मुरादाबाद/बिजनौर: बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और 'गदर' फिल्म से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाली अमीषा पटेल (Ameesha Patel) एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंस गई हैं। मुरादाबाद की एक अदालत ने अभिनेत्री के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गैर जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant - NBW) जारी कर दिया है। यह मामला साल 2017 के एक इवेंट और वित्तीय लेनदेन में धोखाधड़ी से जुड़ा है। कोर्ट द्वारा बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद अभिनेत्री के हाजिर न होने पर यह सख्त कदम उठाया गया है।READ ALSO:-बिजनौर ब्रेकिंग: नजीबाबाद में मानवता शर्मसार, भारत टॉकीज रेलवे लाइन के पास कूड़े के ढेर में मिला अज्ञात नवजात शिशु का शव, पुलिस जांच में जुटी
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इस घटना ने मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में हलचल मचा दी है। वादी पवन वर्मा द्वारा दायर किए गए मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि अभिनेत्री ने एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए लाखों रुपये लिए, लेकिन वे न तो कार्यक्रम में पहुंचीं और न ही बाद में पूरा पैसा लौटाया।
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क्या है पूरा मामला? (The Complete Case History)

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यह विवाद करीब 9 साल पुराना है, जिसकी जड़ें 2017 में एक शादी समारोह से जुड़ी हैं। मुरादाबाद के डबल फाटक निवासी पवन वर्मा (Pawan Verma), जो एक इवेंट कंपनी 'ड्रीम विजन' के मालिक हैं, ने अमीषा पटेल और उनके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
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पवन वर्मा के अनुसार, 16 नवंबर 2017 को मुरादाबाद में आयुष अग्रवाल नामक व्यक्ति का शादी समारोह आयोजित किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल शादी में परफॉर्मेंस और उपस्थिति के लिए फिल्म अभिनेत्री अमीषा पटेल को आमंत्रित किया गया था। इस कार्यक्रम के लिए पवन वर्मा और अभिनेत्री की टीम के बीच एक समझौता हुआ था।
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आरोप है कि पवन वर्मा ने अमीषा पटेल को कार्यक्रम में आने के लिए 14.50 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान (Advance Payment) किया था। यह रकम उनकी फीस और अन्य खर्चों के तौर पर दी गई थी। इसके अलावा, आयोजकों ने अभिनेत्री और उनकी टीम के ठहरने और भोजन की भी भव्य व्यवस्था की थी। शहर के प्रतिष्ठित 'होटल होलीडे रीजेंसी' (Hotel Holiday Regency) में कमरे बुक कराए गए थे और दिल्ली रोड स्थित इस होटल में तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।
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पैसे लिए, लेकिन नहीं पहुंचीं अभिनेत्री

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इवेंट आयोजक पवन वर्मा का कहना है कि 16 नवंबर 2017 को शादी का कार्यक्रम शुरू हो गया, मेहमान इंतजार करते रहे, लेकिन अमीषा पटेल मुंबई से मुरादाबाद नहीं पहुंचीं। आयोजकों ने उनसे और उनकी टीम से संपर्क करने की बहुत कोशिश की, लेकिन अभिनेत्री कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं।
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अभिनेत्री के न आने से न केवल आयोजकों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, बल्कि उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ। पवन वर्मा का दावा है कि जब उन्होंने बाद में अभिनेत्री से संपर्क किया और पैसे वापस मांगे, तो अमीषा पटेल ने पूरी राशि वापस करने का वादा किया।
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चेक बाउंस और वादाखिलाफी (Cheque Bounce Allegation)

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विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। पवन वर्मा के मुताबिक, जब दबाव बनाया गया तो अमीषा पटेल की ओर से कुछ राशि लौटाई गई। बताया गया है कि अभिनेत्री ने 10 लाख रुपये नकद वापस किए और बाकी बची रकम के लिए 4.50 लाख रुपये का चेक दिया।
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लेकिन समस्या तब और गंभीर हो गई जब पवन वर्मा ने वह चेक बैंक में लगाया और वह 'बाउंस' (Dishonoured) हो गया। चेक बाउंस होने के बाद पवन वर्मा ने दोबारा अभिनेत्री से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद, थक-हारकर पवन वर्मा ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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कोर्ट की कार्यवाही और वारंट (Court Proceedings)

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पवन वर्मा ने मुरादाबाद की अदालत में अमीषा पटेल के खिलाफ धारा 138 (NI Act) और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत परिवाद दायर किया। यह मामला अतिरिक्त सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत में चल रहा है।
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अदालत ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए अमीषा पटेल को अपना पक्ष रखने के लिए कई बार समन (Summons) जारी किए। कानूनी प्रक्रिया के तहत, जब किसी व्यक्ति पर आरोप लगते हैं, तो कोर्ट उसे नोटिस भेजकर बुलाता है। लेकिन आरोप है कि अमीषा पटेल ने इन समन को नजरअंदाज किया और कोर्ट में पेश नहीं हुईं।
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लगातार गैर-हाजिर रहने और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने के कारण, अदालत ने अब सख्त रवैया अपनाया है। अतिरिक्त सिविल जज ने अमीषा पटेल के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी करने का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि पुलिस अब अभिनेत्री को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर सकती है, जब तक कि वे खुद कोर्ट में सरेंडर कर जमानत न ले लें।
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वादी का आरोप: न्याय से भाग रही हैं अमीषा

