उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने सोमवार रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध Cough Syrup (कफ सिरप) की तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। एक गोदाम पर छापे के दौरान, चार ट्रकों में छिपाकर रखी गई करीब ₹4 करोड़ मूल्य की प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की गई। यह खेप चूने और सड़े चावल की बोरियों के नीचे छिपाकर यूपी-दिल्ली के रास्ते बांग्लादेश भेजी जानी थी। पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी सौरव त्यागी समेत सात तस्करों को गिरफ्तार किया है, साथ ही ₹20 लाख नकद और एक क्रेटा कार भी जब्त की गई है।READ ALSO:-रील का 'खूनी' जुनून! मेरठ हाईवे पर चलती कार को बनाया 'पटाखा लॉन्चर', पेट्रोल पंप के पास मौत को दावत, SSP बोले- 'बख्शे नहीं जाएंगे'
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सोनभद्र पुलिस की सूचना पर कार्रवाई
\r\n\r\nइस बड़े खुलासे के पीछे सोनभद्र पुलिस की महत्वपूर्ण जानकारी थी।
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- \r\n जुड़े तार: हाल ही में सोनभद्र में कफ सिरप की एक बड़ी खेप पकड़ी गई थी। जांच में पता चला कि वह खेप गाजियाबाद से भेजी गई थी।\r\n \r\n
- \r\n टीम का गठन: सोनभद्र एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देश पर, एसआई घनश्याम तिवारी की अगुवाई में एक टीम को गाजियाबाद भेजा गया।\r\n \r\n
- \r\n दबिश: सोनभद्र टीम ने गाजियाबाद पुलिस और औषधि विभाग के साथ मिलकर गोदाम पर दबिश दी और चार ट्रकों में भरा माल बरामद किया।\r\n \r\n
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मास्टरमाइंड और सप्लाई नेटवर्क का खुलासा
\r\n\r\nएडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार गिरोह के तार बांग्लादेश तक जुड़े हैं।
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- \r\n मुख्य आरोपी: गिरफ्तार आरोपियों में सौरव त्यागी को कफ सिरप तस्करी का मुख्य आरोपी बताया गया है, जिसके पास इंदिरापुरम स्थित RS फार्मा फर्म का लाइसेंस है।\r\n \r\n
- \r\n ट्रांसपोर्टर: संतोष भड़ाना मुख्य ट्रांसपोर्टर है, जिसके गोदाम से सिरप ट्रकों में लादा गया था।\r\n \r\n
- \r\n NCR नेटवर्क: सौरव त्यागी फर्जी फार्मा कंपनियों के नाम पर नई दिल्ली की वान्या इंटरप्राइजेज (जो लैबोरेट फार्मा और एबॉट फार्मा की कैरी एंड फॉरवर्ड यूनिट है) से कोडीन युक्त सिरप खरीदता था।\r\n \r\n
- \r\n भंडारण: सिरप को बाद में बरेली-गोरखपुर ट्रांसपोर्ट के गोदाम (मछली गोदाम परिसर) में चूने और सड़े चावल की बोरियों के नीचे छिपाकर रखा जाता था।\r\n \r\n
- \r\n वितरण रूट: मांग आने पर सौरव त्यागी ट्रकों में माल झारखंड, बिहार, बंगाल और असम आदि राज्यों में भेजता था, जहां से यह बांग्लादेश तस्करी होता था।\r\n \r\n
- \r\n अन्य सरगना: नेटवर्क के मुख्य सरगना मेरठ निवासी आसिफ और वसीम तथा वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल हैं, जो देशभर से सिरप खरीदकर बांग्लादेश भेजते थे।\r\n \r\n
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औषधि विभाग और पुलिस की जांच
\r\n\r\nपुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ के निर्देश पर देर रात तक अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी चलती रही।
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- \r\n जांच: एडीजीपी पीयूष कुमार सिंह ने पुष्टि की कि 4 करोड़ के इस माल को बांग्लादेश भेजने की तैयारी थी।\r\n \r\n
- \r\n औषधि विभाग की भूमिका: औषधि विभाग ने बरामद सिरप के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट से यह साफ होगा कि सिरप नकली है या टैक्स चोरी कर बाहर सप्लाई की जा रही थी।\r\n \r\n
- \r\n कर्मचारी शामिल: गिरफ्तार कर्मचारियों में शादाब और शिवाकांत (सौरव के कर्मचारी) तथा अम्बुज (ट्रांसपोर्ट गोदाम का कर्मचारी) शामिल हैं, जो माल लोड करने और छिपाने का काम करते थे।\r\n \r\n
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कानपुर कनेक्शन और बड़े नेटवर्क का शक
\r\n\r\nइस खुलासे से दो दिन पहले कानपुर में भी कोडीन युक्त सिरप की बड़ी खेप (2.20 लाख शीशियां) पकड़ी गई थी, जो एक नकली दवा के कारोबार से जुड़ी थी।
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- \r\n कानपुर कनेक्शन: कानपुर के मां दुर्गा मेडिकोज और बालाजी मेडिकल स्टोर पर भी छापा पड़ा था, जहां से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सिरप और नशे की गोलियां मिली थीं।\r\n \r\n
- \r\n शक: पुलिस को शक है कि यह एक बड़ा गिरोह है, जिसके तार कई राज्यों और उच्च स्तर तक जुड़े हो सकते हैं।\r\n \r\n
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आज होगा पूरे नेटवर्क का खुलासा
\r\n\r\nइस रैकेट के खुलासे के बाद गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ के निर्देश पर मंगलवार दोपहर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे नेटवर्क का विस्तृत खुलासा कर सकती है। यह कार्रवाई भारत से बांग्लादेश तक फैले प्रतिबंधित दवाओं के एक बड़े तस्कर नेटवर्क को तोड़ने में सफल रही है।
Sabse pehle comment karne wale banein.