अपराध की दुनिया में कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जो किसी हॉलीवुड या बॉलीवुड की सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की कहानी को भी पीछे छोड़ देती हैं। मुरादाबाद के नागफनी थाना क्षेत्र के अकबर कंपाउंड इलाके में 11 मई की रात जो कुछ हुआ, वह भी कुछ ऐसा ही था। एक पिता की जीवन भर की कमाई को उसकी अपनी ही बेटी ने प्यार की खातिर चंद मिनटों में लुटवा दिया।READ ALSO:-दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर 'फ्री का सफर' खत्म: एलिवेटेड रोड पर अब हर किलोमीटर का लगेगा पैसा, घर से निकलने से पहले देखें पूरी टोल रेट लिस्ट
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मुरादाबाद पुलिस और एसएसपी सतपाल अंतिल की टीम ने महज कुछ ही दिनों में इस 1.20 करोड़ रुपये और 6 तोला सोने की डकैती का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस खुलासे ने न सिर्फ शहर के लोगों को चौंकाया है, बल्कि रिश्तों के विश्वास पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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पुलिस ने कारोबारी की बेटी अरीबा और उसके बॉयफ्रेंड समेत 5 को गिरफ्तार किया है।

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डकैती की वह काली रात: 11 मई, तड़के 3:40 बजे

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यह खौफनाक वारदात 11 मई की तड़के करीब 3:40 बजे मुरादाबाद के जाने-माने पीतल कारोबारी मोहम्मद इमरान के घर पर हुई। इमरान अकबर कंपाउंड इलाके में अपनी पत्नी सीमा, दो बेटों—अरीब (26) और अरकान (23), तथा दो बेटियों—अरीबा (21) और अलीजा (19) के साथ एक सुखी जीवन व्यतीत कर रहे थे।
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तभी रात के अंधेरे में 8 हथियारबंद बदमाश उनके घर में दाखिल होते हैं। वे सीधे कारोबारी के 26 वर्षीय बेटे अरीब के कमरे में पहुंचते हैं और उसकी कनपटी पर तमंचा तान देते हैं। मौत का खौफ दिखाकर बदमाश घर में रखा 1.20 करोड़ रुपये का भारी कैश और 6 तोला सोने के जेवरात लूट लेते हैं और बड़े ही आराम से अपनी दो कारों में सवार होकर रफूचक्कर हो जाते हैं।
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पुलिस का शक: आखिर बिना ताला टूटे कैसे घुसे बदमाश?

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जब मुरादाबाद पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच शुरू की, तो सबसे पहला और बड़ा सवाल यही था कि कारोबारी इमरान का घर पूरी तरह से हाई-टेक और 'डिजिटल लॉक' से सुरक्षित था। घटनास्थल के मुआयने में पाया गया कि किसी भी दरवाजे का ताला या डिजिटल लॉक बाहर से नहीं तोड़ा गया था।
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बदमाशों की एंट्री इतनी सहज थी, जैसे उन्हें किसी ने खुद दरवाजा खोलकर अंदर बुलाया हो। यहीं से एसएसपी सतपाल अंतिल और उनकी टीम का माथा ठनका। पुलिस को यकीन हो गया कि इस वारदात में किसी 'करीबी' या 'भेदी' का हाथ है। पुलिस ने घर के सभी सदस्यों की कॉल डिटेल्स (CDR), इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और आस-पास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया।
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जांच की सुई जल्द ही कारोबारी की 21 वर्षीय बेटी अरीबा पर जाकर टिक गई। जब पुलिस ने अरीबा से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो राज उगले, उसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
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साजिश की असली वजह: 8 साल पुराना अफेयर और शादी की जिद

