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लखनऊ/मेरठ | विशेष संवाददाता
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उत्तर प्रदेश में फरवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम ने जो रौद्र रूप दिखाया है, उसने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश इस समय मौसम के दोहरे मार (Double Attack) को झेल रहा है। एक तरफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) में आसमानी आफत ओलों और बारिश के रूप में बरसी है, जिससे नज़ारा किसी पहाड़ी हिल स्टेशन जैसा हो गया है। वहीं, दूसरी तरफ पूर्वी उत्तर प्रदेश (Purvanchal) और मध्य यूपी घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा हुआ है, जहाँ सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं।
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\r\nRead also:-मेरठ: गृहकर के लिए अब नहीं लगाने पड़ेंगे निगम के चक्कर; बिल देखने से लेकर आपत्ति दर्ज कराने तक—सब कुछ हुआ 'डिजिटल'
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मौसम विभाग (IMD) ने अगले 72 घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए 31 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। यह बेमौसम बरसात और कड़ाके की ठंड न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी खेती-किसानी के लिए भी घातक साबित हो रही है।
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1. पश्चिमी यूपी: जब सड़कों पर चलानी पड़ी 'बर्फ' हटाने की मुहिम

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शनिवार की देर रात और रविवार की सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं रही। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, अमरोहा और बिजनौर समेत 15 जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली।
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मटर के दाने बराबर ओले, फावड़े से हटाने पड़ी बर्फ

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अमरोहा और शामली के कई इलाकों में मंजर ऐसा था मानो यह उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि शिमला या मनाली हो। यहाँ मटर के दाने के बराबर और कई जगहों पर उससे भी बड़े ओले गिरे। ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि:
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    सड़कों पर 2 से 3 इंच मोटी बर्फ की परत जम गई।
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    वाहनों के पहिए थम गए और फिसलन के कारण कई दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हुए।
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    स्थानीय निवासियों को अपने घरों के दरवाजों और छतों से बर्फ हटाने के लिए फावड़ों (Shovels) का इस्तेमाल करना पड़ा।
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    मुजफ्फरनगर के चरथावल और बिजनौर के चांदपुर में रात 1 बजे से शुरू हुई गरज-चमक ने लोगों की नींद उड़ा दी।
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तापमान में भारी गिरावट

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इस ओलावृष्टि के तुरंत बाद चली ठंडी हवाओं ने तापमान को लुढ़का दिया है। दिन का तापमान सामान्य से 5-6 डिग्री नीचे चला गया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से चल रही हवाओं ने लोगों को दिन में भी रजाई में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।
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2. पूर्वांचल और मध्य यूपी: कोहरे का 'गैस चैंबर' और ठिठुरन

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जहाँ पश्चिम में बारिश ने भिगोया, वहीं पूरब में कोहरे ने दृश्यता (Visibility) को शून्य कर दिया। लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या और प्रयागराज समेत 25 जिलों में 'कोल्ड डे' (Cold Day) जैसी स्थिति बनी हुई है।
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    बर्फीली हवाएं: पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी के बाद वहां से मैदानी इलाकों की ओर आ रही शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं (North-Western Winds) ने गलन बढ़ा दी है।
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    सन्नाटा: रविवार की सुबह लखनऊ और आस-पास के जिलों में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जो इक्का-दुक्का लोग सड़कों पर निकले, उनके हाथ-पैर सुन्न हो रहे थे।
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    अलाव का सहारा: सड़क किनारे रिक्शा चालक, मजदूर और राहगीर नगर निगम द्वारा जलाए गए अलाव तापते नजर आए।
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मौसम वैज्ञानिक का बयान (लखनऊ):

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“पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ा दी है। हरदोई में सबसे कम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अगले 48 घंटों तक राहत के आसार कम हैं।” — अतुल सिंह, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक
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3. रफ़्तार पर ब्रेक: रेल, सड़क और हवाई यातायात ध्वस्त

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खराब मौसम का सबसे बुरा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। कोहरे और बारिश ने परिवहन विभाग की कमर तोड़ दी है।
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रेलवे का हाल (Trains Delayed)

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उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे की 30 से अधिक प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 4 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं।
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    दिल्ली-हावड़ा रूट और दिल्ली-लखनऊ रूट सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
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    शताब्दी और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी देरी का शिकार हुई हैं।
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    स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ है, जो ठंड में ठिठुरते हुए अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं।
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हवाई यात्रा (Flights Affected)

