अमरोहा, उत्तर प्रदेश: देश की राजधानी नई दिल्ली में लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हृदय विदारक घटना में अमरोहा के दो दोस्तों, डीटीसी परिचालक अशोक कुमार और खाद व्यापारी लोकेश अग्रवाल, की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों आपस में मिलने पहुंचे थे, लेकिन नियति ने कुछ और ही तय कर रखा था।READ ALSO:-बिजनौर: नूरपुर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, लाखों की चोरी का खुलासा, शातिर अभियुक्त लैपटॉप सहित गिरफ्तार
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अस्पताल से लौटते हुए लोकेश, मिलने पहुंचे अशोक यह दर्दनाक घटना 10 नवंबर को तब हुई, जब अमरोहा के हसनपुर के रहने वाले खाद व्यापारी लोकेश अग्रवाल दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती अपनी समधन को देखने गए थे। अस्पताल में अपनी रिश्तेदार से मिलने के बाद शाम के समय जब लोकेश फ्री हुए, तो उन्होंने अपने पुराने साथी अशोक कुमार से मिलने का मन बनाया। अशोक कुमार अमरोहा के मंगरोला गांव का रहने वाला था और दिल्ली डीटीसी में परिचालक के रूप में कार्यरत था।
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लोकेश ने अशोक को फोन किया और उसे दिल्ली के लाल किले के पास मिलने के लिए बुला लिया। दोनों दोस्त अपनी दिनचर्या की सामान्य मुलाकात के लिए वहां पहुंचे थे, लेकिन वहां मौत उनका इंतजार कर रही थी।
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ब्लास्ट में दो दोस्तों की दर्दनाक मौत जब लोकेश से मिलने के लिए अशोक तय जगह पर पहुंचा, उसी दौरान लाल किले के पास एक कार में भीषण धमाका हुआ। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि लोकेश अग्रवाल और अशोक कुमार दोनों उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। एक पल में दो हंसते-खेलते जीवन और दो परिवारों का सहारा छीन लिया गया।
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परिवारों में कोहराम इस भीषण हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। मृतक लोकेश अग्रवाल के परिजनों ने बताया कि लोकेश सोमवार को अस्पताल में भर्ती अपनी समधन को देखने दिल्ली गया था। अस्पताल से फ्री होने के बाद उन्होंने अशोक को फोन किया और मिलने की बात कही। इसके बाद अशोक उनसे मिलने के लिए लाल किला पहुंचा, जहां दोनों एक साथ इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए।
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परिवार का इकलौता सहारा था अशोक अशोक की मौत ने उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। अशोक अपने पीछे अपनी पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे को छोड़ गया है। वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। इस दर्दनाक हादसे के बाद हर किसी की जुबान पर बस यही बात है कि "हे ईश्वर, किसी को ऐसा दिन न दिखाना।"
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