उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक मदरसे पर सातवीं कक्षा की छात्रा के परिजनों ने बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि पाकबड़ा थाना क्षेत्र स्थित एक मदरसा प्रबंधन ने उनकी 13 वर्षीय बेटी को अगली कक्षा में प्रवेश देने से पहले 'वर्जिनिटी सर्टिफिकेट' (मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट) लाने की मांग की। यह फरमान मुरादाबाद को शर्मसार करने वाला है। सर्टिफिकेट न देने पर छात्रा को मदरसा परिसर से बाहर निकाल दिया गया और उनके साथ अभद्रता भी की गई। चंडीगढ़ निवासी पीड़ित परिजनों ने एसएसपी मुरादाबाद से शिकायत की है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।READ ALSO:-UP में टैक्स न देने वालों पर शिकंजा! हाउस टैक्स, वाटर-सीवर टैक्स की एक साथ वसूली, गड़बड़ी पर अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज
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चरित्र हनन और एडमिशन विवाद

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यह पूरा मामला मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा थाना क्षेत्र स्थित जामिया असानुल बनात गर्ल कॉलेज (मदरसा) से जुड़ा है। बच्ची के परिजनों का आरोप है कि मदरसा कमेटी ने पूरी तरह से अमानवीय और नियम विरुद्ध मांग की है।
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    पीड़ित छात्रा: सातवीं क्लास की छात्रा, जिसकी उम्र 13 साल है और जो चंडीगढ़ की रहने वाली है।
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    विवाद की शुरुआत: मामला उस समय सामने आया जब 14 अक्टूबर को छात्रा के पिता मोहम्मद यूसुफ ने एसएसपी मुरादाबाद से इस संबंध में शिकायत की।
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    परिजनों का आरोप: पीड़ित ने अपने शिकायती पत्र में साफ लिखा है कि मदरसा मैनेजमेंट ने उसका और उसकी बेटी का चरित्र हनन किया।
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8वीं क्लास में एडमिशन के लिए रखी गई शर्त

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परिजनों ने अपनी शिकायत में बताया कि मदरसा कमेटी ने छात्रा को आठवीं क्लास में एडमिशन देने के लिए एक शर्मनाक शर्त रखी।
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    अमानवीय मांग: मैनेजमेंट ने कहा कि पहले उन्हें अपनी बेटी का मेडिकल टेस्ट (वर्जिनिटी टेस्ट) कराकर उसका सर्टिफिकेट लाकर जमा करना होगा।
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    दाखिला रोका: सर्टिफिकेट न देने पर बच्ची को अगली क्लास में एंट्री नहीं दी गई, और परिजनों को मदरसा परिसर से बाहर निकाल दिया गया। इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया।
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    टीसी फॉर्मेट में उल्लेख: पीड़ित परिजनों ने पुलिस को जो टीसी (Transfer Certificate) फॉर्मेट सौंपा है, उस पर साफ तौर से मेडिकल टेस्ट कराने की बात लिखी गई है, जो इस गंभीर आरोप को बल देता है।
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एसपी ने दिए जांच के निर्देश

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इस तरह के सर्टिफिकेट की डिमांड करना न केवल स्कूल/मदरसे के नियमों के विरुद्ध है, बल्कि यह कानूनन भी गलत है। मदरसा मैनेजमेंट के इस अभद्र व्यवहार और अमानवीय मांग से आहत परिजनों ने मैनेजमेंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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    एसपी सिटी का बयान: एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कहा कि, "परिजनों से शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह जांच की जा रही है कि ऐसी डिमांड क्यों की गई। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
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मुरादाबाद की छवि पर सवाल

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यह सनसनीखेज मामला न केवल शिक्षा के क्षेत्र में, बल्कि सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता के लिहाज से भी अत्यंत गंभीर है। इस घटना ने एक प्रतिष्ठित मदरसे की छवि पर सवाल खड़ा कर दिया है और मुरादाबाद जिले को राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम कर दिया है। UP Police की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि मदरसा कमेटी ने किस आधार पर ऐसी शर्मनाक मांग की और क्या इसके पीछे कोई आपराधिक या नियम विरुद्ध मंशा थी।
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