कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने एक शातिर 'लुटेरी दुल्हन' को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी पहचान और प्रेम संबंधों का इस्तेमाल कर ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा जाल बिछा रखा था। गिरफ्तार महिला की पहचान दिव्यांशी चौधरी के रूप में हुई है, जिसने चार शादियां कीं और 12 से अधिक लोगों को फर्जी रेप केस में फंसाकर करोड़ों रुपये वसूले।READ ALSO:-'धाकड़ छोरा' की बढ़ी मुश्किलें! फिल्म डायरेक्टर उत्तर कुमार की लोकेशन अमरोहा में ट्रेस्ड, पुलिस की दबिश; महिला वकील बोलीं- 'हो सकती है मेरी हत्या'
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इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि कानपुर लुटेरी दुल्हन दिव्यांशी चौधरी के 10 बैंक खातों में पिछले कुछ वर्षों में आठ करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन मिला है। उसके शिकारों में पुलिसकर्मी, बैंक अधिकारी और डॉक्टर भी शामिल थे।
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फर्जी रेप केस बनाकर ब्लैकमेलिंग का तरीका
\r\n\r\nदिव्यांशी चौधरी पुरुषों से दोस्ती करती, उनसे प्रेम संबंध बनाती और फिर शादी का झूठा झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाती थी। इसके बाद वह अचानक पलट जाती और रेप की झूठी FIR दर्ज करा देती थी।
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- \r\n वसूली: जब पीड़ित व्यक्ति डरकर मामले को सुलझाने की कोशिश करता, तो दिव्यांशी लाखों रुपये की भारी भरकम रकम वसूलती और फिर मामले में फाइनल रिपोर्ट लगवा देती थी।\r\n \r\n
- \r\n शिकार: उसके जाल में अब तक दो बैंक मैनेजर, दो पुलिस दरोगा, डॉक्टर और कई सरकारी कर्मचारी फंस चुके हैं। उसकी चार शादियों में से दो बैंक मैनेजर और दो पुलिस दरोगा थे।\r\n \r\n
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दरोगा की शिकायत से खुली पोल
\r\n\r\nहाल ही में दिव्यांशी ने खुद कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से ग्वालटोली थाने में तैनात दरोगा आदित्य लोचन के खिलाफ शिकायत की थी। उसने आरोप लगाया कि वह दरोगा से शादी कर चुकी है, लेकिन अब वह उसे धोखा दे रहा है और पैसे हड़प रहा है।
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लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो मामला बिल्कुल उलटा निकला। दरोगा आदित्य ने बताया कि शादी के बाद दिव्यांशी लगातार उसे अलग-अलग तरीकों से पैसे देने के लिए मजबूर कर रही थी और धमकी देती थी। इस शिकायत ने दिव्यांशी के कारनामों की पूरी पोल खोल दी।
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₹8 करोड़ का लेन-देन और पुलिसकर्मियों की भूमिका
\r\n\r\nपुलिस जांच में पता चला कि कानपुर लुटेरी दुल्हन दिव्यांशी चौधरी का नेटवर्क सिर्फ अकेले नहीं चल रहा था, बल्कि यह एक संगठित ब्लैकमेल-वसूली गैंग था। उसके 10 बैंक खातों में मिले ₹8 करोड़ के लेन-देन में से कुछ हिस्सा मेरठ जोन के एक दरोगा, एक इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों को भी ट्रांसफर किया गया था।
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पुलिस को शक है कि कुछ पुलिसकर्मी इस ब्लैकमेलिंग रैकेट में दिव्यांशी की मदद कर रहे थे। पुलिस ने पुष्टि की है कि वह एक दर्जन से अधिक लोगों को ठग चुकी है। उसके खातों में मिली भारी रकम से यह स्पष्ट है कि यह गोरखधंधा कई वर्षों से चल रहा था।
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अगली कार्रवाई और जांच का दायरा
\r\n\r\nपुलिस का कहना है कि दिव्यांशी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि वह एक संगठित वसूली गैंग का हिस्सा थी। फिलहाल, कानपुर लुटेरी दुल्हन दिव्यांशी चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके पूरे नेटवर्क की जांच तेजी से जारी है। पुलिस उन सभी बैंक खातों और पुलिसकर्मियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है, जिन्हें दिव्यांशी द्वारा पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
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कानपुर पुलिस ने चार शादियां करने और दर्जनों लोगों को फर्जी रेप केस में फंसाकर करोड़ों रुपये वसूलने वाली शातिर 'लुटेरी दुल्हन' कानपुर लुटेरी दुल्हन दिव्यांशी चौधरी को गिरफ्तार किया है। उसके 10 खातों में ₹8 करोड़ का लेन-देन सामने आया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसके ब्लैकमेलिंग गैंग में कौन-कौन से पुलिसकर्मी और अन्य लोग शामिल थे।
Sabse pehle comment karne wale banein.