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इस मामले में वादी पवन वर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं पिछले कई सालों से न्याय के लिए भटक रहा हूं। अमीषा पटेल ने न केवल मेरा पैसा हड़पा है, बल्कि मेरे व्यापारिक साख को भी नुकसान पहुंचाया है। वे एक सेलिब्रिटी हैं, इसका मतलब यह नहीं कि वे कानून से ऊपर हैं। वे जानबूझकर कोर्ट के समन को नजरअंदाज कर रही हैं और न्याय प्रक्रिया से बचने का प्रयास कर रही हैं। अब वारंट जारी होने से मुझे उम्मीद जगी है कि मुझे मेरा पैसा वापस मिलेगा।"
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बचाव पक्ष की दलील: "पैसा लौटा दिया गया है"

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वहीं, दूसरी तरफ अमीषा पटेल के वकीलों ने इन आरोपों का खंडन किया है। अमीषा पटेल के अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने कोर्ट के बाहर मीडिया को बताया कि यह मामला 2017 का है और काफी पुराना है।
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अधिवक्ता अभिषेक शर्मा का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका था और अभिनेत्री ने पूरा पैसा वापस लौटा दिया था। उनका कहना है, "पवन वर्मा इस केस का दुरुपयोग कर रहे हैं और बेवजह मेरी मुवक्किल को परेशान किया जा रहा है। जो विवाद था, वह सुलझा लिया गया था। हम कोर्ट का सम्मान करते हैं। अमीषा पटेल कानून का पालन करने वाली नागरिक हैं और वह जल्द ही कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखेंगी और वारंट रद्द करवाने की प्रक्रिया पूरी करेंगी।"
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कानूनी पहलू: गैर जमानती वारंट का क्या मतलब है?

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भारतीय कानून में गैर जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) तब जारी किया जाता है जब आरोपी जमानती वारंट या समन का सम्मान नहीं करता है, या जब अपराध गंभीर प्रकृति का हो। हालांकि, चेक बाउंस के मामले जमानती अपराध की श्रेणी में आते हैं, लेकिन कोर्ट में पेश न होना 'कोर्ट की अवमानना' माना जाता है।
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अब अमीषा पटेल के पास दो रास्ते हैं:
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    वे तुरंत मुरादाबाद कोर्ट में पेश हों, वारंट रिकॉल (Recall) की अर्जी लगाएं और जमानत लें।
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    वे ऊपरी अदालत (सत्र न्यायालय या हाई कोर्ट) से राहत की मांग करें।
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यदि वे जल्द ही कोर्ट में पेश नहीं होती हैं, तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए मुंबई जा सकती है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
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अमीषा पटेल और विवादों का नाता

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यह पहली बार नहीं है जब अमीषा पटेल चेक बाउंस या धोखाधड़ी के मामले में फंसी हैं। इससे पहले झारखंड की रांची कोर्ट में भी उनके खिलाफ चेक बाउंस का एक मामला काफी सुर्खियों में रहा था, जिसमें उन्हें कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा था और बाद में जमानत मिली थी। उस मामले में फिल्म निर्माता अजय कुमार सिंह ने उन पर ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था।
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मुरादाबाद का यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे कई बार कानूनी दांव-पेंच और वित्तीय विवाद छिपे होते हैं। फिलहाल, मुरादाबाद पुलिस वारंट तामील कराने की तैयारी कर रही है और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमीषा पटेल खुद कोर्ट में पेश होती हैं या पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है।
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मुरादाबाद कोर्ट द्वारा जारी किया गया यह वारंट अमीषा पटेल के लिए एक बड़ा झटका है। 14.50 लाख रुपये की रिकवरी का यह मामला अब एक गंभीर कानूनी लड़ाई में बदल चुका है। जहां एक ओर आयोजक पवन वर्मा इसे न्याय की जीत मान रहे हैं, वहीं अमीषा पटेल की लीगल टीम इसे गलत फहमी और कानून का दुरुपयोग बता रही है। सच्चाई क्या है, यह तो कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही साफ हो पाएगा, लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिन बॉलीवुड अभिनेत्री के लिए तनावपूर्ण रहने वाले हैं।
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मुरादाबाद की एक अदालत ने बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल के खिलाफ 2017 के एक धोखाधड़ी मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया है। आरोप है कि उन्होंने एक शादी समारोह में परफॉर्मेंस के लिए 14.50 लाख रुपये लिए लेकिन नहीं पहुंचीं। बाद में दिया गया 4.50 लाख का चेक भी बाउंस हो गया। कोर्ट के समन की अनदेखी करने पर वारंट जारी किया गया है। बचाव पक्ष का दावा है कि पैसा लौटाया जा चुका है।
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