे 14 साल के मासूम बच्चे को चुकानी पड़ी, जिसका इस पूरे विवाद से कोई लेना-देना ही नहीं था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Sabse pehle comment karne wale banein.