लखनऊ/मेरठ: उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Expressway) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। यूपीडा (UPEIDA) ने इस एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय कर दी है। यह प्रदेश का पहला ऐसा एक्सप्रेस-वे होगा जहां कानूनी तौर पर इतनी तेज रफ्तार की अनुमति दी गई है। अब तक यमुना एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर अधिकतम गति सीमा 100 किमी/घंटा ही थी।READ ALSO:-खौफनाक VIDEO: कार की टक्कर से 10 फीट हवा में उड़े बाइक सवार, शादी से लौट रहे क्लर्क की मौत; गाड़ी पर लिखा था- 'जिला उपाध्यक्ष'
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जनवरी 2026 में इसके लोकार्पण के साथ ही पश्चिमी यूपी से पूर्वी यूपी का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा।
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जनवरी 2026 में जनता को समर्पित होगा एक्सप्रेस-वे

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मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनवरी 2026 में इसे जनता को समर्पित करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेस-वे को 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य) बनाया गया है। इसकी डिजाइन, सड़क की चौड़ाई और घुमाव (Curves) को हाई-स्पीड ट्रैफिक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे 120 की रफ्तार पर भी वाहन सुरक्षित रहेंगे।
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वाहन और स्पीड लिमिट: क्या हैं नए नियम?

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यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री हरि सिंह ने बताया कि नई स्पीड लिमिट से यात्रा का समय काफी कम होगा, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वाहनों की श्रेणी के अनुसार स्पीड लिमिट इस प्रकार होगी:
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    हल्के वाहन (कार, जीप): 120 किलोमीटर प्रति घंटा।
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    भारी वाहन (बस, ट्रक): 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा।
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ओवर-स्पीडिंग पर नजर रखने के लिए पूरे रूट पर हाईटेक ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम और कैमरे लगाए गए हैं। नियम तोड़ने वालों का ऑटोमैटिक चालान कटेगा। 
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मेरठ से प्रयागराज: 12 घंटे का सफर अब 6 घंटे में

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इस गंगा एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी खासियत इसकी कनेक्टिविटी है। यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों (मेरठ, हापुड़, बुलिंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) को आपस में जोड़ता है।
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वर्तमान में साधारण रास्तों से मेरठ से प्रयागराज जाने में 12 से 14 घंटे का समय लगता है, जो इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद घटकर महज 6-7 घंटे रह जाएगा। माघ मेला और कुंभ जैसे बड़े आयोजनों में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा। इसके अलावा, पश्चिमी यूपी के उद्योगों को पूर्वी भारत तक माल ढुलाई में बड़ी राहत मिलेगी।
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इमरजेंसी लैंडिंग और सुरक्षा फीचर्स

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सुरक्षा के लिहाज से गंगा एक्सप्रेस-वे को वर्ल्ड क्लास बनाया गया है।
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    शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी बनाई गई है, ताकि आपातकालीन स्थिति में वायुसेना के लड़ाकू विमान उतर सकें।
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    इमरजेंसी कॉल बॉक्स और एंबुलेंस की सुविधा हर समय उपलब्ध रहेगी।
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    घने कोहरे के दौरान सुरक्षा के लिए विशेष रिफ्लेक्टिव मार्कर्स लगाए गए हैं।
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गंगा एक्सप्रेस-वे का शुरू होना उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। जनवरी में उद्घाटन के बाद यूपी के लोग पहली बार अपनी कारों को 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ा सकेंगे। यह परियोजना न केवल यात्रा को सुगम बनाएगी बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगी।
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