मेरठ में मतदाता सूची (Voter List) को लेकर जिला प्रशासन और चुनाव आयोग ने अब तक का सबसे बड़ा सत्यापन अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। जिले के 2 लाख 84 हजार मतदाताओं (Voters) की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं। ये वो मतदाता हैं जिनका रिकॉर्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहा है या जिन्होंने अपने गणना प्रपत्रों (Enumeration Forms) में पुरानी जानकारी साझा नहीं की है।READ ALSO:-UP Weather LIVE: यूपी में कुदरत का 'कोल्ड अटैक', जम गया खून! 12वीं तक स्कूल बंद; 35 जिलों में 'विजिबिलिटी जीरो' और 70 ट्रेनें लेट
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भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर अब इन सभी संदिग्ध मामलों में 'नोटिस' जारी किए जाएंगे। इस महा-अभियान के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है और जिले भर में 269 अधिकारियों (AERO) की फौज तैनात कर दी है।
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1. क्यों जारी हो रहे हैं नोटिस? (The Reason Behind Notices)
\r\n\r\nविशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया था। इस दौरान मतदाताओं को एक 'गणना प्रपत्र' भरकर देना था।
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- \r\n समस्या की जड़: 2.84 लाख मतदाता ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने अपने फॉर्म में यह जानकारी नहीं दी कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम था या नहीं, या उनका सत्यापन उस सूची से नहीं हो पाया।\r\n \r\n
- \r\n आयोग का एक्शन: अब आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ये मतदाता वैध हैं या नहीं। इसके लिए उन्हें नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n कब मिलेंगे नोटिस: 6 जनवरी को विधानसभा क्षेत्रों की 'ड्राफ्ट वोटर लिस्ट' (Draft Voter List) जारी होगी। इसके तुरंत बाद नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।\r\n \r\n
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2. 269 अधिकारियों की 'स्पेशल टीम' तैयार
\r\n\r\nइतनी बड़ी संख्या में नोटिसों का निस्तारण करना आसान नहीं है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष इंतजाम किए हैं।
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- \r\n किसे मिली जिम्मेदारी: नोटिसों की सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) नियुक्त किए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n संख्या: पूरे मेरठ जनपद की 7 विधानसभा सीटों के लिए कुल 269 AERO तैनात किए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n टारगेट: एक AERO को रोजाना 100 नोटिसों की सुनवाई करनी होगी।\r\n \r\n
- \r\n स्पीड: इस तरह पूरे जिले में प्रतिदिन 26,900 मामलों का निपटारा किया जाएगा। प्रशासन इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र में बड़े हॉल और सरकारी इमारतों की तलाश कर रहा है जहां यह 'अदालत' लग सके।\r\n \r\n
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3. नोटिस मिला तो क्या करना होगा? (What Voters Need to Do)
\r\n\r\nअगर आपके पास भी चुनाव आयोग का नोटिस आता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहने की आवश्यकता है। नोटिस का जवाब देते समय आपको अपनी पहचान और नागरिकता साबित करनी होगी।
\r\n\r\nइन दस्तावेजों की पड़ सकती है जरूरत:
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निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड 2003 की लिस्ट से मैच नहीं हुआ, उन्हें नोटिस के जवाब में निम्नलिखित सबूत देने होंगे:
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- \r\n स्वयं का जन्म प्रमाण: जन्म स्थान और जन्म तिथि का ठोस सबूत।\r\n \r\n
- \r\n माता-पिता का विवरण: माता-पिता के जन्म स्थान और जन्म तिथि के दस्तावेज।\r\n\r\nयह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए है कि वोटर लिस्ट में केवल वैध नागरिक ही शामिल हों।\r\n \r\n
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4. आंकड़ों में मेरठ का 'वोटर गणित' (Data Analysis)
\r\n\r\nमेरठ जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।
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| \r\n विवरण \r\n | \r\n \r\n संख्या \r\n | \r\n
| \r\n कुल मतदाता (Total Voters) \r\n | \r\n \r\n 26,99,820 \r\n | \r\n
| \r\n गणना प्रपत्र वापस मिले \r\n | \r\n \r\n 20.19 लाख \r\n | \r\n
| \r\n 2003 की सूची से सत्यापित हुए \r\n | \r\n \r\n 17,45,723 \r\n | \r\n
| \r\n सत्यापन में फेल/डाटा मिसिंग \r\n | \r\n \r\n 2,84,736 \r\n | \r\n
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इन 2 लाख 84 हजार लोगों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल तो कर लिए गए हैं, लेकिन 'नोटिस' का जवाब देने के बाद ही इनका नाम फाइनल लिस्ट में पक्का माना जाएगा।
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5. किस इलाके में कितने अधिकारी तैनात? (Constituency-wise AERO List)
\r\n\r\nप्रशासन ने विधानसभा वार अधिकारियों (AERO) की सूची जारी कर दी है। सबसे ज्यादा सख्ती 'मेरठ दक्षिण' और 'कैंट' क्षेत्र में देखने को मिलेगी।
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- \r\n मेरठ दक्षिण: 70 अधिकारी (सबसे ज्यादा)\r\n \r\n
- \r\n मेरठ कैंट: 64 अधिकारी\r\n \r\n
- \r\n किठौर: 36 अधिकारी\r\n \r\n
- \r\n सिवालखास: 28 अधिकारी\r\n \r\n
- \r\n मेरठ शहर: 25 अधिकारी\r\n \r\n
- \r\n हस्तिनापुर: 24 अधिकारी\r\n \r\n
- \r\n सरधना: 22 अधिकारी\r\n \r\n
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आगामी चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह एक बड़ा कदम है। 6 जनवरी के बाद जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज होने वाली है। जिन लोगों ने अभी तक अपने दस्तावेज पूरे नहीं किए हैं, उनके लिए यह आखिरी मौका होगा।
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खबरीलाल की सलाह: यदि आपके घर भी नोटिस आता है, तो उसे नजरअंदाज न करें। तय तारीख पर सुनवाई के लिए पहुंचें और अपने दस्तावेज प्रस्तुत करें ताकि आपका वोट सुरक्षित रह सके।
Sabse pehle comment karne wale banein.