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लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट और वाराणसी एयरपोर्ट पर कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण कई उड़ानें देरी से उड़ीं। सुबह की कुछ फ्लाइट्स को डायवर्ट करने की भी खबर है।
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सड़क हादसों में बहा खून

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कोहरे ने सड़कों को जानलेवा बना दिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर प्रदेश में:
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    4 बड़े सड़क हादसे दर्ज किए गए।
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    आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और अन्य हाईवे पर कुल 15 गाड़ियां आपस में टकरा गईं।
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    इन हादसों में 20 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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4. अन्नदाता की आंखों में आंसू: खेती को 'अपूरणीय' क्षति

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इस बारिश और ओलावृष्टि ने सबसे गहरा जख्म किसानों को दिया है। खेतों में खड़ी लहलहाती फसलें, जो कटने की तैयारी में थीं, अब जमीन पर बिछ गई हैं।
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विशेषज्ञों का आकलन: 20% उत्पादन घटने का डर

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कृषि विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ सिंह ने स्थिति को चिंताजनक बताया है। उनके अनुसार:
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    गेहूं (Wheat): तेज हवा और बारिश के कारण गेहूं की फसल गिर गई है (Lodging)। इस अवस्था में दाने में दूध नहीं भर पाएगा, जिससे दाना हल्का और कमजोर रह जाएगा। इससे सीधे तौर पर उत्पादन गिरेगा।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    सरसों (Mustard): सरसों की फसल पकने की कगार पर थी। ओलावृष्टि से सरसों की फलियां टूटकर गिर गई हैं और दाने बिखर गए हैं। खेतों में पानी भरने से जड़ें सड़ने का खतरा है।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    आलू और सब्जी (Potato & Vegetables): आलू की फसल में पहले से ही झुलसा रोग (Blight Disease) का खतरा था, अब नमी बढ़ने से आलू के सड़ने की आशंका बढ़ गई है। गोभी, टमाटर और मटर की फसल ओलों की मार से पूरी तरह नष्ट हो गई है।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    गन्ना (Sugarcane): गन्ने की फसल गिरने से उसमें शुगर रिकवरी कम हो जाएगी।
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  8. \r\n
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“सब्जी की खेती करने वाले छोटे किसानों की कमर टूट गई है। अगर अगले दो दिन धूप नहीं निकली, तो रबी की फसलों का नुकसान 30% तक जा सकता है।” — किसान रामपाल सिंह, शामली
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5. मौसम विज्ञान: आखिर क्यों बदला मौसम का मिजाज?

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आम जनता के मन में यह सवाल है कि फरवरी में जब ठंड कम होनी चाहिए, तब यह 'यू-टर्न' क्यों?
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स्काईमेट वेदर और IMD का विश्लेषण:

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लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि इसके पीछे मुख्य कारण एक सशक्त पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है।
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    सिस्टम: यह सिस्टम वर्तमान में पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर के ऊपर बना हुआ है।
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    प्रभाव: यह 2 फरवरी तक उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा।
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    मैकेनिज्म: हिमालय क्षेत्र में हो रही भारी बर्फबारी से टकराकर हवाएं जब मैदानी इलाकों (Indo-Gangetic Plains) में आ रही हैं, तो यहाँ नमी के साथ मिलकर बारिश और कोहरा पैदा कर रही हैं।
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  • \r\n
    चेतावनी: गंगा के मैदानी इलाकों में शीतलहर (Cold Wave) की वापसी हो सकती है।
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6. जिला-वार मौसम का हाल (Ground Report)