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इस पूरी डकैती की नींव आज से 8 साल पहले ही रखी जा चुकी थी। अरीबा (21) का अमरोहा के नौगावां सादात निवासी अरशद वारसी (27) के साथ पिछले 7-8 सालों से गहरा प्रेम प्रसंग (Love Affair) चल रहा था। दोनों एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहते थे। लेकिन, जैसा कि अक्सर होता है, अरीबा के पिता और उसका परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था।
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परिवार की मर्जी के बिना शादी करने और परिवार से दूर जाकर एक ऐशो-आराम की नई जिंदगी शुरू करने के लिए दोनों को भारी पैसों की जरूरत थी। अरीबा जानती थी कि उसके पिता एक बड़े कारोबारी हैं और घर में अक्सर बिजनेस का मोटा कैश रखा रहता है। उसने यह बात अपने बॉयफ्रेंड अरशद को बताई। अरशद ने लालच में आकर कहा, "अगर तुम अपने पिता के घर से मोटा कैश लूटवा दो, तो हमारी बाकी की जिंदगी बड़े आराम से कट जाएगी।" अरीबा प्यार में इतनी अंधी हो चुकी थी कि वह अपने ही परिवार को बर्बाद करने के लिए तैयार हो गई।
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कैसे रची गई 'परफेक्ट क्राइम' की फूलप्रूफ प्लानिंग?

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दोनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम देने के लिए एक फूलप्रूफ मास्टरप्लान बनाया।
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    डुप्लीकेट चाबी: प्लानिंग के तहत, वारदात से करीब एक महीने पहले ही अरीबा ने घर के मुख्य दरवाजे (मेन गेट) की एक डुप्लीकेट चाबी बनवा ली थी और मौका देखकर वह चाबी अरशद को सौंप दी।
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    रेकी और टाइमिंग: अरशद ने डकैती से पहले कई बार कारोबारी के घर और आस-पास के इलाके की रेकी की। उन्होंने 11 मई का दिन चुना।
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    डिजिटल लॉक का बटन: तय प्लान के अनुसार, अरशद अपने 7 साथियों के साथ रात 3:40 बजे पहुंचा। उसने चाबी से मेन गेट खोला। इसके बाद सबसे बड़ी बाधा घर का 'डिजिटल लॉक' था। अरीबा उस रात जाग रही थी, उसने घर के अंदर से ही बटन दबाकर वह डिजिटल लॉक खोल दिया। इसके बाद बदमाशों का रास्ता साफ हो गया।
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बी-फार्मा (B-Pharma) के छात्र बने हथियारबंद लुटेरे

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इस कहानी का एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि डकैती में शामिल बदमाश कोई पेशेवर या पुराने अपराधी नहीं थे। अरीबा के 27 वर्षीय बॉयफ्रेंड अरशद ने अपने 7 दोस्तों को इस लूट का हिस्सा बनाया था। ये सभी लड़के मुरादाबाद के प्रतिष्ठित 'इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड एंड मैनेजमेंट' (IFTM) से बी फार्मा (B-Pharma) जैसी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। रातों-रात अमीर बनने की चाहत ने इन पढ़े-लिखे युवाओं के हाथों में किताबें छोड़कर अवैध तमंचे थमा दिए।
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पुलिस की बड़ी कामयाबी: 5 गिरफ्तार, 47 लाख कैश बरामद

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मुरादाबाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मास्टरमाइंड बेटी और उसके बॉयफ्रेंड समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

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    अरीबा (21) - मुख्य साजिशकर्ता (कारोबारी की बेटी)
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  2. \r\n
  3. \r\n
    अरशद वारसी (27) - अरीबा का प्रेमी, निवासी मकदूमपुर, अमरोहा।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    कुलदीप (26) - निवासी मझोला।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    रवि कुमार (26) - निवासी बिजरा, अमरोहा।
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  8. \r\n
  9. \r\n
    निक्की (21) - निवासी तिगरिया भूड़, गजरौला, अमरोहा।
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  10. \r\n
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पुलिस ने इन आरोपियों के पास से लूटी गई रकम में से 47 लाख 24 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें और कई अवैध हथियार बरामद कर लिए हैं। इस गैंग के 3 अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
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रिश्तों का कत्ल और अंधा प्यार

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मुरादाबाद की यह डकैती महज एक आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि यह रिश्तों के पतन और अंधे प्यार की एक खौफनाक दास्तान है। एक बेटी ने जिस पिता के घर में जन्म लिया, उसी घर को अपने हाथों से लुटवा दिया। वहीं दूसरी ओर, शॉर्टकट से पैसा कमाने की लालच में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने अपना पूरा करियर और भविष्य बर्बाद कर लिया। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई निश्चित रूप से काबिले तारीफ है, जिसने न सिर्फ अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, बल्कि समाज को एक कड़ा संदेश भी दिया है कि अपराध कितना भी 'परफेक्ट' क्यों न हो, कानून के हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं।
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