उत्तर प्रदेश के झांसी से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक 62 वर्षीय रिटायर्ड रेलकर्मी ने अपनी 32 वर्षीय लिव-इन पार्टनर की न केवल बेरहमी से हत्या की, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए शव के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें घर के अंदर ही चूल्हे पर जला दिया। यह वारदात 'श्रद्धा वालकर' और 'निक्की यादव' जैसे चर्चित हत्याकांडों की याद दिलाती है। इस जघन्य अपराध का खुलासा तब हुआ जब आरोपी अधजले शव के अवशेषों को एक नीले बक्से में भरकर ठिकाने लगाने निकला, लेकिन एक सतर्क ऑटो चालक की वजह से उसकी योजना विफल हो गई।Read also:-मेरठ: ड्रोन, ब्रांडेड जूते और करोड़ों की हेराफेरी... कोर्ट ने तस्कर सलमान को दिखाया आईना, जमानत याचिका सिरे से खारिज
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1. घटना का विस्तृत विवरण: 7 जनवरी से शुरू हुआ खूनी खेल

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पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी राम सिंह रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी है। वह अपनी दो पत्नियों के अलावा प्रीति नाम की एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था। प्रीति के लिए उसने लहर गांव (सीपरी बाजार) में एक कमरा किराए पर ले रखा था।
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 इसी जगह पर बृजभान ने शव को रखा था। इस नीले ड्रम में वह लाश को भरना चाहता था। लेकिन उसमें नहीं भरा।

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विवाद की जड़: बताया जा रहा है कि प्रीति लगातार राम सिंह से पैसों की मांग कर रही थी। राम सिंह इस डिमांड से तंग आ चुका था। 7 जनवरी को इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। गुस्से में आकर राम सिंह ने प्रीति की गला घोंटकर हत्या कर दी।
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2. शव को ठिकाने लगाने का खौफनाक तरीका

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हत्या के बाद आरोपी ने शव को तुरंत ठिकाने नहीं लगाया। कई दिनों तक शव कमरे में ही पड़ा रहा। जब शव सड़ने लगा और उससे असहनीय दुर्गंध आने लगी, तो राम सिंह ने उसे नष्ट करने की योजना बनाई।
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    चूल्हे का उपयोग: आरोपी ने कमरे के आंगन में ही ईंटों का एक अस्थायी चूल्हा बनाया।
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    टुकड़े और आग: उसने शव को कई हिस्सों में काटा और लकड़ियां जलाकर शव के अंगों को चूल्हे पर जलाना शुरू किया ताकि वे पूरी तरह राख हो जाएं या पहचान में न आ सकें।
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    बेटे की मदद: इस अपराध में राम सिंह का बेटा नितिन परिहार भी शामिल हो गया। नितिन ने ही अपने पिता को लकड़ियां और वह 'नीले बक्सा' लाकर दिया, जिसमें बाद में अवशेषों को भरा गया।
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3. शनिवार की रात: कैसे हुआ भंडाफोड़?

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17-18 जनवरी की रात करीब 11 बजे, राम सिंह ने शव के अधजले अवशेषों, राख और गंदगी को एक नीले लोहे के बक्से में भरा। उसने ब्रह्म नगर से मिनर्वा चौराहे तक जाने के लिए एक ऑटो बुक किया।
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 लाश को टुकड़ों में काटा। फिर इसी चूल्हे में शव के टुकड़ों को जलाता था।

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ऑटो चालक को हुआ शक: जब बक्सा ऑटो में रखा गया, तो उसकी भारी आवाज और राम सिंह की घबराहट देख ऑटो चालक को संदेह हुआ। मिनर्वा चौराहे से कुछ दूरी पहले ही राम सिंह ने अचानक ऑटो रुकवाया और बक्सा उतार लिया। वह बक्सा वहीं छोड़कर भागने की कोशिश करने लगा। चालक ने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया।
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4. पुलिस की रेड और दिल दहला देने वाला मंजर

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सूचना मिलते ही नवाबाद थाना और सीपरी बाजार पुलिस मौके पर पहुंची। जब पुलिस ने वह काला बक्सा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर अनुभवी पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। बक्से में मानव शरीर के अधजले हिस्से, राख और पानी भरा हुआ था।
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ब्रह्म नगर में छापेमारी: पुलिस ऑटो चालक को लेकर सीधे उस पते पर पहुंची जहाँ से बक्सा लादा गया था। वहाँ राम सिंह की दूसरी पत्नी गीता मिली। गीता ने ही पुलिस के सामने राज खोला कि राम सिंह ने प्रीति की हत्या कर दी है।
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5. पुलिस जांच और साक्ष्यों का संकलन

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पुलिस जब प्रीति के किराए के कमरे (लहर गांव) पहुंची, तो वहां आंगन में बना चूल्हा और खून के कुछ निशान मिले। चूल्हे में राख की मोटी परत जमी थी, जो इस बात की पुष्टि करती है कि कई दिनों तक वहां मांस जलाया गया था।
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    धाराएं और केस: आरोपी राम सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ हत्या (302) और साक्ष्य मिटाने (201) सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
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    DNA टेस्ट: चूंकि शव काफी हद तक जल चुका है और टुकड़ों में है, इसलिए पुलिस ने पहचान पुख्ता करने के लिए DNA सैंपल लैब भेजने का निर्णय लिया है।
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    गिरफ्तारी: पुलिस ने आरोपी के बेटे को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी राम सिंह अभी भी फरार है।
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6. विशेषज्ञ की राय: बढ़ती क्रूरता और मानसिक स्थिति

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मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह के अपराध 'Impulsive Rage' (अचानक उपजा अत्यधिक क्रोध) और पकड़े जाने के डर से पैदा हुई विकृत मानसिकता का परिणाम होते हैं। रिटायर्ड रेलकर्मी जैसे उम्रदराज व्यक्ति का इस तरह से शव को ठिकाने लगाना यह दर्शाता है कि उसने अपराध को बहुत ही ठंडे दिमाग से (Calculated mindset) अंजाम देने की कोशिश की।
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झांसी का यह कांड समाज के लिए एक चेतावनी है। रिश्तों में बढ़ता तनाव और अपराध करने के बाद बचने के लिए अपनाए जा रहे ये बर्बर तरीके कानून व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती हैं। पुलिस का दावा है कि राम सिंह को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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प्रमुख सवाल जो जांच के घेरे में हैं:

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    क्या इस हत्याकांड में राम सिंह की पत्नियों को पहले से जानकारी थी?
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    क्या राम सिंह ने पहले भी इस तरह की किसी हिंसक घटना को अंजाम दिया है?
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    फरार आरोपी राम सिंह के पास क्या कोई हथियार है, जिससे वह खुद को नुकसान पहुंचा सकता है?
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Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और पुलिस जांच के प्रारंभिक तथ्यों पर आधारित है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पाठकों से अनुरोध है कि वे केवल आधिकारिक पुलिस पुष्टि पर ही भरोसा करें।
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