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हमारी टीम ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से जो ग्राउंड रिपोर्ट जुटाई है, वह इस प्रकार है:
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जिला/शहर
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वर्तमान स्थिति
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तापमान (न्यूनतम)
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विशेष टिप्पणी
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बरेली
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बारिश और सर्द हवाएं
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9°C
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1 से 3 फरवरी तक भारी बारिश का अलर्ट। ओस से गलन बढ़ी।
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आगरा
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गरज के साथ बारिश
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11°C
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दिन में बादल छाए रहेंगे, AQI 308 (खराब श्रेणी) दर्ज।
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मेरठ
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हल्की ओलावृष्टि के बाद साफ
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6.8°C
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आज 5 मिमी बारिश की संभावना, रात में ओले गिरे।
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गाजियाबाद
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बूंदाबांदी
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11°C
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5 दिन में दूसरी बार मौसम बदला, हवा 6 किमी/घंटा।
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शामली
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भारी ओलावृष्टि (Red Alert)
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झिंझाना में सड़कों पर सफेद चादर, फिसलन से यातायात प्रभावित।
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अमरोहा
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ओलों के ढेर
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लोगों के दरवाजों पर ओलों का ढेर, फसलें जमीन पर।
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बिजनौर
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तेज बारिश
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तड़के 3 बजे से 3 घंटे लगातार बारिश, तापमान में भारी गिरावट।
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मुजफ्फरनगर
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झमाझम बारिश
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चरथावल क्षेत्र में ओले, किसानों में भारी निराशा।
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अयोध्या
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घना कोहरा
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रामनगरी कोहरे की चादर में, अगले 2 दिन ठंड बढ़ने के आसार।
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संभल
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कोहरा + बारिश
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8°C
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विजिबिलिटी 20 मीटर, AQI 161, दिन में अँधेरा।
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हाथरस
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जलभराव
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11°C
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बारिश से शहर में पानी भरा, बाजारों में सन्नाटा।
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लखनऊ
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'कोल्ड डे'
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भीषण कोहरा, हाइवे पर रफ़्तार धीमी, धूप निकलने के आसार कम।
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अलीगढ़
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बूंदाबांदी
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8°C
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शीतलहर जारी, ठिठुरन ने बढ़ाया ठंड का एहसास।
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7. अगले 72 घंटे: अलर्ट और चेतावनी 

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मौसम विभाग ने 1 फरवरी से 3 फरवरी तक के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।
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    कोल्ड-डे अलर्ट (18 जिले): महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, संतकबीरनगर, बस्ती समेत तराई वाले जिलों में दिन का तापमान बहुत कम रहेगा।
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    बारिश का अलर्ट (31 जिले): पश्चिमी यूपी और ब्रज क्षेत्र के जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने (Lightning) की भी संभावना है।
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    हवा की गति: 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं।
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8. हेल्थ और सेफ्टी एडवाइजरी

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बदलते मौसम में बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
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    हृदय रोगी (Heart Patients): अत्यधिक ठंड में नसें सिकुड़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। सुबह जल्दी टहलने से बचें और शरीर को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढककर रखें।
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  3. \r\n
    बच्चे और बुजुर्ग: निमोनिया और सर्दी-जुकाम से बचने के लिए कान और सिर को ढककर रखें। गुनगुना पानी पिएं।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    वाहन चालक: कोहरे में फॉग लाइट्स (Fog Lights) का प्रयोग करें। अपनी लेन में चलें और आगे चल रही गाड़ी से उचित दूरी बनाए रखें। अगर विजिबिलिटी जीरो हो, तो गाड़ी सड़क किनारे खड़ी कर दें और पार्किंग लाइट जला दें।
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  6. \r\n
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उत्तर प्रदेश में मौसम का यह मिजाज अभी कुछ दिन और परेशान करेगा। जहाँ एक तरफ यह बारिश वायु प्रदूषण (AQI) को कम करने में मददगार साबित हो सकती है, वहीं किसानों के लिए यह किसी आपदा से कम नहीं है। प्रशासन ने सभी जिलों में रैन बसेरों को सक्रिय करने और अलाव की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
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खबर पर हमारी नजर बनी हुई है। पल-पल के मौसम अपडेट के लिए जुड़े रहें 'खबरीलाल' के साथ।
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FAQ: मौसम अपडेट से जुड़े सवाल

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प्रश्न: यूपी में बारिश कब तक होगी?
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उत्तर: मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर 2 फरवरी तक रहेगा। 3 फरवरी के बाद मौसम खुलने की संभावना है, लेकिन ठंड बरकरार रहेगी।
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प्रश्न: क्या स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है?
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उत्तर: अभी तक राज्य स्तर पर छुट्टी का आदेश नहीं है, लेकिन जिला अधिकारी (DM) स्थानीय मौसम को देखते हुए फैसला ले सकते हैं। अपने स्कूल के नोटिस बोर्ड पर नजर रखें।
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प्रश्न: किसानों को नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
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उत्तर: जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ली है, उन्हें 72 घंटे के भीतर कृषि विभाग या बीमा कंपनी को सूचित करना होगा ताकि सर्वे हो सके।
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